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Pashudhan Registration: देसी पशुधन संरक्षण पर जोर, 2047 तक 100% पंजीकरण का लक्ष्य
Pashudhan Registration: देसी पशुधन संरक्षण पर जोर, 2047 तक 100% पंजीकरण का लक्ष्य

By Preeti Nahar

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत की देसी पशुधन नस्लों के संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि देसी पशुधन किसानों की आय का आधार है। सरकार ने 2047 तक सभी देसी नस्लों का 100 फीसदी पंजीकरण करने का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में नई पहचानी गई नस्लों को रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट दिए गए।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत की देसी पशुधन नस्लों के संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि देसी पशुधन किसानों की आय का आधार है। सरकार ने 2047 तक सभी देसी नस्लों का 100 फीसदी पंजीकरण करने का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में नई पहचानी गई नस्लों को रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट दिए गए।

ब्रह्मपुत्र के टापुओं से राष्ट्रीय सम्मान तक: लुइट भैंस को बचाने वाले किसान जितुल बुरागोहेन
ब्रह्मपुत्र के टापुओं से राष्ट्रीय सम्मान तक: लुइट भैंस को बचाने वाले किसान जितुल बुरागोहेन

By Divendra Singh

असम के लखीमपुर ज़िले के किसान जितुल बुरागोहेन ने दशकों तक पारंपरिक तरीकों से देसी लुइट भैंस नस्ल की आनुवंशिक शुद्धता और अस्तित्व को बचाए रखा। ब्रह्मपुत्र के तटों और टापुओं पर पलने वाली यह नस्ल बाढ़, कम संसाधन और कठिन परिस्थितियों में भी टिकने की क्षमता रखती है। उनके इसी समर्पण को राष्ट्रीय पहचान मिली है।

असम के लखीमपुर ज़िले के किसान जितुल बुरागोहेन ने दशकों तक पारंपरिक तरीकों से देसी लुइट भैंस नस्ल की आनुवंशिक शुद्धता और अस्तित्व को बचाए रखा। ब्रह्मपुत्र के तटों और टापुओं पर पलने वाली यह नस्ल बाढ़, कम संसाधन और कठिन परिस्थितियों में भी टिकने की क्षमता रखती है। उनके इसी समर्पण को राष्ट्रीय पहचान मिली है।

समुद्र और तालाब से उम्मीद: भारत में मछली पालन बना मज़बूत आजीविका का आधार
समुद्र और तालाब से उम्मीद: भारत में मछली पालन बना मज़बूत आजीविका का आधार

By Gaon Connection

कभी सिर्फ़ गुज़ारे भर का साधन माने जाने वाला मत्स्य पालन आज भारत में रोज़गार, आय और सुरक्षा का मज़बूत आधार बन रहा है। सरकारी योजनाओं, बेहतर तकनीक और बाज़ार तक पहुँच से मछुआरों और मछली पालने वाले किसानों की ज़िंदगी में बड़ा बदलाव आया है।

कभी सिर्फ़ गुज़ारे भर का साधन माने जाने वाला मत्स्य पालन आज भारत में रोज़गार, आय और सुरक्षा का मज़बूत आधार बन रहा है। सरकारी योजनाओं, बेहतर तकनीक और बाज़ार तक पहुँच से मछुआरों और मछली पालने वाले किसानों की ज़िंदगी में बड़ा बदलाव आया है।

जानिए कैसे बनेगा आपका पशु किसान क्रेडिट कार्ड, कैसे मिलेगी 3% ब्याज में छूट! किन दस्तावेजों की होगी ज़रूरत?
जानिए कैसे बनेगा आपका पशु किसान क्रेडिट कार्ड, कैसे मिलेगी 3% ब्याज में छूट! किन दस्तावेजों की होगी ज़रूरत?

By Preeti Nahar

किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए, सरकार ने एक नई पहल शुरू की है: पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना। इस योजना के तहत किसान आसानी से गाय, भैंस, बकरी या मुर्गी खरीद कर अपने व्यावसायिक सफर की शुरुआत कर सकते हैं।

किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए, सरकार ने एक नई पहल शुरू की है: पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना। इस योजना के तहत किसान आसानी से गाय, भैंस, बकरी या मुर्गी खरीद कर अपने व्यावसायिक सफर की शुरुआत कर सकते हैं।

मछली पालन का भविष्य: स्वदेशी प्रजातियाँ बन सकती हैं सबसे बड़ा सहारा
मछली पालन का भविष्य: स्वदेशी प्रजातियाँ बन सकती हैं सबसे बड़ा सहारा

By Gaon Connection

भारत की स्वदेशी मछली प्रजातियाँ सिर्फ भोजन नहीं, बल्कि जैव विविधता, स्थानीय संस्कृति और ग्रामीण आजीविका की रीढ़ हैं। कुछ गिनी-चुनी प्रजातियों पर निर्भरता बढ़ने से जोखिम भी बढ़ा है।

भारत की स्वदेशी मछली प्रजातियाँ सिर्फ भोजन नहीं, बल्कि जैव विविधता, स्थानीय संस्कृति और ग्रामीण आजीविका की रीढ़ हैं। कुछ गिनी-चुनी प्रजातियों पर निर्भरता बढ़ने से जोखिम भी बढ़ा है।

