पुलिस की सलाह: अपरिचितों से सहयोग लेने में बुजुर्ग बरतें सावधानी

पुलिस की सलाह: अपरिचितों से सहयोग लेने में बुजुर्ग बरतें सावधानीफोटो-विनय गुप्ता

अक्सर देखने और सुनने में आया है कि बुजुर्ग माता-पिता जो बच्चों के बड़े होने एवं नौकरी, व्यवसाय में बाहर जाने के फलस्वरूप घर में अकेले रह जाते हैं, दुर्घटना का शिकार बन जाते हैं। बुजुर्ग नागरिक कृपया निम्नलिखित महत्वपूर्ण बातों का विशेष ध्यान रखें:

बुजुर्ग नागरिक सुरक्षा के लिए इन बातों का रखें ध्यान

  • सामान्य दैनिक कार्य प्रणाली में भी सुरक्षा का भाव अवश्य जागृत रखें।
  • स्थानीय पुलिसकर्मी तथा बीट इंचार्ज (सब इंस्पेक्टर) के निरंतर सम्पर्क में रहें तथा 100 नंबर, कंट्रोल रूम व स्थानीय पुलिस थाने के फोन नंबर सेव करके रखें।
  • अपने मकान के दरवाज़े, ख़िड़कियों व अन्य संभावित प्रवेश के रास्तों पर मजबूत ग्रिल व कुंड़ें अवश्य लगवाएं।
  • आगंतुक की पहचान हेतु ‘मैजिक’ आंख व दरवाजे की चेन अवश्य लगवाएं तथा बिन आश्वस्त हुए पूरा दरवाजा न खोलें।
  • अगर संभव हो तो पालतू कुत्ता रखें।
  • सुबह, शाम सैर आदि के लिए समूह में जाएं तथा ताला लगाकर जाएं।
  • यदि संभव हो तो कभी भी घर में अकेले न रहें।
  • अपने घर में तथा घर के आस-पास रहने वाले व सगे संबंधियों से अच्छे संबंध बनाएं रखें।
  • अपरिचितों से सहयोग लेने में सावधानी बरतें।
  • अपरिचितों को घर के अंदर न आने दें।
  • अपने धन व कीमती सामनों के बारे में विश्वसनीय रिश्तेदारों को बताएं।
  • अपरिचित लोगों से अनावश्यक रूप से मेल-जोल न बढ़ाएं।
  • घर सुनसान जगह पर न बनवाएं अगर हो तो चौकीदार रखें।
  • घर में कम से कम नकछी व कीमती सामान रखें। शेष सामान बैंक के लाकर्स में रखें। बेहतर होगा कि एटीएम कार्ड आदि रखें।
  • आपातकालीन टेलीफोन नम्बरों सदैव अपने साथ रखें।

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