इन तरीकों से जानें कितना एवरेज देती है आपकी बाइक और कार

हम कोई चाहता है कि उसकी गाड़ी का माइलेज अच्छा हो। एक लीटर पेट्रोल या डीजल में वो ज्यादा चले, लेकिन ये कैसे निकाला जाता है वो नहीं पता होता, नीचे इसकी पूरी जानकारी दी गई है।

इन तरीकों से जानें कितना एवरेज देती है आपकी बाइक और कारमाइलेज यानी एक लीटर पेट्रोल या डीजल में कितना चलती है गाड़ी।

जिस तरह से पेट्रोल की कीमतें आसमान छू रही हैं, लोगों के लिए अपनी कार या मोटरसाइकिल का चलाना महंगा हो गया है। ऐसे में सबसे जरुरी है कि आप की गाड़ी अच्छा माइलेज यानि प्रति लीटर पेट्रोल या डीजल के मुकाबले कितना चलती है ये पता होना चाहिए। नीचे कुछ तरीके दिए गए हैं जिससे आप पता लगा सकते हैं आपकी गाड़ी कितना एवरेज दे रही है।

लखनऊ। अक्सर लोग अपनी बाइक या कार के एवरेज को लेकर उहापोह में रहते हैं। उन्हें पता ही नहीं चल पाता कि उनकी गाड़ी का एवरेज क्या है, यानि एक लीटर में पेट्रोल या डीजल में उनकी गाड़ी कितने किलोमीटर का सफर तय करती है। लेकिन हम आपको बताते हैं कैसे आप अपनी गाड़ी का एवरेज पता कर सकते हैं।

  • माइलेज पता करने के लिए सबसे पहले आपको अपनी गाड़ी (कार या बाइक) का टैंक फुल कराना होगा। ध्यान रहे कि आप हर बार एक ही ब्रैंड का तेल भराएं, इसे चेंज करते रहने से भी माइलेज में अंतर आता है। गाड़ी में तेल भरते समय ट्रिप मीटर को जीरो पर फिक्स करें। फिर जब फ्यूल आधा रह जाए तो फिर से टैंक फुल करा लें। आपको नोट करना होगा कि पिछली बार कार कितने किलोमीटर चली है और दूसरी बार में कितने लीटर फ्यूल डाला गया है।
  • आपकी कार या बाइक या स्कूटर की चली गई दूरी को दूसरी बार भराए गए पेट्रोलियम (डीजल-पेट्रोल) से भाग करें, तो आपकी कार की माइलेज निकल आएगी। उदाहरण के लिए अगर आपकी कार 500 किलोमीटर चली है और आपने 20 लीटर पेट्रोल डाला है तो आपकी कार का माइलेज होगी 25 किमी/ लीटर होगा।
  • इसी तरह आपको कई बार करना होगा और डेटा नोट करना होगा। कार या दुपहिया गाड़ी का माइलेज इस बात पर भी निर्भर करता है कि वह किस तरह की सड़क पर चली है। इसलिए 5-6 बार माइलेज निकालकर आप औसत माइलेज निकाल लीजिए। वो ही आपकी चौपहिया या दुपहिया वाहन का माइलेज होगा।
  • ऐसे कई ऐप भी हैं, जिनकी मदद से आप अपनी गाड़ी का माइलेज पता लगा सकते हैं। ये ऐप जीपीएस के जरिए आपकी गाड़ी का सही माइलेज बता देते हैं।
  • ज्यादातर कारें सबसे बढ़िया माइलेज तभी देती हैं जब उन्हें 60-80 किलोमीटर की स्पीड से चलाया जाए इसलिए गाड़ी को इससे तेज चलाने से बचें। फ्यूल बचाने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप बार-बार गियर न बदलें। जितनी स्मूथ ड्राइविंग करेंगे, फ्यूल उतना ही कम खर्च होगा।

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