अमूल ने बढ़ाए दूध के दाम, क्या पशुपालकों को होगा इससे फायदा?

अमूल ने दो रुपए प्रति लीटर दूध के दाम बढ़ा दिए हैं, इससे पहले अमूल ने दिसम्बर, 2019 में दूध के दाम बढ़ाए थे। पशुपालक लंबे समय से दूध के दाम बढ़ाने की मांग कर रहे थे, ऐसे में देश की सबसे बड़ी दुग्ध समिति के दाम बढ़ाने से क्या असर पड़ेगा?

Divendra SinghDivendra Singh   1 July 2021 2:50 PM GMT

अमूल ने बढ़ाए दूध के दाम, क्या पशुपालकों को होगा इससे फायदा?

एक जुलाई से अमूल ने दिल्ली, पंजाब, गुजरात, जैसे कई राज्यों में दूध के दाम बढ़ा दिए हैं, एक साल, सात महीने बाद अमूल ने दूध का दाम बढ़ाया है। इससे पहले दिसम्बर, 2019 में दो रुपए दाम बढ़ाए गए थे।

दूध का दाम बढ़ने से आम आदमी की जेब पर तो असर पड़ेगा, लेकिन लंबे समय दूध के दाम बढ़ाने की मांग कर रहे पशुपालक और डेयरी से जुड़े लोगों के लिए राहत की खबर है।

उत्तर प्रदेश के मेरठ में डेयरी का व्यवसाय करने वाले मनीष भारती कहते हैं, "लंबे समय से दूध का दाम नहीं बढ़ा है, वैसे भी गर्मियों में हर साल दूध का उत्पादन कम हो जाता है। डीजल, पेट्रोल, पशुओं का चारा, दवाई सब पिछले एक साल में महंगे हो गए हैं, लेकिन दूध का दाम नहीं बढ़ रहा था। ऐसे में अगर दूध का दाम बढ़ा है तो अच्छी खबर है।"

Photo: ILRI, Flickr

गुजरात सहकारी दूध विपणन संघ (जीसीएमएमएफ) ने बुधवार, 30 जून को एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा है, "2 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि से एमआरपी में 4% की वृद्धि होती है जो औसत खाद्य मुद्रास्फीति से काफी कम है। मूल्य संशोधन पूरे भारत में किया जा रहा है, बाकी बाजारों में जहां अमूल अपने ताजे दूध की मार्केटिंग कर रही है।"

"अमूल दूध की कीमतों में कल से पूरे भारत में दो रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की जाएगी। नई कीमतें सभी अमूल दूध ब्रांडों जैसे सोना, ताजा, शक्ति, टी-स्पेशल, साथ ही गाय और भैंस के दूध पर भी लागू होंगी। खाद्य महंगाई बढ़ने के कारण दूध की कीमतों में बढ़ोतरी जरूरी हो गई थी। इसके अलावा पैकेजिंग की लागत में 30 से 40 फीसदी, परिवहन लागत में 30 फीसदी और ऊर्जा लागत में 30 फीसदी की वृद्धि हुई है, जिसके चलते उत्पादन लागत बढ़ गई है, "विज्ञप्ति में आगे कहा गया है।

अमूल के साथ देश के 18500 गांवों में सहकारी मंडलियां (दुग्ध समितियां) हैं। करीब 80 डेयरी प्लांट हैं। 50 हजार करोड़ रुपए का सालाना टर्नओवर है। अमूल आज देश की सबसे बड़ी एफएमसीजी कंपनी है। जिसे छोटे-छोटे लोगों ने मिलकर कर बनाई है।

Photo: Meena Kadri, flickr

विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि किसानों से दूध खरीदने का दाम 6% प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है और हर एक रुपए में से 80 पैसे किसानों को दिया जाता है, इससे किसानों को भी फायदा होगा।

लॉकडाउन के बाद से 60 किलो पशु आहार की एक बोरी 1450 रुपए में थी, अब उसी पशु आहार का दाम 1850 रुपए प्रति बोरी हो गया है, जोकि पहले से 400 रुपए ज्यादा है। इसके साथ ही पशुओं को भूसा, हरा चारा भी देना होता है।

20वीं पशुगणना के अनुसार देश में 14.51 करोड़ गाय और 10.98 करोड़ भैंसें हैं, जबकि गोधन (गाय-बैल) की आबादी 18.25 करोड़ है। साथ ही दुधारू पशुओं (गाय-भैंस) की संख्या 12.53 करोड़ है।

हरियाणा राज्य गोशाला संघ के प्रदेश अध्यक्ष शमशेर सिंह आर्या कहते हैं, "पेट्रोल-डीजल के दाम हर दिन बढ़ रहे हैं, जिसकी वजह से हर दिन पशु आहार और चारा का दाम भी बढ़ रहा है। पशुपालक की लागत हर दिन बढ़ रही है, लेकिन दूध का दाम वैसे का वैसा है। अमूल के साथ ही दूसरे लोगों को भी दूध का दाम बढ़ाना चाहिए, जिससे किसानों का कुछ भला हो।"

फोटो: गाँव कनेक्शन

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर मार्च महीने में हरियाणा के हिसार जिले की सतरोल खाप पंचायत ने बाहर न दूध भेजने का फैसला किया था, 1 से 5 मार्च तक 100 से ज्यादा गाँवों के पशुपालकों ने दूध बाहर नहीं भेजा था, लेकिन बाद में लोगों ने दूध भेजना शुरू कर दिया था।

राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के अनुसार देश में लगभग 187.7 मिलियन टन (2018-19) दूध का उत्पादन होता है।

पिछले दो साल से लगातार कोविड-19 और लॉकडाउन के चलते पशुपालकों को काफी नुकसान उठाना पड़ा था। मनीष भारती कहते हैं, "कोरोना के चलते पशुपालक दो साल से नुकसान उठा रहा है, पिछले साल तो बहुत से लोगों ने तो डेयरी का व्यवसाय ही छोड़ दिया था, इस बार उतनी परेशानी नहीं हुई लेकिन फिर भी लगातार नुकसान ही हो रहा है।

एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले चार वर्षों में भारतीय डेयरी सेक्टर 6.4 फीसदी की दर से बढ़ गया है, जबकि विश्व स्तर पर दुग्ध उत्पादन वृद्धि दर मात्र 1.7 प्रतिशत है। देश में दूध उत्पादन 2014-15 के 146.3 मिलियन मीट्रिक टन से बढ़कर 2018-19 में 187.7 मिलियन मीट्रिक टन हो गया है। लेकिन इसकी एक सच्चाई यह भी है कि दूध कारोबार से जुड़े किसानों को लिए यह सेक्टर घाटे का सौदा बनता जा रहा है। लगभग आठ करोड़ ग्रामीण परिवार दुग्ध उत्पादन से जुड़े हुए हैं। इनमें भूमिहीन, छोटे और सीमांत किसानों की संख्या सबसे अधिक हैं।

दूध की कीमतों में कितना हुआ इजाफा

अमूल डायमंड

500 मिली

30

31

अमूल डायमंड

1 लीटर

5961

अमूल गोल्ड

500 मिली

28

29

अमूल गोल्ड

1 लीटर

55

57

अमूल गाय का दूध

500 मिली

24

25

अमूल ताजा

500 मिली2324

अमूल ताजा

1 लीटर4547

अमूल स्लिम ऐन ट्रिम

500 मिली2021

अमूल स्लिम ऐन ट्रिम

1 लीटर3941

अमूल भैंस का दूध

1 लीटर5759

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