‘आदिवासियों को देश-दुनिया से जोड़ने और उन्हें नई पहचान दिलाने का कार्यक्रम है संवाद’
‘आदिवासियों को देश-दुनिया से जोड़ने और उन्हें नई पहचान दिलाने का कार्यक्रम है संवाद’

By Divendra Singh

भारत में दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी जनजातीय आबादी रहती है, और पिछले एक दशक में हमारी जनजातियों की अनोखी संस्कृति और जीवनशैली को एक नया मंच मिला है — संवाद कॉन्क्लेव। इस सफर में अब तक 25 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों की 200 से ज्यादा जनजातियां और 40,000 से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं। लेकिन आखिर इतने लोग पूरे देश यहां क्यों आते हैं? उन्हें यहाँ आकर क्या मिलता है? और संवाद का मंच उनके लिए क्या मायने रखता है? इन सभी सवालों के जवाब दे रहे हैं टाटा स्टील फाउंडेशन के CEO सौरव रॉय

भारत में दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी जनजातीय आबादी रहती है, और पिछले एक दशक में हमारी जनजातियों की अनोखी संस्कृति और जीवनशैली को एक नया मंच मिला है — संवाद कॉन्क्लेव। इस सफर में अब तक 25 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों की 200 से ज्यादा जनजातियां और 40,000 से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं। लेकिन आखिर इतने लोग पूरे देश यहां क्यों आते हैं? उन्हें यहाँ आकर क्या मिलता है? और संवाद का मंच उनके लिए क्या मायने रखता है? इन सभी सवालों के जवाब दे रहे हैं टाटा स्टील फाउंडेशन के CEO सौरव रॉय

बात बात पर हुलस के हँस देने वाली कोसी की लड़की – शारदा सिन्हा
बात बात पर हुलस के हँस देने वाली कोसी की लड़की – शारदा सिन्हा

By Anulata Raj Nair

बिहार में छठ पूजा हो या फिर किसी शादी का उत्सव, पद्मश्री शारदा सिन्हा के गीतों के बिना पूरा नहीं हो सकता है, एक छोटे से गाँव से निकलकर दुनिया भर में पहचान बनाने वाली शारदा_सिन्हा ने अपनी ज़िन्दगी के कई किस्से इस बातचीत में साझा किए हैं।

बिहार में छठ पूजा हो या फिर किसी शादी का उत्सव, पद्मश्री शारदा सिन्हा के गीतों के बिना पूरा नहीं हो सकता है, एक छोटे से गाँव से निकलकर दुनिया भर में पहचान बनाने वाली शारदा_सिन्हा ने अपनी ज़िन्दगी के कई किस्से इस बातचीत में साझा किए हैं।

'मलिहाबाद में आम के बाग नहीं, अब सिर्फ आम के जंगल बचे हैं' - पद्मश्री कलीमुल्लाह खान
'मलिहाबाद में आम के बाग नहीं, अब सिर्फ आम के जंगल बचे हैं' - पद्मश्री कलीमुल्लाह खान

By Divendra Singh

मैंगो मैन के नाम से मशहूर पद्मश्री कलीमुल्लाह खान का 84 साल की उम्र में भी पूरा समय अपने आम के बाग में ही बीतता है, लेकिन बदलते मौसम, पानी की कमी ने आजकल इनकी चिंता बढ़ा दी है।

मैंगो मैन के नाम से मशहूर पद्मश्री कलीमुल्लाह खान का 84 साल की उम्र में भी पूरा समय अपने आम के बाग में ही बीतता है, लेकिन बदलते मौसम, पानी की कमी ने आजकल इनकी चिंता बढ़ा दी है।

गाँव पॉडकास्ट: सुनिए इस हफ़्ते क्या है ख़ास
गाँव पॉडकास्ट: सुनिए इस हफ़्ते क्या है ख़ास

By गाँव कनेक्शन

गाँव पॉडकास्ट, गाँव रेडियो का साप्ताहिक पॉडकास्ट शो है, जिसमें हम ग्रामीण भारत और खेती-किसानी से जुड़ी हफ़्ते भर की खबरें आप को सुनाएँगे।

गाँव पॉडकास्ट, गाँव रेडियो का साप्ताहिक पॉडकास्ट शो है, जिसमें हम ग्रामीण भारत और खेती-किसानी से जुड़ी हफ़्ते भर की खबरें आप को सुनाएँगे।