Arvind Shukla

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Arvind Shukla

    Maharastra
    Maharastra

    By Arvind Shukla

    अंगूर को मुनाफे की खेती कहा जाता है। अंगूर का सबसे ज्यादा उत्पादन महाराष्ट्र में होता है, अंगूर जैसी फसलों के चलते ही यहां के किसानों की आमदनी अपेक्षाकृत ज्यादा है, लेकिन इन दिनों सांगली, पुणे और नाशिक समेत कई जिलों में किसानों ने अपने बाग उजाड़ दिए हैं। जानिए क्यों लाखों रुपए का बना बनाया बाग उजाड़ने को मजबूर हैं ये किसान

    अंगूर को मुनाफे की खेती कहा जाता है। अंगूर का सबसे ज्यादा उत्पादन महाराष्ट्र में होता है, अंगूर जैसी फसलों के चलते ही यहां के किसानों की आमदनी अपेक्षाकृत ज्यादा है, लेकिन इन दिनों सांगली, पुणे और नाशिक समेत कई जिलों में किसानों ने अपने बाग उजाड़ दिए हैं। जानिए क्यों लाखों रुपए का बना बनाया बाग उजाड़ने को मजबूर हैं ये किसान

    #aap
    #aap

    By Arvind Shukla

    पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है, आप नेता भगवंत मान पंजाब के अगले मुख्यमंत्री बनेंगे। पंजाब में आप की जीत पर गाँव कनेक्शन ने आप के उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह से खास बात की है।

    पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है, आप नेता भगवंत मान पंजाब के अगले मुख्यमंत्री बनेंगे। पंजाब में आप की जीत पर गाँव कनेक्शन ने आप के उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह से खास बात की है।

    #story
    #story

    By Arvind Shukla

    Russia is the world's biggest exporter of wheat. While it is facing a slew of economic sanctions imposed by the West for invading Ukraine, there has been a sudden rise in global demand for wheat, which has led to a surge in wheat prices in India as traders are keen to export the foodgrain. How will it impact the domestic market? More details here.

    Russia is the world's biggest exporter of wheat. While it is facing a slew of economic sanctions imposed by the West for invading Ukraine, there has been a sudden rise in global demand for wheat, which has led to a surge in wheat prices in India as traders are keen to export the foodgrain. How will it impact the domestic market? More details here.

    #Wheat
    #Wheat

    By Arvind Shukla

    रुस-यूक्रेन युद्ध का असर पूरी दुनिया में दिखाई देने लगा है। पेट्रोलियम से लेकर खाद्य तेल की कीमतें बढ़ गई हैं। हालांकि कीमतों में उठापटक से भारत को कहीं घाटा तो कहीं फायदा भी है। ग्लोबल मार्केट में गेहूं की भारी मांग के चलते गेहूं एमएसपी से ऊपर पहुंच गया है। रतलाम मंडी में एक किसान को 3000 रुपए प्रति कुंटल का भाव मिला।

    रुस-यूक्रेन युद्ध का असर पूरी दुनिया में दिखाई देने लगा है। पेट्रोलियम से लेकर खाद्य तेल की कीमतें बढ़ गई हैं। हालांकि कीमतों में उठापटक से भारत को कहीं घाटा तो कहीं फायदा भी है। ग्लोबल मार्केट में गेहूं की भारी मांग के चलते गेहूं एमएसपी से ऊपर पहुंच गया है। रतलाम मंडी में एक किसान को 3000 रुपए प्रति कुंटल का भाव मिला।

    #Watermelon
    #Watermelon

    By Arvind Shukla

    तरबूज की फसल कम समय में होती है। लागत ज्यादा लगती है तो मुनाफा भी होता है। लेकिन इसमें कीट और रोग बहुत लगते हैं। ऐसे में जरूरी है किसान सही समय पर फसल बचाव के तरीके जरूर अपनाएं। आज की खबर में किसानों को कृषि वैज्ञानिक और एक्सपर्ट फसल बचाव की सलाह दे रहे हैं।

    तरबूज की फसल कम समय में होती है। लागत ज्यादा लगती है तो मुनाफा भी होता है। लेकिन इसमें कीट और रोग बहुत लगते हैं। ऐसे में जरूरी है किसान सही समय पर फसल बचाव के तरीके जरूर अपनाएं। आज की खबर में किसानों को कृषि वैज्ञानिक और एक्सपर्ट फसल बचाव की सलाह दे रहे हैं।

    #garlic  price
    #garlic price

    By Arvind Shukla

    खाने को स्वादिष्ट बनाने वाले मसालों में लहसुन प्रमुख है। लहसुन लगभग पूरे देश में खाया जाता है और कई राज्यों में इसकी बड़े पैमाने पर खेती होती है। एक सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने लोकसभा में लहसुन की खेती को लेकर आंकड़े दिए हैं। देखिए वो क्या कहते हैं।

