प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज: अब स्वास्थ्य कर्मियों को छह महीने और मिलेगा इस योजना का लाभ

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज योजना को 30 मार्च 2020 को सामुदायिक स्वास्थ्य कर्मियों और निजी स्वास्थ्य कर्मियों के साथ साथ लगभग 22 लाख स्वास्थ्य प्रदाताओं के लिए लांच किया गया था।

गाँव कनेक्शनगाँव कनेक्शन   20 April 2022 10:14 AM GMT

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज: अब स्वास्थ्य कर्मियों को छह महीने और मिलेगा इस योजना का लाभ

कोविड से लड़ने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के लिए बीमा योजना प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज की अवधि को एक बार फिर बढ़ा दिया गया है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज को 19 अप्रैल 2022 से 180 दिन के लिए बढ़ा दिया गया है।

19 अप्रैल 2022 को सभी केंद्र शासित प्रदेशों सभी राज्यों के अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य, प्रधान सचिव स्वास्थ्य, सचिव स्वास्थ्य स्वास्थ्य कर्मियों के दरमियान प्रचार करने के लिए पत्र जारी किया गया है।

स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय के अनुसार योजना के शुरुआत से अब तक 1905 स्वास्थ्य कर्मियों के दावों का निपटारा किया जा चुका है, जिनकी कोविड संबंधित कार्यों के लिए तैनात किए जाने के दौरान मृत्यु हो गई थी।

क्या है गरीब कल्याण पैकेज

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज कोविड-19 रोगियों की देखभाल कर रहे स्वास्थ्य कर्मियों के लिए एक बीमा योजना है। इस योजना को 30 मार्च 2020 को सामुदायिक स्वास्थ्य कर्मियों और निजी स्वास्थ्य कर्मियों के साथ साथ लगभग 22 लाख स्वास्थ्य प्रदाताओं के लिए लांच किया गया था। इस योजना में 50 लाख रुपये का व्यापक व्यक्तिगत दुर्घटना कवर प्रदान किया जाता है।

कब कब बढ़ी इस योजना की अवधि

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज की शुरुआत 30 मार्च 2020 को 90 दिनों की अवधि के लिए किया गया था। बाद में इस योजना की अवधि को 24 मार्च 2021 तक के लिए बढ़ा दिया गया था। हालांकि दोसरी लहर के कारण असकी अवधी 20 अक्तूबर 2021 तक के लिए बढ़ा दी गायी। 20 अक्तूबर 2021 से 180 दिन के इस अवधि को बढ़ाया गया जो 18 अप्रैल 2022 को पूरी हो गई, लेकिन एक बार फिर इस योजना की अवधि को 19 अप्रैल 2022 से 180 दिन के लिए बढ़ा दिया गया है ताकि स्वास्थ्य कर्मियों के आश्रितों के लिए सुरक्षा कवच उपलब्ध कराना जारी रखा जा सके जो कोविड-19 रोगियों की देखभाल के लिए प्रतिनियुक्त हैं।

इस योजना के अंतर्गत कौन कौन से कर्मी आते हैं

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज में सामुदायिक एवं निजी स्वास्थ्य कर्मियों के अलावा अप्रत्याशित स्थिति के कारण राज्यों/केंद्रीय अस्पतालों/केंद्र/राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के स्वायत्त अस्पतालों, एम्स और राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों/अस्पतालों में कोविड-19 रोगियों की देखभाल के लिए केंद्रीय मंत्रालयों के अस्पतालों द्वारा विशेष रूप से तैयार अस्पतालों द्वारा अधिग्रहण किए गए निजी अस्पताल के कर्मचारी/सेवानिवृत्त/स्वयंसेवक/स्थानीय शहरी निकाय/अनुबंध/दैनिक वेतन/एडोक/आउटसोर्स स्टाफ भी पीएमजीकेपी के अंतर्गत आते हैं।

COVID19 #vaccine #story 

Next Story

More Stories


© 2019 All rights reserved.