By Gaurav Rai
हाई ब्लड प्रेशर एक गंभीर लेकिन नियंत्रित की जा सकने वाली समस्या है। लेकिन कई बार छोटी-छोटी गलतियाँ मुसीबत बन सकती हैं, इसलिए समय रहते इस पर नियंत्रण पाया जा सकता है। एक्सपर्ट से जानिए कैसे समय रहते इसे बचा जा सकता है।
हाई ब्लड प्रेशर एक गंभीर लेकिन नियंत्रित की जा सकने वाली समस्या है। लेकिन कई बार छोटी-छोटी गलतियाँ मुसीबत बन सकती हैं, इसलिए समय रहते इस पर नियंत्रण पाया जा सकता है। एक्सपर्ट से जानिए कैसे समय रहते इसे बचा जा सकता है।
By Preeti Nahar
एआई स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नई सुबह का संकेत है। लखनऊ में हाल ही में आयोजित एक महत्वपूर्ण सम्मेलन में विशेषज्ञों ने बताया कि एआई तकनीक rural और urban स्वास्थ्य सुविधाओं के बीच की खाई को पाटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
एआई स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नई सुबह का संकेत है। लखनऊ में हाल ही में आयोजित एक महत्वपूर्ण सम्मेलन में विशेषज्ञों ने बताया कि एआई तकनीक rural और urban स्वास्थ्य सुविधाओं के बीच की खाई को पाटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
By Gaon Connection
WHO की 2025 की रिपोर्ट बताती है कि शुगर-मीठे पेयों पर टैक्स लगाना मोटापा, डायबिटीज़ और दिल की बीमारियों से लड़ने का असरदार तरीका है। रिपोर्ट के मुताबिक जहाँ टैक्स बढ़ा, वहाँ मीठे पेयों की खपत घटी और लोगों ने स्वस्थ विकल्प अपनाए।
WHO की 2025 की रिपोर्ट बताती है कि शुगर-मीठे पेयों पर टैक्स लगाना मोटापा, डायबिटीज़ और दिल की बीमारियों से लड़ने का असरदार तरीका है। रिपोर्ट के मुताबिक जहाँ टैक्स बढ़ा, वहाँ मीठे पेयों की खपत घटी और लोगों ने स्वस्थ विकल्प अपनाए।
By Gaon Connection
हाल के अध्ययनों से स्पष्ट है कि हार्ट अटैक अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि 18 से 45 वर्ष के युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहा है। बदलती जीवनशैली, अनियमित खानपान, तनाव, धूम्रपान और शारीरिक निष्क्रियता इसके प्रमुख कारण हैं।
हाल के अध्ययनों से स्पष्ट है कि हार्ट अटैक अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि 18 से 45 वर्ष के युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहा है। बदलती जीवनशैली, अनियमित खानपान, तनाव, धूम्रपान और शारीरिक निष्क्रियता इसके प्रमुख कारण हैं।
By Gaon Connection
WHO की 2025 की नई HIV clinical management गाइडलाइन इलाज को सिर्फ दवाओं तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उसे मरीजों की ज़िंदगी, सामाजिक हालात और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जोड़कर देखती है। भारत जैसे देश में, जहाँ HIV के साथ गरीबी, पलायन, टीबी और कलंक भी जुड़े हैं, ये नई सिफारिशें इलाज को ज्यादा सरल, सुरक्षित और इंसान-केंद्रित बनाने की दिशा में बड़ा संकेत देती हैं।
WHO की 2025 की नई HIV clinical management गाइडलाइन इलाज को सिर्फ दवाओं तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उसे मरीजों की ज़िंदगी, सामाजिक हालात और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जोड़कर देखती है। भारत जैसे देश में, जहाँ HIV के साथ गरीबी, पलायन, टीबी और कलंक भी जुड़े हैं, ये नई सिफारिशें इलाज को ज्यादा सरल, सुरक्षित और इंसान-केंद्रित बनाने की दिशा में बड़ा संकेत देती हैं।
By Preeti Nahar
लखनऊ की किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के हालिया शोध में एक चिंताजनक जानकारी सामने आई है। किशोरियों में फास्ट फूड के सेवन के कारण खून की कमी, जिसे हम एनीमिया कहते हैं, तेजी से बढ़ती जा रही है। 12 से 15 वर्ष की उम्र की 150 किशोरियों का अध्ययन करने पर, 89% में एनीमिया के लक्षण पाए गए।
