मध्यप्रदेश में महिला कलेक्टर की पहल, छात्राओँ को सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाएगा ‘पंख’

मध्यप्रदेश में महिला कलेक्टर की पहल, छात्राओँ को सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाएगा ‘पंख’मध्यप्रदेश में खंडवा की कलेक्शन स्वाती मीणा नायक। फोटो- साभार  फेसबुक और इंटरनेट

खंडवा (मध्य प्रदेश)। महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा देने के लिए सरकारों तो पहल कर रही हैं तमाम कानून भी अपना काम कर रहे हैं। मध्यप्रदेश में एक महिला आईएएस अधिकारी ने नई पहल की है, जिसकी इलाके के साथ सोशल मीडिया में भी चर्चा हो रही है। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले की डीएम स्वाती मीणा नायक ने जिले में बालिकाओं की सुरक्षा के लिए 'पंख' नामक दल शुरू किया है।

पंख योजना महिलाओं की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता एवं जेंडर संवेदीकरण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए है। इसके लिए गठित दल का नाम पंख दल रखा गया है। यह दल स्कूली बालिकाओं और महिलाओं को लेकर विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करेगा और इन्हें उनके कर्तव्यों को लेकर उन्हें प्रेरित करेगा। ये दल लिंग भेद को खत्म करने की कोशिश तो करेगा ही महिलाओं को समाज में उन्हें बराबरी का दर्जा भी दिलाएगा। पूरी कवायद का मकसद सोच में बदलाव लाना है।

आईएएस स्वाती मीणा नायक। फोटो- साभार फेसबुक

अपने तेज़ तर्तार रुख के लिए जानी जाने वाली इस महिला डीएम स्वाति मीणा नायक के मुताबिक यह दल महिलाओं और बालिकाओं के प्रति होने वाले भेदभाव को खत्म कर समाज में उन्हें बड़ा दर्जा दिलाएगा। 'पंख' योजना के तहत जिले के सभी स्कूलों की बालिकाओं को लेकर एक वर्कशॉप का आयोजन किया गया, जिसमें 'पंख' महिलाओं और बालिकाओं के लिए कैसे कारगर होगा इसकी जानकारी दी गई।

पंख यानी PANKH का मतलब है -

P- PROTECTION,

A- AWARENESS,

N- NUTRITION,

K- KNOWLEDGE,

H- HYGIENE

कम उम्र में कलेक्टर बनीं ये महिला कलेक्टर खनन माफिया के खिलाफ चलाए अपने अभियान को लेकर भी चर्चा में रही थी। उसके बाद दहशरों में एके 47 और दूसरे हथियारों से फायरिंग को लेकर भी चर्चा में आई थीं। स्थानीय लोग इनकी कार्यशैली को काफी पसंद करते हैं।


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