भैंस खरीदने जा रहे हैं तो इन चीज़ों को जरूर देखें, नहीं होगा धोखा

पशुओं को खरीदते समय उसके थनों के आकार को जरूर देखें थन चार हो और चारों बराबर लंबाई के हो और साथ ही बराबर दूरी पर हो।

भैंस खरीदने जा रहे हैं तो इन चीज़ों को जरूर देखें, नहीं होगा धोखा

लखनऊ। ज्यादातर पशुपालक पशु बाजार से भैंस खरीद तो लेते है लेकिन कभी-कभी ठगी का शिकार भी हो जाते है, जिससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान होता है क्योंकि पूंजी का बड़ा हिस्सा पशुओं को खरीदने पर लगाते है। अगर पशुपालक कुछ बातों को ध्यान में रखे तो अपने स्तर से ही भैँस को खरीद सकते है।

इन बातों का दे ध्यान

  • अगर व्यापारी आपको भैंस की नस्ल मुर्रा बता रहा है तो से जान लें मुर्रा भैंस एकदम काली होती है और इसके सींग मुड़ी हुई गोल और उसके सर के ऊपर होती है। मुर्रा के अलावा कई ऐसे भैंस होती है, जिनसे ज्यादा दूध उत्पादन होता है।
  • दूध देने वाली भैंस का शरीर हमेशा तिकोना होता है। यानि भैंस का शरीर पीछे से भारी और आगे से सकरा होगा। पैर मजबूत होंगे और अच्छी तरह जमीन पर टिकाऊ होंगे।
  • पशुओं को खरीदते समय उसके थनों के आकार को जरूर देखें थन चार हो और चारों बराबर लंबाई के हो और साथ ही बराबर दूरी पर हो।
  • इसके अलावा अयन का पेट से अच्छी तरह जुडाव होना चाहिए। थन लटकता नहीं होना चाहिए और किसी तरह की सूजन नहीं होनी चाहिए।
  • कई बार व्यापारी चालाकी करते है अयन में धुंआ कर देते है, जिसकी वजह से दो लीटर वाला अयन आपको चार से पांच लीटर तक का दिखता पड़ता है।
  • इसके लिए भैंस की पिछली दोनों टांगों को देखे की अयन का क्या आकार आ रहा है। पिछली टांगों से अयन जितना ज्यादा दिखेगा और जितना चौड़ा दिखेगा उसमें दूध देने की क्षमता उतनी ही ज्यादा होगी।
  • ज्यादातर व्यापारी सुबह के समय पशुओं को बेचने के लिए आते है क्योंकि व्यापारी शाम का दूध नहीं निकालते है और सुबह चढ़ा हुआ दूध मिलता जिससे जो भैंस पांच लीटर दूध देती है वो आठ लीटर हो जाता है। इसलिए पशु खरीदते समय पशु को दो बार दोहन करके जरूर देख ले दूध दोहन के बाद थन पूरी तरह से सिकुड़ जाना चाहिए।
  • पशु खरीदते समय उसकी उम्र पर जरूर ध्यान दें। और पशु की सही उम्र का पता लगाने के लिए उसके दांतों को देखा जाता है। पशु के मुंह की निचले हिस्से में में स्थायी दांतों के चार जोड़े होते हैं। ये सभी जोड़े एक साथ नहीं निकलते हैं। दांत का पहला जोड़ा पौने दो साल की उम्र में, दूसरा जोड़ा ढाई साल की उम्र में, तीसरा जोड़ा तीन साल के अन्त में और चौथा जोड़ा चौथे साल के अन्त की उम्र में निकलता है। इस प्रकार से दांतों को देखकर नई और पुरानी गाय/भैंस की सटीक पहचान की जा सकती है।

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