By Gaon Connection
देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय होने से कुल वर्षा घाटा घटकर 15 प्रतिशत रह गया है, लेकिन कई कृषि प्रधान ज़िलों में अब भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की जा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, उत्तर प्रदेश और बिहार के कई वर्षा आधारित क्षेत्रों में मिट्टी में नमी की कमी बनी हुई है। यदि आने वाले महीनों में बारिश का समान वितरण नहीं हुआ, तो खरीफ़ फसलों के उत्पादन, कृषि विकास और खाद्य महँगाई पर असर पड़ सकता है।
देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय होने से कुल वर्षा घाटा घटकर 15 प्रतिशत रह गया है, लेकिन कई कृषि प्रधान ज़िलों में अब भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की जा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, उत्तर प्रदेश और बिहार के कई वर्षा आधारित क्षेत्रों में मिट्टी में नमी की कमी बनी हुई है। यदि आने वाले महीनों में बारिश का समान वितरण नहीं हुआ, तो खरीफ़ फसलों के उत्पादन, कृषि विकास और खाद्य महँगाई पर असर पड़ सकता है।
By Gaon Connection
भारत में एथेनॉल उत्पादन का स्वरूप तेज़ी से बदल रहा है। ऑल इंडिया डिस्टिलर्स' एसोसिएशन (एआईडीए) के अनुसार, जून 2026 तक देश की लगभग 67 प्रतिशत एथेनॉल आपूर्ति अनाज आधारित स्रोतों से हुई, जिसमें मक्का सबसे बड़ा फ़ीडस्टॉक बनकर उभरा है। गन्ने पर निर्भरता कम होने से एथेनॉल उद्योग अधिक संतुलित और मज़बूत बन रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे किसानों को नए बाज़ार मिलेंगे, ऊर्जा सुरक्षा बढ़ेगी और सरकार के एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम को भी गति मिलेगी।
भारत में एथेनॉल उत्पादन का स्वरूप तेज़ी से बदल रहा है। ऑल इंडिया डिस्टिलर्स' एसोसिएशन (एआईडीए) के अनुसार, जून 2026 तक देश की लगभग 67 प्रतिशत एथेनॉल आपूर्ति अनाज आधारित स्रोतों से हुई, जिसमें मक्का सबसे बड़ा फ़ीडस्टॉक बनकर उभरा है। गन्ने पर निर्भरता कम होने से एथेनॉल उद्योग अधिक संतुलित और मज़बूत बन रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे किसानों को नए बाज़ार मिलेंगे, ऊर्जा सुरक्षा बढ़ेगी और सरकार के एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम को भी गति मिलेगी।
By Gaon Connection
देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय होने के बाद जुलाई में कपास की बुवाई ने तेज़ी पकड़ ली है। शुरुआती देरी के बावजूद महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और मध्य प्रदेश जैसे प्रमुख राज्यों में अच्छी बारिश से बुवाई में सुधार हुआ है, हालांकि कुल रक़बा अभी भी पिछले वर्ष से कम है। कई किसान बेहतर दाम मिलने की उम्मीद में धान की जगह कपास और दलहन की खेती की ओर रुख़ कर रहे हैं। वहीं खरीफ़ सीज़न की बुवाई भी रफ़्तार पकड़ रही है और कृषि विशेषज्ञ इस वर्ष अच्छी पैदावार की उम्मीद जता रहे हैं।
देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय होने के बाद जुलाई में कपास की बुवाई ने तेज़ी पकड़ ली है। शुरुआती देरी के बावजूद महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और मध्य प्रदेश जैसे प्रमुख राज्यों में अच्छी बारिश से बुवाई में सुधार हुआ है, हालांकि कुल रक़बा अभी भी पिछले वर्ष से कम है। कई किसान बेहतर दाम मिलने की उम्मीद में धान की जगह कपास और दलहन की खेती की ओर रुख़ कर रहे हैं। वहीं खरीफ़ सीज़न की बुवाई भी रफ़्तार पकड़ रही है और कृषि विशेषज्ञ इस वर्ष अच्छी पैदावार की उम्मीद जता रहे हैं।
By Gaon Connection
