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तौकते से कोंकण के किसान-मछुआरों की टूटी कमर, भारी बारिश से फसलों को हुआ काफी नुकसान
तौकते से कोंकण के किसान-मछुआरों की टूटी कमर, भारी बारिश से फसलों को हुआ काफी नुकसान

By Shirish Khare

तौकते चक्रवात के कारण महाराष्ट्र के समुद्री किनारे के एक बहुत बड़े क्षेत्र में मछुआरों के साथ-साथ किसानों और अन्य नागरिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। रिहायशी इलाकों में भी जगह-जगह भरा पानी। कई जिलों में इमारतों को भी हुआ नुकसान।

तौकते चक्रवात के कारण महाराष्ट्र के समुद्री किनारे के एक बहुत बड़े क्षेत्र में मछुआरों के साथ-साथ किसानों और अन्य नागरिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। रिहायशी इलाकों में भी जगह-जगह भरा पानी। कई जिलों में इमारतों को भी हुआ नुकसान।

मुंबई से कोंकण तक मछुआरों की रोजीरोटी पर जबर्दस्त मार, कोरोना पाबंदी का नया नियम बना मुसीबत
मुंबई से कोंकण तक मछुआरों की रोजीरोटी पर जबर्दस्त मार, कोरोना पाबंदी का नया नियम बना मुसीबत

By Shirish Khare

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई और उससे लगे कोंकण के समुद्री तटों पर सुस्त पड़ा मछली कारोबार, सुबह 9 से 11 बजे तक कारोबार करने के नियम की वजह से कारोबारियों और छोटे दुकानदारों को हो रही दिक्कत। कारोबारियों ने सरकार व प्रशासन से इसे दोपहर 2 बजे तक बढ़ाने की रखी मांग।

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई और उससे लगे कोंकण के समुद्री तटों पर सुस्त पड़ा मछली कारोबार, सुबह 9 से 11 बजे तक कारोबार करने के नियम की वजह से कारोबारियों और छोटे दुकानदारों को हो रही दिक्कत। कारोबारियों ने सरकार व प्रशासन से इसे दोपहर 2 बजे तक बढ़ाने की रखी मांग।

महाराष्ट्र : लगातार दूसरे साल लॉकडाउन के चलते कर्ज में डूबे लोक कलाकारों की जिंदगी बनी 'तमाशा'
महाराष्ट्र : लगातार दूसरे साल लॉकडाउन के चलते कर्ज में डूबे लोक कलाकारों की जिंदगी बनी 'तमाशा'

By Shirish Khare

महाराष्ट्र में मुंबई की फिल्मी दुनिया की चकाचौंध से अलग प्रदेश में हजारों तमाशा कलाकार भी हैं. जो लोगों का मनोरंजन करते हैं, लेकिन पिछले दो साल से सब कुछ बंद है। वजह है कोरोना के चलते लगाई गईं पाबंदियां। तमाशा मंडल से जुड़े हजारों कलाकारों के सामने आज भूखे से मरने की नौबत आ गई है। कर्ज में डूबे इन कलाकारों ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है, कि उन्हें भी कुछ राहत दी जाए।

महाराष्ट्र में मुंबई की फिल्मी दुनिया की चकाचौंध से अलग प्रदेश में हजारों तमाशा कलाकार भी हैं. जो लोगों का मनोरंजन करते हैं, लेकिन पिछले दो साल से सब कुछ बंद है। वजह है कोरोना के चलते लगाई गईं पाबंदियां। तमाशा मंडल से जुड़े हजारों कलाकारों के सामने आज भूखे से मरने की नौबत आ गई है। कर्ज में डूबे इन कलाकारों ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है, कि उन्हें भी कुछ राहत दी जाए।

महाराष्ट्र: कोरोना के कारण दूसरे साल भी बंद हैं बैल बाजार, खरीफ बुवाई में हो सकती है परेशानी
महाराष्ट्र: कोरोना के कारण दूसरे साल भी बंद हैं बैल बाजार, खरीफ बुवाई में हो सकती है परेशानी

By Shirish Khare

किसानों के लिए समय सबसे महत्वपूर्ण होता है, जब खरीफ फसलों के लिए बुवाई के लिए बैल खरीदते हैं, लेकिन कोराना के चलते महाराष्ट्र में लगे लॉकडाउन ने इनकी मुसीबत बढ़ा दी है, क्योंकि लॉकडाउन के चलते पशु बाजार बंद हो गए हैं। जबकि किसानों के लिए अप्रैल-मई महीने सबसे अहम होते हैं।

किसानों के लिए समय सबसे महत्वपूर्ण होता है, जब खरीफ फसलों के लिए बुवाई के लिए बैल खरीदते हैं, लेकिन कोराना के चलते महाराष्ट्र में लगे लॉकडाउन ने इनकी मुसीबत बढ़ा दी है, क्योंकि लॉकडाउन के चलते पशु बाजार बंद हो गए हैं। जबकि किसानों के लिए अप्रैल-मई महीने सबसे अहम होते हैं।

महाराष्ट्र: साप्ताहिक बाजारों की बंदी ने तोड़ी काजू के किसानों की कमर, आधी कीमत पर काजू बेचने को हुए मजबूर
महाराष्ट्र: साप्ताहिक बाजारों की बंदी ने तोड़ी काजू के किसानों की कमर, आधी कीमत पर काजू बेचने को हुए मजबूर

By Shirish Khare

कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण को रोकने के लिए राज्य सरकार ने 1 मई तक बंद कर रखे हैं साप्ताहिक बाजार, प्रदेश में सबसे ज्यादा काजू उत्पादन करने वाले सिंधुदुर्ग, सांगली और कोल्हापुर आदि जिलों के किसानों को हो रही दिक्कत।

कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण को रोकने के लिए राज्य सरकार ने 1 मई तक बंद कर रखे हैं साप्ताहिक बाजार, प्रदेश में सबसे ज्यादा काजू उत्पादन करने वाले सिंधुदुर्ग, सांगली और कोल्हापुर आदि जिलों के किसानों को हो रही दिक्कत।

कोरोना का असर: कोंकण के हापुस आम उत्पादक किसान परेशान,  उत्पादन और निर्यात दोनों कम
कोरोना का असर: कोंकण के हापुस आम उत्पादक किसान परेशान, उत्पादन और निर्यात दोनों कम

By Shirish Khare

कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण रखने की कोशिशों के चलते विदेशी विमान सेवाएं प्रभावित हुईं हैं जिससे हर वर्ष बड़ी मात्रा में होने वाले हापुस आमों का विदेशी निर्यात इस बार कम होने की आशंका है।

कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण रखने की कोशिशों के चलते विदेशी विमान सेवाएं प्रभावित हुईं हैं जिससे हर वर्ष बड़ी मात्रा में होने वाले हापुस आमों का विदेशी निर्यात इस बार कम होने की आशंका है।

संवाद: निजी निवेश से क्या कृषि क्षेत्र को होगा लाभ या बढ़ेंगी किसानों की मुश्किलें?
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By Shirish Khare

क्या निजी कंपनियां मंडियों को बनाने में रूचि रखती हैं और यदि रखती हैं तो उनके अपने क्या हित, सहूलियतें और मांगें हैं?

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