पांच राज्यों के चुनावी घमासान के बीच ये भी जानिए, कई पार्टियों के चुनाव चिन्ह हैं रोचक

पांच राज्यों के चुनावी घमासान के बीच ये भी जानिए, कई पार्टियों के चुनाव चिन्ह हैं रोचकदेश की प्रमुख पार्टियों के चुनाव चिन्ह।

लखनऊ। पांच राज्यों में चुनावी घमासान चल रहा है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, मिजोरम और तेलंगाना के चुनावों को २०१९ का सेमीफाइनल माना जा रहा है। कांग्रेस के समर्थक अपना चुनाव चिन्ह लहरा रहे हैं। तो बीजेपी वाले अपना । लेकिन क्या आप जानते हैं राजनीतिक पार्टियों के चुनाव चिन्ह भी काफी रोचक है। चलिए आपको बताते हैं, भारत की राजनीति को चलाने वाली राष्ट्रीय पार्टियों के चुनाव चिन्ह के क्या हैं।

समाजवादी पार्टी

समाजवादी पार्टी (सपा)- साइकिल

अपनी स्थापना के स्वर्ण जयंती साल में विवादों में घिरी रही समाजवादी पार्टी का उदय जनता परिवार से हुआ था। मुलायम सिंह यादव इसके कर्ताधर्ता रहे हैं और इसका चुनाव चिन्ह साइकिल हैं। हालांकि इससे पहले मुलायम कंधे पर हलधरे किसान के साथ चुनाव लड़ चुके थे। बाद में अपनी पार्टी बनाई। वर्तमान में अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी के मुखिया हैं और मुलायम सिंह यादव पार्टी के संरक्षक है। मुलायम के भाई शिवपाल सिंह यादव ने अपनी नई पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी बना ली है।

तेलुगू देशम पार्टी।

तेलुगू देशम पार्टी- साइकिल

दक्षिण भारत के आंध्रप्रदेश की प्रमुख पार्टी तेलुगू देशम पार्टी की स्थापना तेलगू फिल्मों के अभिनेता एनटी रामाराव के जमाने में हुई थी, लेकिन चंद्रबाबू नायडू ने पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। इस पार्टी का चुनाव चिन्ह साइकिल हैं।

भाजपा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)- कमल का फूल

केंद्र में सत्ताधारी भाजपा डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी द्वारा आजादी के बाद 1951 में स्थापित जनसंघ का वर्तमान रुप है। स्थापना के वक्त जनसंघ का चुनाव चिन्ह दीपक था जो 1977 में भारतीय जनसंघ बनने पर हलधर किसान और इसके बाद 1980 में भाजपा बनी, जिसका चुनाव चिन्ह कमल का फूल है।

कांग्रेस।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस)- पंजा

देश में सबसे ज्यादा वक्त तक शासन करने वाली कांग्रेस के चुनाव चिन्ह कई बार बदले। 1885 में कांग्रेस का चुनाव चिन्ह हल के साथ 2 बैल थे, उसके बाद गाय-बछड़ा हुए। आजादी के बाद बदले स्वरूप में इंदिरागांधी ने सबसे पहले कांग्रेस के लिए पंजे का इस्तेमाल किया।

बसपा

बहुजन समाज पार्टी (बसपा)- हाथी

दलितों के उत्थान के लिए 1984 में कांशीराम ने बहुजन समाज पार्टी की नींव रखी। 2014 के आम चुनाव में बिना कोई सीट जीते बसपा सबसे ज्यादा वोट पाने वाली पार्टियों में तीसरे नंबर पर रही। वर्तमान की इसकी कर्ताधर्ता मायावती और चुनाव चिन्ह हाथी है।

माकपाः फोटो साभार

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा)- हंसिया-हथौड़ा

माकपा का चुनाव चिह्न हंसिया-हथौड़ा है। हंसिया और हथौड़ा अर्थात खेतिहर मजदूर और कारखाने के मजदूरों का प्रतीक है। भारत के साम्यवादी दल माकपा की स्थापना 26 दिसम्बर 1925 को कानपुर नगर में हुई थी। ये भारतीय कम्यूनिटी पार्टी से टूट कर बना था।

सीपीआई

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा)-बाली-हंसिया

आम आदमी की बात करने वाली भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का चुनाव चिन्ह बाली और हंसिया 1952 से अब तक उसके पास बना हुआ है। हालांकि इस पार्टी में भी टूट हुई और एक नया गुट मार्क्सवादी कम्युनिस्ट बना बना।

राकांपा।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) : घड़ी

कांग्रेस से अलग होकर अलग पार्टी बनाने वाले शरद पवार राकांपा के मुखिया हैं। महाराष्ट्र में जनाधार वाली इस पार्टी का चुनाव चिन्ह घड़ी है।

बीजू जनता दल।

बीजू जनता दल (बीजद) : शंख

जनता परिवार से निकलने वाले क्षेत्रीय दलों में बीजू जनता दल का नाम अहम है। ओडिशा की प्रमुख और सत्ताधारी पार्टी बीजद की स्थापना नवीन पटनायक ने अपने पिता बीजू पटनायक के नाम पर 1997 में की। इस का चुनाव चिन्ह शंख है।

जनता दल (यूनाइटेड)

