किसान घर बैठे ऑनलाइन खरीद सकते हैं बीजीय मसाला फसलों के बीज
Divendra Singh | Jan 21, 2022, 08:31 IST
आईसीएआर-राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसंधान केंद्र ने ऑनलाइन पोर्टल की शुरूआत की है, जिसके माध्यम देश के किसी भी राज्य का किसान मसाला फसलों के बीजों को खरीद सकता है।
किसान घर बैठे ऑनलाइन खरीद सकते हैं बीजीय मसाला फसलों के बीज
धनिया, मेथी, सौंफ जैसी फसलों की खेती करने वाले किसानों को बीज के लिए अब परेशान नहीं होना होगा, घर बैठे वो ऑनलाइन बीज मंगा सकते हैं। इसके लिए उन्हें बस ऑनलाइन भुगतान करना होगा।
राजस्थान के अजमेर में स्थित राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसंधान केंद्र ने बीजीय मसालों की बीजों के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है, साथ ही किसान चाहें तो एसबीआई के 'योनो कृषि एप' माध्यम से भी खरीददारी कर सकते हैं।
राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसंधान केंद्र के प्रभारी निदेशक डॉ. एसएन सक्सेना इस ऑनलाइन पोर्टल के बारे में बताते हैं, "अभी तक किसान को बीज खरीदना होता था तो उसे अनुसंधान केंद्र पर आना पड़ता था, इससे राजस्थान और कुछ दूसरे राज्यों किसानों तक ही बीज की पहुंच थी, इसलिए हमने ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है, जिसके माध्यम से देश के किसी भी राज्य का किसान बीजों को खरीद सकता है।"
वो आगे कहते हैं, "साथ ही हमने इस पोर्टल को एसबीआई के 'योनो कृषि एप' से भी कनेक्ट किया है, वहां से भी किसान ऑर्डर कर सकते हैं, क्योंकि बहुत से किसानों को पोर्टल पर खरीददारी करने में परेशानी होगी, लेकिन ज्यादातर किसानों का बैंक खाता एसबीआई रहता है, इससे वो आसानी से ऑर्डर कर सकते हैं।"
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान के बाद भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसंधान केंद्र देश का दूसरा ऐसा संस्थान है, जिसके बीज पोर्टल को भारतीय स्टेट बैंक के योनो कृषि एप से जोड़ा गया है।
इससे देश के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले किसान भी डिजिटल माध्यम से बीज खरीदकर बीजीय मसाला फसलों की खेती कर सकेंगे। "योनो कृषि एप का यह फायदा है इससे किसी दूसरे राज्य का भी किसान ऑर्डर कर सकता है, क्योंकि यह ऐप हिंदी और अंग्रेजी के साथ 10 अन्य भाषाओं में उपलब्ध है, "डॉ सक्सेना ने बताया।
अंतर्राष्ट्रीय मानकीकरण संगठन (आईएसओ) द्वारा सूचीबद्ध 109 मसालों में से, भारत अपने विविध कृषि-जलवायु क्षेत्रों के कारण 63 मसालों का उत्पादन करता है। भारत में उगाए गए कुल 63 मसालों में से 20 मसालों को वार्षिक जड़ी-बूटियों के रूप में प्रतिष्ठित बीज मसालों के रूप में वर्गीकृत किया जाता है, जिनके सूखे बीज या फलों का उपयोग मसालों के रूप में किया जाता है।
बीज मसाले देश के कुल मसाला उत्पादन का 45 प्रतिशत क्षेत्र और लगभग 18 प्रतिशत हिस्सा साझा करते हैं। भारत के मुख्य बीज मसाले हैं धनिया, जीरा, सौंफ, मेथी, सोआ, अजवाइन, अजवाइन, कलौंजी और जीरा।
ऑनलाइन पोर्टल पर किसान राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसंधान केंद्र द्वारा विकसित बीजीय मसाला फसलों के बीज मंगा सकते हैं। इसमें सौंफ, जीरा, मेथी, कलौंजी, सोया, धनिया, अजवाइन, अजमोद, स्याह जीरा जैसी बीजीय मसालों की अलग-अलग उन्नत किस्मों को ऑनलाइन ऑर्डर कर सकते हैं। केंद्र ने 8 बीज मसाला फसलों की 26 किस्में विकसित की हैं।
राजस्थान के अजमेर में स्थित राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसंधान केंद्र ने बीजीय मसालों की बीजों के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है, साथ ही किसान चाहें तो एसबीआई के 'योनो कृषि एप' माध्यम से भी खरीददारी कर सकते हैं।
राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसंधान केंद्र के प्रभारी निदेशक डॉ. एसएन सक्सेना इस ऑनलाइन पोर्टल के बारे में बताते हैं, "अभी तक किसान को बीज खरीदना होता था तो उसे अनुसंधान केंद्र पर आना पड़ता था, इससे राजस्थान और कुछ दूसरे राज्यों किसानों तक ही बीज की पहुंच थी, इसलिए हमने ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है, जिसके माध्यम से देश के किसी भी राज्य का किसान बीजों को खरीद सकता है।"
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वो आगे कहते हैं, "साथ ही हमने इस पोर्टल को एसबीआई के 'योनो कृषि एप' से भी कनेक्ट किया है, वहां से भी किसान ऑर्डर कर सकते हैं, क्योंकि बहुत से किसानों को पोर्टल पर खरीददारी करने में परेशानी होगी, लेकिन ज्यादातर किसानों का बैंक खाता एसबीआई रहता है, इससे वो आसानी से ऑर्डर कर सकते हैं।"
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान के बाद भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसंधान केंद्र देश का दूसरा ऐसा संस्थान है, जिसके बीज पोर्टल को भारतीय स्टेट बैंक के योनो कृषि एप से जोड़ा गया है।
इससे देश के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले किसान भी डिजिटल माध्यम से बीज खरीदकर बीजीय मसाला फसलों की खेती कर सकेंगे। "योनो कृषि एप का यह फायदा है इससे किसी दूसरे राज्य का भी किसान ऑर्डर कर सकता है, क्योंकि यह ऐप हिंदी और अंग्रेजी के साथ 10 अन्य भाषाओं में उपलब्ध है, "डॉ सक्सेना ने बताया।
अंतर्राष्ट्रीय मानकीकरण संगठन (आईएसओ) द्वारा सूचीबद्ध 109 मसालों में से, भारत अपने विविध कृषि-जलवायु क्षेत्रों के कारण 63 मसालों का उत्पादन करता है। भारत में उगाए गए कुल 63 मसालों में से 20 मसालों को वार्षिक जड़ी-बूटियों के रूप में प्रतिष्ठित बीज मसालों के रूप में वर्गीकृत किया जाता है, जिनके सूखे बीज या फलों का उपयोग मसालों के रूप में किया जाता है।
बीज मसाले देश के कुल मसाला उत्पादन का 45 प्रतिशत क्षेत्र और लगभग 18 प्रतिशत हिस्सा साझा करते हैं। भारत के मुख्य बीज मसाले हैं धनिया, जीरा, सौंफ, मेथी, सोआ, अजवाइन, अजवाइन, कलौंजी और जीरा।