कंप्यूटर और लैपटॉप की स्पीड बढ़ाने के लिए ड्राइव को रखें खाली

कंप्यूटर और लैपटॉप की स्पीड बढ़ाने के लिए ड्राइव को रखें खालीकुछ आसान तरीके अपनाकर हम अपने सिस्टम और लैपटॉप को हैंग होने से बचा सकते हैं।

लखनऊ। कंप्यूटर और लैपटॉप के हैंग होने और स्पीड कम होने से तमाम यूजर्स परेशान रहते हैं। आमतौर पर लोग ऐसी स्थिति में अपने सिस्टम को फॉर्मेट कर पीछा छुड़ा लेते है लेकिन ऐसा करने पर कभी-कभार हमारे अहम फाइल्स, फोल्डर या डॉक्यूमेंट्स डिलीट हो जाते है। कुछ तरीके अपनाकर हम अपने सिस्टम और लैपटॉप को हैंग होने से बचा सकते है-

रिसाइकल बिन

रिसाइकल बिन को हमेशा खाली रखें। लोग आमतौर पर डेस्कटॉप पर मौजूद फाइल या आईकॉन को डिलीट कर बेफिक्र हो लेते हैं। लेकिन ऐसा करने के बाद भी आपकी फाइल आपके ही सिस्टम के रिसाइकल बिन फोल्डर में इनएक्टिव मोड में सेव हो जाती है। इसलिए यहां पर जाकर भी आपको अपनी फाइल डिलीट करना जरूरी होता है।

ड्राइव को खाली रखें

आपके कंप्यूटर में सबसे जरूरी ड्राइव C ड्राइव होती है। यह हार्ड डिस्क का हिस्सा है जिसमें जरूरी सॉफ्टवेयर्स स्टोर्ड होते है। यह सब आपके सिस्टम को चलाने के लिए जरूरी होते हैं। इस ड्राइव में ज्यादा डेटा न रखें और कोई पर्सनल डेटा भी उस ड्राइव में न रखें।

डेस्कटॉप साफ रखें

कंप्यूटर की स्पीड को बढ़ाने के लिए डेस्कटॉप को साफ रखें। कम से कम फाइल्स रखें। क्योंकि डेस्कटॉप पर सेव्ड फाइल्स सीधा C ड्राइव में जाती है जो कंप्यूटर को स्लो कर देती है। इन फाइल्स के रखने से रैम भी ज्यादा खर्च होती है। इसलिए फाइल्स को डेस्कटॉप पर न रखकर किसी ड्राइव में सेव करके रखें।

रजिस्टर्ड एंटीवायरस का इस्तेमाल

सिस्टम में इंटरनेट के कारण वायरस और मालवेयर आ जाते है जो सिस्टम को स्लो कर देते हैं। इसे दूर करने के लिए हमेशा रजिस्टर्ड एंटीवायरस का ही इस्तेमाल करें और समय समय पर सिस्टम को फुल स्कैन भी कर दें।

बेकार सॉफ्टवेयर जरूर हटाएं

जितना हो सके सिस्टम की इंटरनल मेमोरी को खाली रखें, जो भी सॉफ्टवेयर्स इस्तेमाल में नहीं आते उन्हें हटा दें। क्योंकि ये ज्यादा मेमोरी के साथ साथ सिस्टम को स्लो कर देते हैं।

हमेशा एक ही एंटीवायरस रखें

अपने कंप्यूटर में हमेशा एक ही एंटीवायरस रखना चाहिए। दो एंटीवायरस रखने से सिस्टम स्लो हो जाता है। ध्यान रहे एंटीवायरस हमेशा रजिस्टर्ड होना चाहिए। कई बार सिस्टम अपडेट करने के बाद कुछ फाइल्स करप्ट हो जाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कंप्यूटर का ऑपरेटिंग सिस्टम आपके सिस्टम की फाइल्स में बदलाव करता रहता है।

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