पशुधन, डेयरी, मत्स्य पालन करने वाले किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड, जानिए- कैसे और कौन कर सकता है आवेदन

देश में सभी पशुपालक, डेयरी व मत्स्य पालक किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ दिलाने के लिए मत्स्य विभाग (डीओएफ) और वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) ने राष्ट्रीय अभियान की शुरूआत की है।

पशुधन, डेयरी, मत्स्य पालन करने वाले किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड, जानिए- कैसे और कौन कर सकता है आवेदन

इस अभियान का आयोजन करने के लिए राज्यों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। फोटो: पिक्साबे

देश में सभी पात्र पशुपालन, डेयरी व मत्स्यपालन करने वाले किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरूआत की गई है। इसके जरिए अगले तीन महीनों में लगभग दो करोड़ लोगों को नामांकित करने का लक्ष्य रखा गया है।

आजादी का अमृत महोस्तव के भाग के रूप में मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री, पुरुषोत्तम रूपाला ने सोमवार, 15 नवंबर को वर्चुअल माध्यम से "राष्ट्रव्यापी एएचडीएफ केसीसी अभियान" (Nationwide AHDF KCC campaign) की आधिकारिक रूप से शुरूआत की।

देश के सभी पात्र पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ प्रदान करने के लिए मत्स्य विभाग (डीओएफ) और वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के सहयोग से 15 नवंबर 2021 से लेकर 15 फरवरी 2022 तक "राष्ट्रव्यापी एएचडीएफ केसीसी अभियान" चला रहा है। इस अभियान का आयोजन करने के लिए राज्यों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए। वित्तीय सेवाओं के विभाग द्वारा बैंकों के साथ-साथ राज्य सरकारों को भी आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।

सरकार ने वर्ष 2018-19 के बजट में पशुपालकों और मछुआरों के लिए केसीसी सुविधा के विस्तार की घोषणा की थी। ताकि उनकी कार्यशील पूंजी की आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद की जा सके। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रूपाला ने कहा कि अभियान का उद्देश्य देश के सभी पात्र पशुपालन, डेयरी और मत्स्यपालन करने वाले किसानों को केसीसी प्रदान करना है और यह सुनिश्चित करना है कि उन्हें संस्थागत ऋण मिले।

पिछले साल 1 जून 2020 से लेकर 31 दिसंबर 2020 तक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा वित्तीय सेवा विभाग के सहयोग से दुग्ध सहकारी समितियों और दुग्ध उत्पादक कंपनियों के पात्र डेयरी किसानों को एएचडीएफ केसीसी उपलब्ध कराने के लिए विशेष अभियान चलाया गया था। जिसके जरिए 14 लाख से ज्यादा नए एएचडीएफ केसीसी को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। जबकि, पूरे देश में लगभग 10 करोड़ एएचडी किसान हैं, इसलिए डेयरी सहकारी समितियों के अलावा भी इसके विस्तार की पर्याप्त संभावनाएं मौजूद है, जिससे कि अन्य पात्र डेयरी किसानों के साथ-साथ पशुपालन गतिविधियों में शामिल अन्य को भी कवर किया जा सके।

देश में सभी पशुपालक, डेयरी व मत्स्य पालक किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ दिलाने के लिए मत्स्य विभाग (डीओएफ) और वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) ने राष्ट्रीय अभियान की शुरूआत की है।

कैसे कर सकते हैं आवेदन

केसीसी से किसानों को कम ब्याज दर पर कर्ज मिलेगा।

केसीसी पर लिए गए 3 लाख रुपए तक के कर्ज की ब्याज दर वैसे तो 9 फीसदी है, लेकिन सरकार इसमें 2% की सब्सिडी देती है। इस तरह यह 9% हो जाती है, लेकिन समय पर रिटर्न करने पर 3% का और डिस्काउंट मिल रहा है। इस तरह ईमानदार किसानों के लिए इसकी दर केवल 4 प्रतिशत ही रह जाती है।

किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करने के लिए लाभार्थी की आयु 18-75 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

यदि किसान की आयु 60 वर्ष से अधिक है तो सह-आवेदक की भी जरूरत पड़ेगी।

अधिक जानकारी के लिए अपने जिले के पशुपालन या फिर मत्स्य विभाग के कार्यालय में संपर्क करें।

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