By Dr SK Singh
जनवरी का महीना आम की फसल के लिए बेहद अहम होता है। इसी समय मिली बग कीट जमीन से निकलकर पेड़ों पर चढ़ता है और फूल व फलों को नुकसान पहुँचाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, तने पर पॉलीथिन शीट बांधने जैसी सरल तकनीक अपनाकर किसान इस कीट को शुरुआत में ही रोक सकते हैं। यह तरीका कम लागत वाला, पर्यावरण के अनुकूल और उत्पादन बढ़ाने में बेहद असरदार है।
जनवरी का महीना आम की फसल के लिए बेहद अहम होता है। इसी समय मिली बग कीट जमीन से निकलकर पेड़ों पर चढ़ता है और फूल व फलों को नुकसान पहुँचाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, तने पर पॉलीथिन शीट बांधने जैसी सरल तकनीक अपनाकर किसान इस कीट को शुरुआत में ही रोक सकते हैं। यह तरीका कम लागत वाला, पर्यावरण के अनुकूल और उत्पादन बढ़ाने में बेहद असरदार है।
By Gaurav Rai
बेहतर तकनीक और समय पर खाद-पानी से आलू की खेती अच्छा मुनाफा करा सकती है। शाहजहांपुर के किसान अमनदीप सिंह ने आलू की खेती को करोड़ों के मुनाफे के मॉडल में बदल दिया है।
बेहतर तकनीक और समय पर खाद-पानी से आलू की खेती अच्छा मुनाफा करा सकती है। शाहजहांपुर के किसान अमनदीप सिंह ने आलू की खेती को करोड़ों के मुनाफे के मॉडल में बदल दिया है।
By Gaon Connection
ओडिशा के रायगड़ा ज़िले के पहाड़ी इलाक़ों से सामने आया एक वैज्ञानिक अध्ययन बताता है कि ज़मीन की ढलान और पेड़ों का सही चुनाव खेती और जलवायु, दोनों के लिए निर्णायक हो सकता है। Frontiers in Agronomy और ICAR के शोध दिखाते हैं कि छोटे खेतों पर एग्रोफॉरेस्ट्री न सिर्फ़ कार्बन अवशोषण बढ़ाती है, बल्कि मिट्टी को बचाकर किसानों की आमदनी को भी स्थिर बनाती है।
ओडिशा के रायगड़ा ज़िले के पहाड़ी इलाक़ों से सामने आया एक वैज्ञानिक अध्ययन बताता है कि ज़मीन की ढलान और पेड़ों का सही चुनाव खेती और जलवायु, दोनों के लिए निर्णायक हो सकता है। Frontiers in Agronomy और ICAR के शोध दिखाते हैं कि छोटे खेतों पर एग्रोफॉरेस्ट्री न सिर्फ़ कार्बन अवशोषण बढ़ाती है, बल्कि मिट्टी को बचाकर किसानों की आमदनी को भी स्थिर बनाती है।
जनवरी में पड़ रही कड़ाके की ठंड का असर रबी फसलों पर दिखने लगा है। मौसम को देखते हुए उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (उपकार) ने किसानों के लिए अगले दो सप्ताह की खेती से जुड़ी अहम सलाह जारी की है।
जनवरी में पड़ रही कड़ाके की ठंड का असर रबी फसलों पर दिखने लगा है। मौसम को देखते हुए उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (उपकार) ने किसानों के लिए अगले दो सप्ताह की खेती से जुड़ी अहम सलाह जारी की है।
By Divendra Singh
हिमाचल प्रदेश में समय पर सर्दियों की बारिश न होने से रबी फसलों पर गहरा संकट खड़ा हो गया है। हज़ारों हेक्टेयर में बुवाई नहीं हो सकी, जबकि खड़ी फसलें भी सूखे की चपेट में हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है।
हिमाचल प्रदेश में समय पर सर्दियों की बारिश न होने से रबी फसलों पर गहरा संकट खड़ा हो गया है। हज़ारों हेक्टेयर में बुवाई नहीं हो सकी, जबकि खड़ी फसलें भी सूखे की चपेट में हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है।
