क्या है APAAR ID? जानिए क्यों है ज़रूरी, फायदे और कैसे बनवाएं डिजिटल स्टूडेंट आईडी
Gaon Connection | Jan 28, 2026, 15:12 IST
आने वाले समय में APAAR ID भारत की शिक्षा व्यवस्था को स्मार्ट, पारदर्शी और वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
छात्र-छात्राओं के शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल इंडिया और नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत शुरू की गई है APAAR ID - Automated Permanent Academic Account Registry, जिसे “वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी” के रूप में भी जाना जाता है। चलिए जानते हैं, क्या है ये और छात्रों के लिए क्यों है ज़रूरी।
यह एक डिजिटल और स्थायी छात्र पहचान संख्या है, जो स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक छात्र के पूरे शैक्षणिक रिकॉर्ड को एक ही प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रखने में मदद करती है। APAAR ID एक यूनिक डिजिटल पहचान नंबर है, जो हर छात्र को दिया जाता है। इसमें छात्र की शिक्षा से जुड़ी सभी जानकारियां जैसे, मार्कशीट, सर्टिफिकेट, डिग्री, कोर्स विवरण, स्किल ट्रेनिंग रिकॉर्ड जैसे डॉक्यूमेंट डिजिटल रूप सुरक्षित रहते हैं।
यह ID Academic Bank of Credits (ABC) और DigiLocker से जुड़ी होती है, जिससे छात्रों का डेटा सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध रहता है।
अब तक छात्रों को अलग-अलग संस्थानों से दस्तावेज़ जुटाने में काफी परेशानी होती थी। APAAR ID इस समस्या को खत्म करती है। इसके ज़रिए फर्जी प्रमाण पत्र पर रोक, छात्रों के रिकॉर्ड का डिजिटल सत्यापन, शिक्षा में पारदर्शिता, एक जगह सभी शैक्षणिक दस्तावेज, आसान एडमिशन प्रक्रिया जैसी सुविधाएँ मिलेंगी।
सभी रिकॉर्ड एक जगह: छात्र का पूरा शैक्षणिक इतिहास डिजिटल रूप से एक प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रहेगा।
एडमिशन में आसानी: कॉलेज या यूनिवर्सिटी में एडमिशन के समय बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
क्रेडिट ट्रांसफर सुविधा: अगर कोई छात्र बीच में कोर्स बदलता है, तो उसके पहले से अर्जित क्रेडिट सुरक्षित रहेंगे।
नौकरी और स्कॉलरशिप में मदद: APAAR ID से शैक्षणिक प्रमाण तुरंत सत्यापित किए जा सकते हैं, जिससे जॉब और स्कॉलरशिप प्रक्रिया आसान होती है।
डिजिटल इंडिया से जुड़ाव: यह पहल छात्रों को डिजिटल सिस्टम से जोड़ती है और पेपरलेस शिक्षा को बढ़ावा देती है।
APAAR ID बनाने की प्रक्रिया आसान है, ज्यादातर छात्रों की ID उनके स्कूल या कॉलेज द्वारा बनाई जाती है। APAAR ID को आधार नंबर से जोड़ा जाता है ताकि पहचान प्रमाणित हो सके। एक बार रजिस्ट्रेशन होने के बाद छात्र DigiLocker पर अपने डॉक्यूमेंट्स एक्सेस कर सकते हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि APAAR ID बनवाना स्वैच्छिक (Voluntary) है और छात्र/अभिभावक की सहमति ज़रूरी होती है।
नहीं। फिलहाल APAAR ID पूरी तरह स्वैच्छिक है। लेकिन भविष्य में डिजिटल शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए इसे व्यापक रूप से अपनाया जा सकता है।
सरकार का कहना है कि APAAR ID में छात्रों का डेटा एन्क्रिप्टेड (Encrypted) रहता है, सुरक्षित सरकारी सर्वर पर संग्रहित होता है, बिना अनुमति साझा नहीं किया जाता। इसका उद्देश्य छात्रों की गोपनीयता और डिजिटल सुरक्षा बनाए रखना है।
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APAAR ID क्या है ?
यह ID Academic Bank of Credits (ABC) और DigiLocker से जुड़ी होती है, जिससे छात्रों का डेटा सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध रहता है।
APAAR ID क्यों ज़रूरी है?
छात्रों को APAAR ID से क्या फायदे होंगे?
एडमिशन में आसानी: कॉलेज या यूनिवर्सिटी में एडमिशन के समय बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
क्रेडिट ट्रांसफर सुविधा: अगर कोई छात्र बीच में कोर्स बदलता है, तो उसके पहले से अर्जित क्रेडिट सुरक्षित रहेंगे।
नौकरी और स्कॉलरशिप में मदद: APAAR ID से शैक्षणिक प्रमाण तुरंत सत्यापित किए जा सकते हैं, जिससे जॉब और स्कॉलरशिप प्रक्रिया आसान होती है।
डिजिटल इंडिया से जुड़ाव: यह पहल छात्रों को डिजिटल सिस्टम से जोड़ती है और पेपरलेस शिक्षा को बढ़ावा देती है।
आने वाले वर्षों में APAAR ID भारत की शिक्षा व्यवस्था को स्मार्ट, पारदर्शी बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
APAAR ID कैसे बनाई जाती है?
क्या APAAR ID अनिवार्य है?
डेटा सुरक्षा को लेकर क्या व्यवस्था है?
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