Whatsapp यूज़र्स के लिए ख़ुशख़बरी, अब मिलेगी यह सुविधा

व्हाट्सएप यूजर्स के लिए एक नई सुविधा शुरू हुई है, जिससे उन्हें काफी फायदा होगा।

Whatsapp यूज़र्स के लिए ख़ुशख़बरी, अब मिलेगी यह सुविधा

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। आम चुनाव में पारदर्शिता लाने के प्रयासों के तहत व्हाट्सएप (Whatsapp) ने एक नई पहल की है। अब आपकी इच्छा के बिना कोई भी आपको किसी व्हाट्सएप ग्रुप में नहीं जोड़ सकता। व्हाट्सएप यूजर्स को यह तय करने की सुविधा देने जा रही है कि उन्हें किसी व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा जाए या नहीं।

फेसबुक की स्वामित्व वाली सोशल मीडिया कंपनी व्हाट्सएप ने एक बयान जारी करते हुए कहा, व्हाट्सएप ग्रुप परिजनों, दोस्तों, सहकर्मियों, सहपाठियों और अन्य लोगों को एक साथ जोड़ने का माध्यम बना रहेगा। लोग महत्वपूर्ण संवाद के लिये व्हाट्सएप समूहों से जुड़ते हैं। यूजर्स ने ही अपने अनुभवों के तहत प्राइवेसी पर अधिक नियंत्रण की मांग की। इसलिए कंपनी ने प्राइवेसी सेटिंग में एक नए फीचर की शुरुआत की है।'

इस सुविधा के जरिये यूजर्स यह तय कर सकते हैं कि उन्हें किसी व्हाट्सएप ग्रुप में कौन जोड़ सकता है। इसके लिए यूजर्स को तीन विकल्प दिए जाएंगे। पहले विकल्प के तहत यूजर को कोई भी किसी ग्रुप में नहीं जोड़ सकता है। दूसरे विकल्प में यूजर को सिर्फ वही लोग ग्रुप में जोड़ सकेंगे जो पहले से उनकी कांटैक्ट सूची में हों। तीसरे विकल्प में हर किसी को ग्रुप में जोड़ने की सुविधा दी जाएगी।

अभी तक किसी यूजर को कोई भी दूसरा यूजर व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ सकता था। इसके लिए बस दूसरे यूजर के मोबाइल में आपका कॉन्टैक्ट डिटेल होनी चाहिए। इसके अलावा व्हाट्सएप ने एक अन्य फीचर की भी शुरुआत की है। यदि कोई आपको किसी ग्रुप में जोड़ता है तो प्राइवेट चैट के जरिए इसका लिंक आपको मिलेगा। यदि आप तीन दिन के भीतर इस निमंत्रण को स्वीकार करते हैं तो आप ग्रुप में शामिल हो जाएंगे। यदि आपने तीन दिन तक निमंत्रण स्वीकार नहीं किया जो वह स्वत: समाप्त हो जाएगा। कंपनी ने कहा कि आने वाले सप्ताह में ये फीचर दुनिया भर में उपलब्ध हो जाएंगे।

इसके अलावा व्हाट्सएप ने फेक न्यूज के प्रोपेगैंडा से बचने के लिए एक नई सेवा शुरू की है। आप को अगर कोई भी मैसेज या तस्वीर या विडियो झूठ लगता है और आप उस विडियो, मैसेज या फोटो की सत्यता को जानना चाहते है तो आप उसे +91 9643000888 पर फॉरवर्ड कर दें। जानकारी सही है या गलत, वह थोड़ी देर बाद पता चल जाएगा। व्हाट्सएप की इस पहल को 'चेकपाइंट टिपलाइन' कहा जा रहा है।

(भाषा से इनपुट के साथ)

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