लखनऊ की किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के हालिया शोध में एक चिंताजनक जानकारी सामने आई है। किशोरियों में फास्ट फूड के सेवन के कारण खून की कमी, जिसे हम एनीमिया कहते हैं, तेजी से बढ़ती जा रही है। 12 से 15 वर्ष की उम्र की 150 किशोरियों का अध्ययन करने पर, 89% में एनीमिया के लक्षण पाए गए।
By Dr SK Singh
मशरूम पोषण से भरपूर होते हैं, लेकिन गलत पहचान जानलेवा साबित हो सकती है। प्रकृति में पाए जाने वाले कई मशरूम अत्यंत विषैले होते हैं, जिनमें से कुछ देखने में बिल्कुल खाने योग्य जैसे लगते हैं। ज़हरीले और खाने योग्य मशरूम में अंतर कैसे करें, किन मिथकों से बचें, वैज्ञानिक पहचान के तरीके क्या हैं और गलती होने पर क्या करना चाहिए। यह जानकारी किसानों, जंगल से मशरूम चुनने वालों और आम लोगों के लिए बेहद ज़रूरी है।
मशरूम पोषण से भरपूर होते हैं, लेकिन गलत पहचान जानलेवा साबित हो सकती है। प्रकृति में पाए जाने वाले कई मशरूम अत्यंत विषैले होते हैं, जिनमें से कुछ देखने में बिल्कुल खाने योग्य जैसे लगते हैं। ज़हरीले और खाने योग्य मशरूम में अंतर कैसे करें, किन मिथकों से बचें, वैज्ञानिक पहचान के तरीके क्या हैं और गलती होने पर क्या करना चाहिए। यह जानकारी किसानों, जंगल से मशरूम चुनने वालों और आम लोगों के लिए बेहद ज़रूरी है।
By Gaon Connection
क्या आज का बच्चा सचमुच बचपन जी रहा है, या वह समय से पहले बड़ा होने को मजबूर कर दिया गया है? जब कंधों पर स्कूल बैग से ज़्यादा अपेक्षाओं का बोझ हो, और मुस्कान के पीछे डर व असुरक्षा छिपी हो, तो सवाल उठना स्वाभाविक है। अंकों, तुलना और स्क्रीन की दुनिया में घिरा बच्चा चुपचाप टूट रहा है और हम उसे “सामान्य” समझकर आगे बढ़ जाते हैं। यही चुप्पी आज बच्चों की मानसिक सेहत को सबसे गहरा ज़ख़्म दे रही है।
क्या आज का बच्चा सचमुच बचपन जी रहा है, या वह समय से पहले बड़ा होने को मजबूर कर दिया गया है? जब कंधों पर स्कूल बैग से ज़्यादा अपेक्षाओं का बोझ हो, और मुस्कान के पीछे डर व असुरक्षा छिपी हो, तो सवाल उठना स्वाभाविक है। अंकों, तुलना और स्क्रीन की दुनिया में घिरा बच्चा चुपचाप टूट रहा है और हम उसे “सामान्य” समझकर आगे बढ़ जाते हैं। यही चुप्पी आज बच्चों की मानसिक सेहत को सबसे गहरा ज़ख़्म दे रही है।
By Gaon Connection
जलवायु परिवर्तन, वायु प्रदूषण और पराग एलर्जी मिलकर एक ऐसा स्वास्थ्य संकट बना रहे हैं, जिसका असर बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक हर किसी पर पड़ रहा है। बढ़ता तापमान, लंबा पराग मौसम और जहरीली हवा सांस की बीमारियों को गंभीर बना रही है।
जलवायु परिवर्तन, वायु प्रदूषण और पराग एलर्जी मिलकर एक ऐसा स्वास्थ्य संकट बना रहे हैं, जिसका असर बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक हर किसी पर पड़ रहा है। बढ़ता तापमान, लंबा पराग मौसम और जहरीली हवा सांस की बीमारियों को गंभीर बना रही है।
By Gaon Connection
भारत में प्रजनन अंगों से जुड़े कैंसर एक गंभीर लेकिन अक्सर अनदेखा किया गया सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बनते जा रहे हैं। जनसंख्या आधारित कैंसर रजिस्ट्रियों के आंकड़े बताते हैं कि देश में हर सातवां कैंसर मामला प्रजनन अंगों से जुड़ा है, जिसमें महिलाओं पर बोझ असमान रूप से अधिक है।
भारत में प्रजनन अंगों से जुड़े कैंसर एक गंभीर लेकिन अक्सर अनदेखा किया गया सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बनते जा रहे हैं। जनसंख्या आधारित कैंसर रजिस्ट्रियों के आंकड़े बताते हैं कि देश में हर सातवां कैंसर मामला प्रजनन अंगों से जुड़ा है, जिसमें महिलाओं पर बोझ असमान रूप से अधिक है।
By Preeti Nahar
By Gaurav Rai
By Gaon Connection
By Gaon Connection
By Gaon Connection
By Gaon Connection
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