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लोहड़ी : उम्मीद, अभार और नई शुरुआत का प्रतीक
लोहड़ी : उम्मीद, अभार और नई शुरुआत का प्रतीक

By Gaurav Rai

मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाया जाने वाला लोहड़ी पर्व ठंडक की विदाई, बसंत के स्वागत और फसल समृद्धि का प्रतीक होता है।

मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाया जाने वाला लोहड़ी पर्व ठंडक की विदाई, बसंत के स्वागत और फसल समृद्धि का प्रतीक होता है।

Weather Alert: आलू, गेहूं, सरसों और दलहनी फसलों को पाले से कैसे बचाएँ?
Weather Alert: आलू, गेहूं, सरसों और दलहनी फसलों को पाले से कैसे बचाएँ?

By Preeti Nahar

यूपी कृषि अनुसंधान परिषद ने मौसम के बदलाव के मद्देनजर किसानों को चेतावनी दी है। आगामी दिनों में तापमान में भारी उतार-चढ़ाव और घने कोहरे का अनुमान है, जिससे फसलों और मवेशियों को नुकसान पहुँच सकता है। विशेषकर गेहूं, सरसों, दलहनी फसलों, आलू, टमाटर, मिर्च, और आम के बागों के लिए आवश्यक सावधानियों का जिक्र किया गया है।

यूपी कृषि अनुसंधान परिषद ने मौसम के बदलाव के मद्देनजर किसानों को चेतावनी दी है। आगामी दिनों में तापमान में भारी उतार-चढ़ाव और घने कोहरे का अनुमान है, जिससे फसलों और मवेशियों को नुकसान पहुँच सकता है। विशेषकर गेहूं, सरसों, दलहनी फसलों, आलू, टमाटर, मिर्च, और आम के बागों के लिए आवश्यक सावधानियों का जिक्र किया गया है।

भारत के साथ पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ेगा इलेक्ट्रिक ट्रैक्‍टर का ट्रेंड, जानें क्‍या है बड़ी वजह
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By Gaon Connection

कृषि क्षेत्र में बिजली से चलने वाले ट्रैक्टरों का उपयोग अब तेजी से बढ़ रहा है। ये ट्रैक्टर न केवल पर्यावरण के अनुकूल हैं, बल्कि किसान भाईयों के लिए खर्च में भी कमी लाते हैं। 2023 में इस बाजार का मूल्य 1.5 बिलियन डॉलर था और 2030 तक इसके 4.5 से 10 बिलियन डॉलर तक पहुँचने की संभावना है।

कृषि क्षेत्र में बिजली से चलने वाले ट्रैक्टरों का उपयोग अब तेजी से बढ़ रहा है। ये ट्रैक्टर न केवल पर्यावरण के अनुकूल हैं, बल्कि किसान भाईयों के लिए खर्च में भी कमी लाते हैं। 2023 में इस बाजार का मूल्य 1.5 बिलियन डॉलर था और 2030 तक इसके 4.5 से 10 बिलियन डॉलर तक पहुँचने की संभावना है।

जनवरी-फरवरी की ठंड में उगाएं ये सब्जियाँ: किसानों के लिए कमाई का सुनहरा मौका
जनवरी-फरवरी की ठंड में उगाएं ये सब्जियाँ: किसानों के लिए कमाई का सुनहरा मौका

By Preeti Nahar

सर्दियों के मौसम में, जनवरी और फरवरी महीनों का फसल उगाने वाले किसानों के लिए स्वर्णिम अवसर होता है। इस समय, ठंडी हवाएं पत्तेदार सब्जियों जैसे पालक, मेथी और धनिया को जल्दी तैयार करने में मदद करती हैं। साथ ही, फूलगोभी और पत्ता गोभी भी इस समय अच्छी मात्रा में उगते हैं।

सर्दियों के मौसम में, जनवरी और फरवरी महीनों का फसल उगाने वाले किसानों के लिए स्वर्णिम अवसर होता है। इस समय, ठंडी हवाएं पत्तेदार सब्जियों जैसे पालक, मेथी और धनिया को जल्दी तैयार करने में मदद करती हैं। साथ ही, फूलगोभी और पत्ता गोभी भी इस समय अच्छी मात्रा में उगते हैं।

दक्षिण भारत में भारी बारिश, उत्तर भारत में कोहरा और शीतलहर का अलर्ट
दक्षिण भारत में भारी बारिश, उत्तर भारत में कोहरा और शीतलहर का अलर्ट

By Gaon Connection

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार दक्षिण भारत में बंगाल की खाड़ी से जुड़े सिस्टम के कारण भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है, जबकि उत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक घना कोहरा, शीत दिवस और शीतलहर का असर जारी रहेगा।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार दक्षिण भारत में बंगाल की खाड़ी से जुड़े सिस्टम के कारण भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है, जबकि उत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक घना कोहरा, शीत दिवस और शीतलहर का असर जारी रहेगा।