Disease Control App: पशुओं की निगरानी हुई आसान, अब इस ऐप से करें रोगों की पहचान
Disease Control App: पशुओं की निगरानी हुई आसान, अब इस ऐप से करें रोगों की पहचान

By Gaon Connection

मौसम बदलने पर पशु अक्सर बीमार पड़ जाते हैं, लेकिन पशुपालक को पता नहीं चल पाता कि उन्हें कौन-सी बीमारी हुई है। ऐसे में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के IVRI का “रोग नियंत्रण एप” आपके पशु के लिए मददगार साबित हो सकता है।

मौसम बदलने पर पशु अक्सर बीमार पड़ जाते हैं, लेकिन पशुपालक को पता नहीं चल पाता कि उन्हें कौन-सी बीमारी हुई है। ऐसे में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के IVRI का “रोग नियंत्रण एप” आपके पशु के लिए मददगार साबित हो सकता है।

ट्रैक्टरों के साथ उतरा आक्रोश: लंपी स्किन डिज़ीज़ और फ्रांस के किसानों की लड़ाई, भारत भी हो चुका है प्रभावित
ट्रैक्टरों के साथ उतरा आक्रोश: लंपी स्किन डिज़ीज़ और फ्रांस के किसानों की लड़ाई, भारत भी हो चुका है प्रभावित

By Divendra Singh

फ्रांस में लंपी स्किन डिज़ीज़ के नाम पर मवेशियों की सामूहिक हत्या के खिलाफ किसान सड़कों पर हैं। सरकार इसे बीमारी नियंत्रण बता रही है, जबकि किसान इसे अपनी आजीविका और भावनात्मक दुनिया पर हमला मानते हैं। यह कहानी सिर्फ़ फ्रांस की नहीं, बल्कि भारत समेत उन सभी देशों की है, जहाँ पशुपालन लाखों परिवारों की ज़िंदगी का आधार है।

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आंध्र से ओडिशा तक झींगा संकट: जब कुछ ही दिनों में उजड़ जाती है पूरी मेहनत
आंध्र से ओडिशा तक झींगा संकट: जब कुछ ही दिनों में उजड़ जाती है पूरी मेहनत

By Divendra Singh

व्हाइट स्पॉट डिज़ीज़ (WSSV) ने आंध्र प्रदेश से ओडिशा तक झींगा पालन को अस्तित्व की लड़ाई में बदल दिया है। यह सिर्फ़ एक बीमारी नहीं, बल्कि लाखों किसानों, मज़दूरों और तटीय अर्थव्यवस्था पर मंडराता संकट है।

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African Swine Fever से वैश्विक बाजार में हलचल, स्पेन-फिलीपींस तनाव के बीच भारत के लिए भी चेतावनी
African Swine Fever से वैश्विक बाजार में हलचल, स्पेन-फिलीपींस तनाव के बीच भारत के लिए भी चेतावनी

By Gaon Connection

अफ्रीकन स्वाइन फीवर (ASF) के नए मामले सामने आने के बाद फिलीपींस ने स्पेन से सूअर मांस आयात पर अस्थायी रोक लगा दी है। सरकार ने कहा कि यह कदम घरेलू पशुओं की सुरक्षा के लिए जरूरी है और त्योहारों के दौरान मांस की कमी नहीं होने दी जाएगी। वैश्विक पोर्क बाजार में यह बड़ा झटका है, जबकि भारत में भी ASF का संकट कभी-भी असर दिखा सकता है।

अफ्रीकन स्वाइन फीवर (ASF) के नए मामले सामने आने के बाद फिलीपींस ने स्पेन से सूअर मांस आयात पर अस्थायी रोक लगा दी है। सरकार ने कहा कि यह कदम घरेलू पशुओं की सुरक्षा के लिए जरूरी है और त्योहारों के दौरान मांस की कमी नहीं होने दी जाएगी। वैश्विक पोर्क बाजार में यह बड़ा झटका है, जबकि भारत में भी ASF का संकट कभी-भी असर दिखा सकता है।

हाईटेक गौशाला: जहाँ गायों के साथ सपने भी पलते हैं
हाईटेक गौशाला: जहाँ गायों के साथ सपने भी पलते हैं

By Gaon Connection

भारत में गाय को सदियों से माता का दर्जा दिया गया है और आज भी अगर कोई गायों को अपनाता है, तो गाय बदले में सेहत और रोज़गार दोनों लौटा सकती है। गुजरात के सूरत ज़िले के नवीपार्डी गाँव में नीलेश अहीर और उनका परिवार यह साबित कर रहा है कि पशुपालन भी एक सफल और आधुनिक बिज़नेस मॉडल बन सकता है।

भारत में गाय को सदियों से माता का दर्जा दिया गया है और आज भी अगर कोई गायों को अपनाता है, तो गाय बदले में सेहत और रोज़गार दोनों लौटा सकती है। गुजरात के सूरत ज़िले के नवीपार्डी गाँव में नीलेश अहीर और उनका परिवार यह साबित कर रहा है कि पशुपालन भी एक सफल और आधुनिक बिज़नेस मॉडल बन सकता है।

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