    खाने को स्वादिष्ट बनाने वाले मसालों में लहसुन प्रमुख है। लहसुन लगभग पूरे देश में खाया जाता है और कई राज्यों में इसकी बड़े पैमाने पर खेती होती है। एक सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने लोकसभा में लहसुन की खेती को लेकर आंकड़े दिए हैं। देखिए वो क्या कहते हैं।

    #sugar mills
    #sugar mills

    By Arvind Shukla

    सीतापुर जिले के महोली चीनी मिल पर 1998 में ताला पड़ गया था। 1932 में बनी इस मिल में करीब 700 गांवों का गन्ना आता था। इन 24 वर्षों में जब भी चुनाव आए राजनीतिक पार्टियों ने इस मिल को दोबारा चालू कराने के वादे किए, लेकिन चुनाव के बाद बात ठंडे बस्ते में चली गई। गांव कनेक्शन की सीरीज क्या कहता है गांव में कहानी महोली मिल की।

    सीतापुर जिले के महोली चीनी मिल पर 1998 में ताला पड़ गया था। 1932 में बनी इस मिल में करीब 700 गांवों का गन्ना आता था। इन 24 वर्षों में जब भी चुनाव आए राजनीतिक पार्टियों ने इस मिल को दोबारा चालू कराने के वादे किए, लेकिन चुनाव के बाद बात ठंडे बस्ते में चली गई। गांव कनेक्शन की सीरीज क्या कहता है गांव में कहानी महोली मिल की।

    up election 2022
    up election 2022

    By Arvind Shukla

    पश्चिमी यूपी के बिजनौर में 14 फरवरी को चुनाव हैं। बिजनौर में गंगा के खादर में सैकड़ों गांव बसे हैं। इनमें से दर्जनों गांव ऐसे हैं, जिनकी जमीनें गंगा पार हैं। ये लोग रोज जान जोखिम में डालकर अपने काम करते हैं। कई बार हादसे हुए हैं, जिनमें लोगों की जान गई, कई बार तो शव तक नहीं मिले हैं। क्या कहता है गांव सीरीज में इसी इलाके से ग्राउंड रिपोर्ट

    पश्चिमी यूपी के बिजनौर में 14 फरवरी को चुनाव हैं। बिजनौर में गंगा के खादर में सैकड़ों गांव बसे हैं। इनमें से दर्जनों गांव ऐसे हैं, जिनकी जमीनें गंगा पार हैं। ये लोग रोज जान जोखिम में डालकर अपने काम करते हैं। कई बार हादसे हुए हैं, जिनमें लोगों की जान गई, कई बार तो शव तक नहीं मिले हैं। क्या कहता है गांव सीरीज में इसी इलाके से ग्राउंड रिपोर्ट

    #farmes
    #farmes

    By Arvind Shukla

    पश्चिमी यूपी की सियासत और अर्थव्यवस्था दोनों गन्ने के आसपास घूमती हैं। गांव कनेक्शन ने पश्चिमी यूपी के कई जिलों में किसानों से बात कर जानने क्या इस बार भी उनके लिए गन्ना का मुद्दा है? या फिर दूसरे मुद्दे गन्ने पर भारी पड़ेगे। " क्या कहता है गांव?" सीरीज की अगली खबऱ

    पश्चिमी यूपी की सियासत और अर्थव्यवस्था दोनों गन्ने के आसपास घूमती हैं। गांव कनेक्शन ने पश्चिमी यूपी के कई जिलों में किसानों से बात कर जानने क्या इस बार भी उनके लिए गन्ना का मुद्दा है? या फिर दूसरे मुद्दे गन्ने पर भारी पड़ेगे। " क्या कहता है गांव?" सीरीज की अगली खबऱ

    #farmer income
    #farmer income

    By Arvind Shukla

    डीजल, खाद, बीज की बढ़ी कीमतों ने खेती को फिर घाटे का सौदा बनाया है। पिछले एक साल में डीजल औसतन 15-20 रुपए लीटर महंगा हुआ तो पेस्टीसाइड और बीज की कीमतों में 10-20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। राष्ट्रीय आय के अनुमानित आंकड़े भी बढ़ती लागत की तरफ इशारा करते हैं। समझिए क्यों बने ऐसे हालात?

    डीजल, खाद, बीज की बढ़ी कीमतों ने खेती को फिर घाटे का सौदा बनाया है। पिछले एक साल में डीजल औसतन 15-20 रुपए लीटर महंगा हुआ तो पेस्टीसाइड और बीज की कीमतों में 10-20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। राष्ट्रीय आय के अनुमानित आंकड़े भी बढ़ती लागत की तरफ इशारा करते हैं। समझिए क्यों बने ऐसे हालात?