उत्तर प्रदेश सरकार ने खरीफ़ सीज़न के दौरान किसानों को खाद की कमी न होने का भरोसा दिया है। राज्य में 31 लाख टन से अधिक उर्वरकों का भंडार उपलब्ध है और केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। सरकार ने किसानों से फ़ार्मर रजिस्ट्री कराने और अनावश्यक खाद का भंडारण न करने की अपील की है। वहीं, कालाबाज़ारी और जमाखोरी रोकने के लिए सख़्त कार्रवाई जारी है। सरकार ने इस वर्ष खरीफ़ बुवाई और खाद्यान्न उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि का लक्ष्य भी निर्धारित किया है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने खरीफ़ सीज़न के दौरान किसानों को खाद की कमी न होने का भरोसा दिया है। राज्य में 31 लाख टन से अधिक उर्वरकों का भंडार उपलब्ध है और केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। सरकार ने किसानों से फ़ार्मर रजिस्ट्री कराने और अनावश्यक खाद का भंडारण न करने की अपील की है। वहीं, कालाबाज़ारी और जमाखोरी रोकने के लिए सख़्त कार्रवाई जारी है। सरकार ने इस वर्ष खरीफ़ बुवाई और खाद्यान्न उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि का लक्ष्य भी निर्धारित किया है।
By Gaon Connection
यूरोप की जलवायु निगरानी संस्था कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस (C3S) की रिपोर्ट के अनुसार जून 2026 वैश्विक स्तर पर अब तक का दूसरा सबसे गर्म जून रहा, जबकि पश्चिमी यूरोप ने अपने इतिहास का सबसे गर्म जून दर्ज किया। रिपोर्ट में बताया गया है कि रिकॉर्ड समुद्री तापमान, भीषण हीटवेव, सूखा और जंगलों में आग जैसी घटनाओं के पीछे तेज़ी से विकसित हो रहा एल नीनो भी एक प्रमुख कारण है। वैज्ञानिकों ने आने वाले महीनों में जलवायु जोखिम और बढ़ने की आशंका जताई है।
यूरोप की जलवायु निगरानी संस्था कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस (C3S) की रिपोर्ट के अनुसार जून 2026 वैश्विक स्तर पर अब तक का दूसरा सबसे गर्म जून रहा, जबकि पश्चिमी यूरोप ने अपने इतिहास का सबसे गर्म जून दर्ज किया। रिपोर्ट में बताया गया है कि रिकॉर्ड समुद्री तापमान, भीषण हीटवेव, सूखा और जंगलों में आग जैसी घटनाओं के पीछे तेज़ी से विकसित हो रहा एल नीनो भी एक प्रमुख कारण है। वैज्ञानिकों ने आने वाले महीनों में जलवायु जोखिम और बढ़ने की आशंका जताई है।
By Gaon Connection
केंद्र सरकार ने तमिलनाडु के किसानों को राहत देते हुए वर्ष 2026 के लिए 87,226 मीट्रिक टन खोपरा की एमएसपी पर खरीद और 96,879 मीट्रिक टन तोतापुरी आम की बाजार हस्तक्षेप योजना (MIS) के तहत खरीद को मंज़ूरी दी है। खोपरा खरीद का कुल एमएसपी मूल्य 1,049.16 करोड़ रुपये से अधिक होगा, जबकि तोतापुरी आम का बाजार हस्तक्षेप मूल्य 1,545.41 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिलेगा और उन्हें कम कीमत पर फसल बेचने की मजबूरी से राहत मिलेगी।
केंद्र सरकार ने तमिलनाडु के किसानों को राहत देते हुए वर्ष 2026 के लिए 87,226 मीट्रिक टन खोपरा की एमएसपी पर खरीद और 96,879 मीट्रिक टन तोतापुरी आम की बाजार हस्तक्षेप योजना (MIS) के तहत खरीद को मंज़ूरी दी है। खोपरा खरीद का कुल एमएसपी मूल्य 1,049.16 करोड़ रुपये से अधिक होगा, जबकि तोतापुरी आम का बाजार हस्तक्षेप मूल्य 1,545.41 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिलेगा और उन्हें कम कीमत पर फसल बेचने की मजबूरी से राहत मिलेगी।
By Gaon Connection
देश के कई राज्यों में मानसून की तेज़ गतिविधियों के कारण भारी वर्षा जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, बिहार, असम, केरल और अन्य राज्यों के कई ज़िलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने आंधी, बिजली गिरने और 60 किमी प्रति घंटा तक की तेज़ हवाओं की चेतावनी देते हुए लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। लगातार वर्षा से कई क्षेत्रों में जलभराव, फ्लैश फ़्लड और यातायात प्रभावित हुआ है, जबकि महाराष्ट्र में मानसून से जुड़ी घटनाओं में 62 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई है।
