वर्मी कंपोस्ट से भी अच्छी होती है मुर्गियों की बीट की खाद, जानिए फायदे

मुर्गी की बीट से बनी खाद सस्ती होने के साथ ही फसलों के लिए गुणकारी भी है। ये पूरी तरह जैविक तो होता ही है, इससे पैदावार भी बढ़ जाती है।

खेती-किसानी घाटे का सौदा होता जा रहा है। किसानों का मुनाफा घटता जा रहा है। ऐसे में मुर्गी पालन से आप एक नहीं, अनेक फायदे कमा सकते हैं। यानी आम के आम, गुठलियों के दाम भी।

मुर्गी पालन कर आप चिकन और अंडे से अच्छी कमाई तो कर ही सकते हैं, साथ ही उसकी बीट (मल) से भी कमाई कर सकते हैं। आमतौर पर जानकारी न होने की वजह मुर्गी पालने वाले किसान मुर्गियों की बीट को ऐसे ही फेंक देते हैं। लेकिन किसान भाई ऐसा कतई न करें। बीट से कमाई तो होती ही है साथ ही उसके प्रयोग से फसलों की पैदावार बढ़ जाती है।

मुर्गियों से अब कमाइए दोहरा मुनाफा..

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पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया के कार्यकारी अधिकारी डॉ ऐके शर्मा कहते हैं "एक मुर्गी से एक दिन में 32 से 36 ग्राम बीट मिलता है। इसमें 40 फीसदी नमी होती है। यह खाद हॉर्टीकल्चर फसलों के लिए बेहतर है। इस खाद में फॉस्फोरस की मात्रा अन्य खादों के मुकाबले अधिक होती है और यही फॉस्फोरस फलों और सब्जियों के आकार को बढ़ाने का काम करता है। मुर्गी के बीट से किसान कमा तो सकते हैं साथ ही उसका प्रयोग अपने खेतों में भी कर सकते हैं। अभी बीट के खाद की कीमत बहुत कम हैं, लेकिन इसकी मांग बहुत तेजी से बढ़ रही है। जब मांग बढ़ेगी तो इसकी कीमतें भी बढ़ेंगी, ये किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगा।"

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तमिलनाडु एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय में मोलीक्यूलर बायोलॉजी विभाग की डायरेक्टर डॉ आर गन्नम बताती हैं "हमारी वेबसाइट पर पॉल्ट्री बीट के बारे में पूरी जानकारी है। पॉल्ट्री बीट फसलों के लिए बहुत ही फायदेमंद है। इस पर हमारे यहां बड़े स्तर पर रिसर्च किया जा रहा है। हम मुर्गीपालकों और किसानों को इसके फायदे बताने का प्रयास कर रहे हैं। मुर्गी की बीट से बना खाद पूरी तरह जैविक होता है, इसके कोई साइड इफेक्ट नहीं होते।

तमिलनाडु एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय की वेबसाइट के अनुसार पॉल्ट्री बीट में नाइट्रोजन 4.55 से 5.46 प्रतिशत, फास्फोरस 2.46 से 2.82%, पोटैशियम 2.02 से 2.32, कैल्सियम 4.52 से 8.15, मैग्नेशियम 0.52 से 0.73 प्रतिशत पाया जाता है। इसके अलावा अन्य कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो फसलों के बहुत फायदेमंद होते हैं।

बीट से मुर्गी पालक कर सकते हैं अच्छी कमाई

मुर्गी पालक मुर्गी की बीट से अच्छी कमाई कर सकते हैं। बाजार में इस समय मुर्गी बीट से बना खाद 12 से 14 रुपए प्रतिकिलो मिल रहा है।

रीकेम एग्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड, लखनऊ के संचालक विजय सिंह चौहान कहते हैं "हम किसानों से 5 से 10 रुपए प्रति कीलो मुर्गी की बीट खरीदते हैं। मुर्गी की बीट से बना खाद पूरी तरह जैविक होता है। इसलिए बाजार में इसकी काफी मांग है। हम इससे बने खाद को 12 से 14 रुपए प्रति किलो में बेच रहे हैं। मुर्गीपालक किसानों को हम जागरूक भी कर रहे हैं कि बीट को फेंके नहीं, हमें बेच दें।"

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इससे पहले मुर्गी की बीट से बायोगैस बनाने की भी खबरें आती रही हैं। उत्तर प्रदेश में भी बायोगैस और मुर्गी की बीट से बने खाद पर रिसर्च हो रहा है। इस बारे में उत्तर प्रदेश पशुपालन विभाग, पोल्ट्री के संयुक्त निदेशक डॉ वी के सचान कहते हैं " किसानों में मुर्गी खाद की काफी मांग है। खेती में इस खाद के उपयोग के बाद किसी अन्य खाद या उर्वरक की जरूरत नहीं पड़ती है। सरकार की तरफ से चलने वाले मुर्गी फार्म में के पालकों को हम इसके फायदे के बारे में बताते हैं। अब तो इसकी कीमतों में बढ़ोतरी भी हो रही है। बीट के कारोबार से मुर्गी का व्यवसाय और फायदेमंद साबित होगा।"

वहीं बिहार के हाजीपुर स्थित सुनील सिंह हेचरी प्राइवेट इंडिया लिमिटेड के निदेशक रजनीश सिंह कहते हैं " पहले तो हमें इसके बारे में जानकारी नहीं थी। लेकिन जैसे-जैसे जैविक खेती की ओर लोगों का रुझान बढ़ रहा है, मुर्गी की बीट की मांग भी बढ़ती जा रही है। हम आसपास ही जैविक खाद की कंपनियों को बीट बेच रहे हैं। अभी हमें 7 से 10 रुपए प्रतिकिलो मिल रहा है। जिस तरह इसकी मांग बढ़ रही है, आने वाले समय में मुर्गीपालन और फायदेमंद व्यवसाय साबित होगा।"

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