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श्रम कानूनों में बदलाव का विश्लेषण क्यों जरूरी है?
श्रम कानूनों में बदलाव का विश्लेषण क्यों जरूरी है?

By Suvigya Jain

मंदी से निपटने की जल्दबाजी में श्रम कानूनों में किए जा रहे बदलाव मजदूरों के सुरक्षा कवच को खत्म करते ज़्यादा दिख रहे हैं।

मंदी से निपटने की जल्दबाजी में श्रम कानूनों में किए जा रहे बदलाव मजदूरों के सुरक्षा कवच को खत्म करते ज़्यादा दिख रहे हैं।

बजट से पहले चर्चा में कृषि का आना शुभ संकेत
बजट से पहले चर्चा में कृषि का आना शुभ संकेत

By Suvigya Jain

देश की मौजूदा माली हालत के नजरिए से भी कृषि क्षेत्र की अहमियत को समझा जाना चाहिए। यह भी देखा जा सकता है कि देश की आर्थिकी में कृषि का योगदान कम नहीं होता।

देश की मौजूदा माली हालत के नजरिए से भी कृषि क्षेत्र की अहमियत को समझा जाना चाहिए। यह भी देखा जा सकता है कि देश की आर्थिकी में कृषि का योगदान कम नहीं होता।

गिरती जीडीपी की चिंता में कृषि क्षेत्र फिर हाशिए पर
गिरती जीडीपी की चिंता में कृषि क्षेत्र फिर हाशिए पर

By Suvigya Jain

हदें तोड़ता वायु प्रदूषण, काम के हैं दूसरे देशों के सबक
हदें तोड़ता वायु प्रदूषण, काम के हैं दूसरे देशों के सबक

By Suvigya Jain

अभिजीत बनर्जी को क्यों मिला अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार
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By Suvigya Jain

आख़िर दिक्कत क्या है पराली के समाधान में?
आख़िर दिक्कत क्या है पराली के समाधान में?

By Suvigya Jain

दिल्ली में प्रदूषण के लिए फिर किसान पर सवाल उठाने का मौसम आ गया है। दिल्ली में प्रदूषण पर चिंता का दौर आने वाला है। और इस साल फिर सवाल खड़ा होगा कि हरियाणा-पंजाब में पराली जलाए जाने को कैसे रोका जाए?

दिल्ली में प्रदूषण के लिए फिर किसान पर सवाल उठाने का मौसम आ गया है। दिल्ली में प्रदूषण पर चिंता का दौर आने वाला है। और इस साल फिर सवाल खड़ा होगा कि हरियाणा-पंजाब में पराली जलाए जाने को कैसे रोका जाए?

किसानों की कीमत पर महंगाई रोकने के मायने?
किसानों की कीमत पर महंगाई रोकने के मायने?

By Suvigya Jain

आज तो नहीं लेकिन अगर इतिहास उठाकर देखें तो जब कभी महंगाई की रफ्तार बढ़ती है, शहरों में मजदूरी बढ़ती ही रही है। पिछले 45 साल में शहरों में मजदूरों की दिहाड़ी सौ गुनी यूं ही नहीं बढ़ी। मैक्रो इकोनॉमिक्स के विशेषज्ञों को गौर करना चाहिए कि गेहूं के दाम 45 साल में सिर्फ तीस गुने ही बढ़े। किसान ही भारी घाटे में रहा है।

आज तो नहीं लेकिन अगर इतिहास उठाकर देखें तो जब कभी महंगाई की रफ्तार बढ़ती है, शहरों में मजदूरी बढ़ती ही रही है। पिछले 45 साल में शहरों में मजदूरों की दिहाड़ी सौ गुनी यूं ही नहीं बढ़ी। मैक्रो इकोनॉमिक्स के विशेषज्ञों को गौर करना चाहिए कि गेहूं के दाम 45 साल में सिर्फ तीस गुने ही बढ़े। किसान ही भारी घाटे में रहा है।

बेवक़्त बारिश से बुंदेलखंड का किसान फिर तबाह
बेवक़्त बारिश से बुंदेलखंड का किसान फिर तबाह

By Suvigya Jain

एक हफ्ता और बाकी है यानी कुछ पता नहीं है कि देश में बारिश का आखिरी आंकड़ा क्या निकल कर आता है। बहरहाल, इस समय बुंदेलखंड के किसान बेवक्त मौसम की मार से बर्बाद हुई फसल के मारे परेशान हैं। वे जल्द ही नुकसान का आकलन और मुआवजा मांग रहे हैं।

एक हफ्ता और बाकी है यानी कुछ पता नहीं है कि देश में बारिश का आखिरी आंकड़ा क्या निकल कर आता है। बहरहाल, इस समय बुंदेलखंड के किसान बेवक्त मौसम की मार से बर्बाद हुई फसल के मारे परेशान हैं। वे जल्द ही नुकसान का आकलन और मुआवजा मांग रहे हैं।

सरकार, गाँव को कब मिलेगा राहत पैकेज?
सरकार, गाँव को कब मिलेगा राहत पैकेज?

By Suvigya Jain

उद्योग और व्यापार के किसी भी क्षेत्र में इस तरह की गिरावट पर जो चिंता व्यापत है वैसी ही चिंता कृषि क्षेत्र को लेकर क्यों नहीं जताई जाती। और क्या कृषि विकास अर्थव्यवस्था के उठान में अपनी भूमिका नहीं निभा सकता।

उद्योग और व्यापार के किसी भी क्षेत्र में इस तरह की गिरावट पर जो चिंता व्यापत है वैसी ही चिंता कृषि क्षेत्र को लेकर क्यों नहीं जताई जाती। और क्या कृषि विकास अर्थव्यवस्था के उठान में अपनी भूमिका नहीं निभा सकता।

संवाद: कृषि कर्ज़ पर रिजर्व बैंक के पैनल की रिपोर्ट क्या कहती है?
संवाद: कृषि कर्ज़ पर रिजर्व बैंक के पैनल की रिपोर्ट क्या कहती है?

By Suvigya Jain

कृषि कर्ज़ पर रिजर्व बैंक के पैनल की रिपोर्ट: इसी साल फरवरी में रिजर्व बैंक ने एक इंटरनल वर्किंग ग्रुप का गठन किया था। इस पैनल को भारत में कृषि कर्ज की स्थिति, उसकी समस्याओं और उसके समाधान पर एक रिपोर्ट सौंपनी थी। डिप्टी गवर्नर महेश कुमार जैन की अध्यक्षता में बने उस इंटरनल ग्रुप की रिपोर्ट आ गई है।

कृषि कर्ज़ पर रिजर्व बैंक के पैनल की रिपोर्ट: इसी साल फरवरी में रिजर्व बैंक ने एक इंटरनल वर्किंग ग्रुप का गठन किया था। इस पैनल को भारत में कृषि कर्ज की स्थिति, उसकी समस्याओं और उसके समाधान पर एक रिपोर्ट सौंपनी थी। डिप्टी गवर्नर महेश कुमार जैन की अध्यक्षता में बने उस इंटरनल ग्रुप की रिपोर्ट आ गई है।

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