जनता दल (यूनाइटेड)-तीर

नीतीश कुमार और शरद यादव की अगुवाई वाले इस दल का चुनाव चिन्ह तीर है। यह चिह्न अविभाजित जनता दल का था। यह ध्वज जॉर्ज फर्नांडीज़ की समता पार्टी का ही था। फिलहाल बिहार में लालू की आरजेडी के साथ मिलकर जेडीयू सत्ता में है।

एआईएडीएमके

ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) - दो पत्तियां

एआईजीएडीएमके का चुनाव चिन्ह 'दो पत्तियां' हैं। ये चुनाव चिन्ह काफी विवाद के बाद मिला था। 1987 में एम.जी. रामचंद्रन की मृत्यु के बाद एआईएडीएमके को लेकर जानकी रामचंद्रन और जयललिता के बीच अनबन हो गई। अत: चुनाव आयोग ने दोनों को एमजीआर के उत्तराधिकारी के रूप में पार्टी की कमान संभालने में अयोग्य करार दिया। परिणामस्वरूप दोनों को अलग-अलग चुनाव चिह्न आवंटित किए गए। जानकी रामचंद्रन को 'दो कबूतर' तथा जयललिता गुट को 'बांग देता हुआ मुर्गा' चुनाव चिह्न दिया गया। हालांकि, द्रमुक के शक्तिशाली बनकर उभरने से उक्त मामला हल हो गया और 1989 में जयललिता की पार्टी एआईएडीएमके को 'दो पत्तियां' आवंटित हुईं।।

डीएमके

द्रविण मुनेत्र कड़गम (डीएमके)-उगता सूरज

तमिलनाडु में एम करुणानिधि की पार्टी के नाम से जानी जाने वाली डीएमके मजबूत पार्टी रही है। इसका चुनाव चुन्ह दो पर्वतों के बीच से उगता हुआ सूरत है। करुणानिधि के निधन के बाद द्रविण मनेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष उनके बेटे स्टालिन हैं।

टीएमसी।

अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस - दो फूल

कांग्रेस से अलग होकर ममता बनर्जी से अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की स्थापना की। पश्चिम बंगाल में 36 साल से डटे लेफ्ट को हराकर ममता बनर्जी भारतीय राजनीति में छा गईं। पार्टी का चुनाव चिन्ह दो फूल हैं, मां माटी और मानुष के नारे पर चलने वाली पार्टी की मुखिया 'दीदी' देश की ताकतवर सियासी महिलाओं में गिनी जाती हैं।

जनता दल (सेक्युलर)

जनता दल (सेक्युलर): महिला के सिर पर धान

पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा की जनता दल (सेक्युलर) भी जनता परिवार से अलग होकर बनी है। पार्टी का चुनाव चिन्ह अपने सिर पर धान रखकर ले जाती एक किसान महिला है। जनता परिवार की दूसरी पार्टियों की तरह जेडी(एस) भी कई बार समझौते और विलय को लेकर चर्चा में रहती है।

आरजेडी

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) : लालटेन

उत्तर भारत के बिहार में राजद अहम पार्टी है। सबसे रोचक नेताओं में गिने जाने वाले लालू प्रसाद यादव की पार्टी का चुनाव चिन्ह लालटेन है। पार्टी का केंद्र बिंदु लालू का परिवार है। उनकी पत्नी, बेटी और बेटे अहम भूमिकाओं में हैं।

शिवसेना

शिवसेना: तीर-कमान

बाला साहब ठाकरे और शिवसेना हिंदुत्व और राष्ट्रवादी भावना के पर्याय रहे हैं। महाराष्ट्र केंद्रित शिवसेना का चुनाव चिन्ह तीर कमान है। आमतौर पर यह पार्टी के केसरिया रंग के ध्वज पर इस्तेमाल किया जाता है। केसरिया रंग हिन्दुत्व का प्रतीक है। शिवसेना से विभाजन के बाद राजठाकरे मनसे बनाई थी।

मनसे

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे): रेलवे इंजन

बाला साहेब ठाकरे के भतीजे राज ठाकरे ने शिवसेना से अलग होकर मनसे बनाई थी, जिसका निशान रेलवे का इंजन है।

शिरोमणी अकाली दल

शिरोमणि अकाली दल- तराजु

शिरोमणि अकाली दल पंजाब केंद्रीय भारत का एक प्रमुख क्षेत्रीय राजनीतिक दल है। प्रकाश सिंह बादल के नेतृत्व में पंजाब में इस दल की भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन की सरकार है। सुखबीर सिंह बादल इसके वर्तमान अध्यक्ष हैं। पार्टी का चुनाव चिन्ह ताराजु है।

तेलंगाना राष्ट्र समिति।

तेलांगाना राष्ट्र समिति- कार

तेलंगाना राष्ट्र समिति की दक्षिण के नवनिर्मित राज्य तेलंगाना में सरकार है। 2001 को अत्तिव में आई टीआरएस की स्थापना प्रदेश के मौजूदा मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने की। पार्टी का चुनाव चिन्ह कार है।

आम आदमी पार्टी

आम आदमी पार्टी (आप): झाड़ू

अन्ना के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से जन्मी आम आदमी पार्टी (आप) का चुनाव चिन्ह झाड़ू है। इस पार्टी के मुखिया पूर्व नौकरशाह अरविंद केजरीवाल है और दिल्ली में इस पार्टी की सरकार है।

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