प्राइवेट नौकरी करने वालों के लिये खुश-खबरी, अब कंपनियां आसानी से नहीं निकाल पाएंगी आपको

प्राइवेट नौकरी करने वालों के लिये खुश-खबरी, अब कंपनियां आसानी से नहीं निकाल पाएंगी आपकोप्रतीकात्मक तस्वीर।

प्राइवेट नौकरी करने वालों के लिये हमेशा एक चिंता बनी रहती है पता नहीं कब बॉस नाराज हो और कब नौकरी से निकाल दे। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। सरकार एक ऐसा कानून लाने जा रही है जिससे आपको कंपनियां नौकरी से नहीं निकाल सकेंगी।

सरकार ने इस बात के संकेत दिए हैं कि वह लेबर रिफॉर्म के लिए फिलहाल तैयार नहीं है। यानी कि वह इससे हाथ खींच सकती है। इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड बिल में सरकार की ओर से कोई चेंज नहीं करने के चलते कोई भी प्राइवेट कंपनी आपको नौकरी से नहीं निकाल पाएगी।

ये भी पढ़ें- धर्म परिवर्तन को लेकर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, बदलना है धर्म तो लेनी होगी मंजूरी

क्या है इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड बिल और क्या बदलाव लाने वाली थी सरकार

इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड बिल एक ऐसा प्रस्ताव था, जिसके मुताबिक कोई भी ऐसी कंपनी जिसमें 300 इंप्लॉयी हों, उसे छंटनी करने के लिए सरकार से परमिशन लेनी होती थी। लेकिन अब कंपनी के लिए सरकार ने नियम और कड़े कर लिए हैं। सरकार ने प्रस्ताव में बदलाव करते हुए अब 100 इंप्लॉयी वाली कंपनी को भी छंटनी करने के लिए परमिशन का नियम बनाया है। यानी उस कंपनी को अब छंटनी के लिए बाकायदा सरकार से पूछना पड़ेगा जिसमें 100 इंप्लॉयी भी काम करते हैं।

ये भी पढ़ें- दुनियाभर में रोजगार के अवसरों को लेकर बेहतर उम्मीद रखने वाले देशों में भारतीय कंपनियों का तीसरा स्थान

ये नियम बना सकती है सरकार

इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड बिल में छंटनी के नियम आसान बनाने के साथ-साथ मुआवजा बढ़ाने का भी प्रस्ताव शामिल किया गया था। छंटनी की सूरत में 15 दिन की बजाय तीन गुनी तक सैलेरी देने का प्रस्ताव है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि सरकार मुआवजे का प्रावधान भी ठंडे बस्ते में डालने की तैयारी में है। बढ़ती बेरोजगार की वजह से सरकार जोखिम नहीं लेना चाहती।

ताजा अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहां, ट्विटर हैंडल को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।

Share it
Top