बजट 2026: समुद्र में पकड़ी गई मछली हुई ड्यूटी फ्री, मछुआरों की आमदनी बढ़ाने का बड़ा फैसला
बजट 2026-27 में सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए EEZ और खुले समुद्र में पकड़ी गई मछली को ड्यूटी फ्री कर दिया है। इससे भारतीय मछुआरों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सीधी पहुंच मिलेगी, लागत घटेगी और ब्लू इकोनॉमी को मजबूती मिलेगी।
केंद्र सरकार ने बजट 2026 में मछुआरों के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब भारतीय जहाजों द्वारा एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक ज़ोन (EEZ) और खुले समुद्र में पकड़ी गई मछली पर कोई ड्यूटी नहीं लगेगी। इतना ही नहीं, अगर यह मछली विदेशी बंदरगाहों पर उतारी जाती है, तो उसे भारत का निर्यात माना जाएगा। इससे मछुआरों और समुद्री उत्पाद निर्यात करने वालों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक सीधे पहुंच मिलेगी और उनकी आमदनी में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
सरकार का मानना है कि इस फैसले से समुद्री मत्स्य पालन को नई ताकत मिलेगी। अब तक खुले समुद्र में मछली पकड़ने वाले मछुआरों को टैक्स और प्रक्रियाओं की वजह से कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। ड्यूटी फ्री व्यवस्था लागू होने से लागत घटेगी, मुनाफा बढ़ेगा और भारतीय मछुआरे वैश्विक बाजार में ज्यादा प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे।
बजट में यह भी साफ किया गया है कि ट्रांजिट और ट्रांसशिपमेंट के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी या गलत इस्तेमाल न हो, इसके लिए कड़ी निगरानी व्यवस्था लागू की जाएगी। सरकार विशेष ट्रैकिंग सिस्टम और नियमों के जरिए यह सुनिश्चित करेगी कि मछली की आवाजाही पारदर्शी तरीके से हो और केवल वास्तविक मछुआरों को इसका लाभ मिले।
ये भी पढ़ें: Budget 2026: मत्स्य पालन को मिला रिकॉर्ड फंड
भारत के पास करीब 11,099 किलोमीटर लंबा समुद्री तट और लगभग 24 लाख वर्ग किलोमीटर का विशाल EEZ क्षेत्र है। यह क्षेत्र देश के 13 तटीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में रहने वाले लाखों मछुआरों की रोज़ी-रोटी का आधार है। समुद्री मत्स्य पालन न सिर्फ़ रोजगार देता है, बल्कि पोषण सुरक्षा और विदेशी मुद्रा कमाने में भी बड़ी भूमिका निभाता है।
सरकार ने हाल ही में EEZ और हाई सीज़ में टिकाऊ तरीके से मछली पकड़ने के लिए नए नियम भी लागू किए हैं, ताकि समुद्री संसाधनों का संरक्षण हो और लंबे समय तक उत्पादन बना रहे। बजट 2026 का यह फैसला उसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे भारत की ब्लू इकोनॉमी को मजबूती मिलेगी और मछुआरों की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी।
कुल मिलाकर, ड्यूटी फ्री मछली पकड़ की नीति से समुद्री मत्स्य पालन क्षेत्र को नई उड़ान मिलने की उम्मीद है। इससे मछुआरों की आय बढ़ेगी, निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और भारत वैश्विक समुद्री खाद्य बाजार में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा सकेगा।
ये भी पढ़ें: Budget 2026: सहकारी समितियों को बड़ी राहत, किसानों और पशुपालकों को मिलेगा सीधा लाभ