देश के कई राज्यों में मानसून की तेज़ गतिविधियों के कारण भारी वर्षा जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, बिहार, असम, केरल और अन्य राज्यों के कई ज़िलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने आंधी, बिजली गिरने और 60 किमी प्रति घंटा तक की तेज़ हवाओं की चेतावनी देते हुए लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। लगातार वर्षा से कई क्षेत्रों में जलभराव, फ्लैश फ़्लड और यातायात प्रभावित हुआ है, जबकि महाराष्ट्र में मानसून से जुड़ी घटनाओं में 62 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई है।
By Gaon Connection
उत्तर प्रदेश सरकार पौधरोपण महायज्ञ-2026 के तहत प्रदेश की 13 प्रमुख नदियों के किनारे 3.83 करोड़ से अधिक पौधे लगाएगी। इसके लिए 2,673 स्थानों पर 22,240.11 हेक्टेयर क्षेत्र चिह्नित किया गया है। सबसे अधिक पौधरोपण यमुना नदी के किनारे होगा, जबकि गंगा तट पर भी बड़े स्तर पर अभियान चलेगा। वन विभाग ने अभियान की तैयारियाँ पूरी कर ली हैं और इसे उत्सव के रूप में आयोजित किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश सरकार पौधरोपण महायज्ञ-2026 के तहत प्रदेश की 13 प्रमुख नदियों के किनारे 3.83 करोड़ से अधिक पौधे लगाएगी। इसके लिए 2,673 स्थानों पर 22,240.11 हेक्टेयर क्षेत्र चिह्नित किया गया है। सबसे अधिक पौधरोपण यमुना नदी के किनारे होगा, जबकि गंगा तट पर भी बड़े स्तर पर अभियान चलेगा। वन विभाग ने अभियान की तैयारियाँ पूरी कर ली हैं और इसे उत्सव के रूप में आयोजित किया जाएगा।
By Gaon Connection
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया को 100 टन उच्च गुणवत्ता वाले ‘डीडब्ल्यूआर-162’ गेहूँ के बीज देने की घोषणा की। दोनों देशों ने खाद्य सुरक्षा, टिकाऊ कृषि और आधुनिक कृषि तकनीक में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। यात्रा के दौरान रक्षा, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य और कृषि समेत विभिन्न क्षेत्रों में 20 महत्वपूर्ण समझौते और घोषणाएँ भी हुईं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया को 100 टन उच्च गुणवत्ता वाले ‘डीडब्ल्यूआर-162’ गेहूँ के बीज देने की घोषणा की। दोनों देशों ने खाद्य सुरक्षा, टिकाऊ कृषि और आधुनिक कृषि तकनीक में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। यात्रा के दौरान रक्षा, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य और कृषि समेत विभिन्न क्षेत्रों में 20 महत्वपूर्ण समझौते और घोषणाएँ भी हुईं।
By Gaon Connection
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘प्रगति’ पहल लॉन्च की, जिसके तहत 20 हज़ार कृषि-उद्यमी तैयार कर 20 लाख छोटे और सीमांत किसानों को तकनीक, वित्त, बाज़ार और आधुनिक खेती से जोड़ा जाएगा। योजना का लक्ष्य किसानों की आय में 30 प्रतिशत और प्रमुख फसलों की उत्पादकता में 15-20 प्रतिशत तक वृद्धि कर टिकाऊ कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करना है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘प्रगति’ पहल लॉन्च की, जिसके तहत 20 हज़ार कृषि-उद्यमी तैयार कर 20 लाख छोटे और सीमांत किसानों को तकनीक, वित्त, बाज़ार और आधुनिक खेती से जोड़ा जाएगा। योजना का लक्ष्य किसानों की आय में 30 प्रतिशत और प्रमुख फसलों की उत्पादकता में 15-20 प्रतिशत तक वृद्धि कर टिकाऊ कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करना है।