By Gaurav Rai
राजस्थान के किसान कैलाश चौधरी ने आंवले की खेती और प्रोसेसिंग से चार हेक्टेयर ज़मीन पर करोड़ों का कारोबार खड़ा किया। पहले कच्चा आंवला कम दाम में बिकता था, लेकिन उन्होंने उससे कैंडी, मुरब्बा और जूस बनाना शुरू किया। इससे आमदनी कई गुना बढ़ गई। आज उनके उत्पाद देश के साथ-साथ विदेशों में भी बिकते हैं।
राजस्थान के किसान कैलाश चौधरी ने आंवले की खेती और प्रोसेसिंग से चार हेक्टेयर ज़मीन पर करोड़ों का कारोबार खड़ा किया। पहले कच्चा आंवला कम दाम में बिकता था, लेकिन उन्होंने उससे कैंडी, मुरब्बा और जूस बनाना शुरू किया। इससे आमदनी कई गुना बढ़ गई। आज उनके उत्पाद देश के साथ-साथ विदेशों में भी बिकते हैं।
By Dr SK Singh
लौकी की फ़सल पर काले धब्बे और फल सड़न की समस्या तेजी से बढ़ रही है। एन्थ्रेक्नोज और गमी स्टेम ब्लाइट जैसे फफूंद रोग पत्तियों, तनों और फलों को प्रभावित कर किसानों को भारी आर्थिक नुकसान पहुँचा सकते हैं।
लौकी की फ़सल पर काले धब्बे और फल सड़न की समस्या तेजी से बढ़ रही है। एन्थ्रेक्नोज और गमी स्टेम ब्लाइट जैसे फफूंद रोग पत्तियों, तनों और फलों को प्रभावित कर किसानों को भारी आर्थिक नुकसान पहुँचा सकते हैं।
By Gaon Connection
बिहार सरकार ने वर्ष 2025–26 के लिए किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से मशरूम किट और मशरूम झोपड़ी योजना शुरू की है। इस योजना के तहत पैडी, ऑयेस्टर, बटन और बकेट मशरूम किट पर 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।
बिहार सरकार ने वर्ष 2025–26 के लिए किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से मशरूम किट और मशरूम झोपड़ी योजना शुरू की है। इस योजना के तहत पैडी, ऑयेस्टर, बटन और बकेट मशरूम किट पर 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।
आज खेती केवल मेहनत नहीं बल्कि विज्ञान, अनुशासन और समझदारी का काम बन चुकी है। अगर किसान खेत की लेवलिंग, मिट्टी की सेहत और फ़सल चक्र पर ध्यान दें, तो खेती न सिर्फ़ टिकाऊ बल्कि ज़्यादा लाभदायक हो सकती है। बहराइच के किसान जय सिंह इसी सोच के प्रतीक हैं।
आज खेती केवल मेहनत नहीं बल्कि विज्ञान, अनुशासन और समझदारी का काम बन चुकी है। अगर किसान खेत की लेवलिंग, मिट्टी की सेहत और फ़सल चक्र पर ध्यान दें, तो खेती न सिर्फ़ टिकाऊ बल्कि ज़्यादा लाभदायक हो सकती है। बहराइच के किसान जय सिंह इसी सोच के प्रतीक हैं।
By Gaon Connection
रबी मौसम 2025–26 में ठंड और कोहरे के बढ़ते असर ने गेहूं की खेती को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। ऐसे में किसानों के लिए सही समय पर सिंचाई, संतुलित खाद और रोग-कीट पर नज़र रखना बेहद ज़रूरी हो गया है।
रबी मौसम 2025–26 में ठंड और कोहरे के बढ़ते असर ने गेहूं की खेती को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। ऐसे में किसानों के लिए सही समय पर सिंचाई, संतुलित खाद और रोग-कीट पर नज़र रखना बेहद ज़रूरी हो गया है।
By Gaon Connection
By Gaon Connection
By Gaon Connection
By Gaon Connection
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By Dr SK Singh
By Preeti Nahar