तमिलनाडु-केरल में भारी वर्षा की चेतावनी, उत्तर भारत में ठंड का कहर रहेगा जारी
तमिलनाडु-केरल में भारी वर्षा की चेतावनी, उत्तर भारत में ठंड का कहर रहेगा जारी

By Gaon Connection

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने गहरे दबाव के कारण तमिलनाडु और केरल में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है, जबकि उत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक घना से बहुत घना कोहरा, शीत दिवस और शीतलहर बनी रह सकती है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने गहरे दबाव के कारण तमिलनाडु और केरल में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है, जबकि उत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक घना से बहुत घना कोहरा, शीत दिवस और शीतलहर बनी रह सकती है।

खेती की दवा अब होगी भरोसेमंद, सरकार ने मांगे लोगों से सुझाव
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By Gaon Connection

सरकार ने कीटनाशक प्रबंधन विधेयक, 2025 का मसौदा जारी किया है, जिसका उद्देश्य किसानों को नकली और घटिया कीटनाशकों से बचाना है। नए कानून में दवाओं की सही जांच, डिजिटल निगरानी और नकली दवा बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। किसान और आम लोग इस मसौदे पर 4 फरवरी 2026 तक अपनी राय दे सकते हैं।

सरकार ने कीटनाशक प्रबंधन विधेयक, 2025 का मसौदा जारी किया है, जिसका उद्देश्य किसानों को नकली और घटिया कीटनाशकों से बचाना है। नए कानून में दवाओं की सही जांच, डिजिटल निगरानी और नकली दवा बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। किसान और आम लोग इस मसौदे पर 4 फरवरी 2026 तक अपनी राय दे सकते हैं।

Olive Ridley कछुओं की समुद्री यात्रा अब होगी रिकॉर्ड, तमिलनाडु में शुरू हुई पहली वैज्ञानिक ट्रैकिंग पहल
Olive Ridley कछुओं की समुद्री यात्रा अब होगी रिकॉर्ड, तमिलनाडु में शुरू हुई पहली वैज्ञानिक ट्रैकिंग पहल

By Gaon Connection

इस पहल का उद्देश्य कछुओं की समुद्री यात्रा, भोजन क्षेत्रों और ख़तरनाक इलाकों की वैज्ञानिक पहचान करना है। इससे कछुआ संरक्षण, जिम्मेदार मछली पकड़ने और तटीय जैव विविधता को सुरक्षित करने में मदद मिलेगी।

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देश में मौसम का दोहरा असर: उत्तर भारत ठंड की चपेट में, दक्षिण में बारिश का खतरा
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By Gaon Connection

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में घना से बहुत घना कोहरा, शीत दिवस और शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है। वहीं बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने गहरे दबाव के कारण तमिलनाडु और केरल में भारी से बहुत भारी बारिश और समुद्र में तेज़ हवाओं और ऊँची लहरों की चेतावनी जारी की गई है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में घना से बहुत घना कोहरा, शीत दिवस और शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है। वहीं बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने गहरे दबाव के कारण तमिलनाडु और केरल में भारी से बहुत भारी बारिश और समुद्र में तेज़ हवाओं और ऊँची लहरों की चेतावनी जारी की गई है।

पहाड़ों के भीतर छिपा सच: पानी कैसे तय करता है चट्टानों की उम्र
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By Gaon Connection

गढ़वाल हिमालय में किए गए एक नए वैज्ञानिक अध्ययन से पता चला है कि पानी की उपलब्धता और सूक्ष्म जीव चट्टानों के टूटने की गति को कैसे प्रभावित करते हैं। शोध बताता है कि नम लघु हिमालय में चट्टानें शुष्क उच्च हिमालय की तुलना में कई गुना तेज़ी से टूटती हैं। यह प्रक्रिया न सिर्फ़ मिट्टी और नदियों को आकार देती है, बल्कि जलवायु संतुलन में भी अहम भूमिका निभाती है।

गढ़वाल हिमालय में किए गए एक नए वैज्ञानिक अध्ययन से पता चला है कि पानी की उपलब्धता और सूक्ष्म जीव चट्टानों के टूटने की गति को कैसे प्रभावित करते हैं। शोध बताता है कि नम लघु हिमालय में चट्टानें शुष्क उच्च हिमालय की तुलना में कई गुना तेज़ी से टूटती हैं। यह प्रक्रिया न सिर्फ़ मिट्टी और नदियों को आकार देती है, बल्कि जलवायु संतुलन में भी अहम भूमिका निभाती है।

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