बजट 2026: रेयर अर्थ मिनरल्स कॉरिडोर और केमिकल पार्क्स से भारत की रणनीतिक तैयारी
Manvendra Singh | Feb 01, 2026, 11:56 IST
Nirmala Sitharaman Budget 2026 Updates: केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने एक अहम और दूरगामी फैसला लेते हुए रेयर अर्थ मिनरल्स कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया है। यह कॉरिडोर ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों में विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही तीन डेडिकेटेड केमिकल पार्क्स की भी घोषणा की गई है। यह कदम भारत को रणनीतिक खनिजों और रसायन उद्योग में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा माना जा रहा है।
India Budget 2026 Updates: रेयर अर्थ मिनरल्स आज की आधुनिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। मोबाइल फोन, इलेक्ट्रिक वाहन, सोलर पैनल, विंड टर्बाइन, सेमीकंडक्टर, रक्षा उपकरण और स्पेस टेक्नोलॉजी, इन सभी में इन खनिजों का इस्तेमाल होता है। अभी भारत इन खनिजों के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है, खासकर चीन पर। यही वजह है कि सरकार अब सप्लाई चेन को सुरक्षित करने की कोशिश कर रही है।
अगर पिछले बजटों की बात करें, तो बजट 2024 और 2025 में रेयर अर्थ मिनरल्स पर सीधा फोकस सीमित था। जरूर, राष्ट्रीय खनिज नीति, क्रिटिकल मिनरल्स मिशन और PLI योजनाओं के जरिए संकेत दिए गए थे कि सरकार इस दिशा में काम करना चाहती है। 2025 के बजट में क्रिटिकल मिनरल्स की खोज और प्रोसेसिंग पर बात हुई थी, लेकिन कोई स्पष्ट भौगोलिक कॉरिडोर या संरचित योजना सामने नहीं आई थी। ज़्यादातर जोर नीतिगत सुधारों और निजी निवेश को आकर्षित करने तक सीमित रहा।
बजट 2026 की घोषणा (Budget 2026 Announcement) इस मायने में अलग है कि अब सरकार सिर्फ नीति नहीं, बल्कि ग्राउंड-लेवल इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने जा रही है। रेयर अर्थ मिनरल्स कॉरिडोर का मतलब है, खनन, प्रोसेसिंग, रिफाइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग को एक ही क्षेत्रीय ढांचे में जोड़ना। इससे लागत घटेगी, निवेश बढ़ेगा और भारत वैल्यू चेन में ऊपर की ओर बढ़ सकेगा।
Finance Minister Nirmala Sitharaman India Budget 2026 Live Updates
इसी रणनीति के तहत तीन डेडिकेटेड केमिकल पार्क्स की घोषणा भी की गई है। इन पार्क्स का मकसद केमिकल और स्पेशलिटी केमिकल उद्योग को आधुनिक सुविधाएं देना है, ताकि आयात पर निर्भरता कम हो और घरेलू उत्पादन बढ़े। केमिकल सेक्टर रेयर अर्थ प्रोसेसिंग में भी अहम भूमिका निभाता है, इसलिए दोनों घोषणाएं आपस में जुड़ी हुई हैं।
इन पहलों का सीधा असर रोजगार, निवेश और निर्यात पर पड़ेगा। खनन से लेकर प्रोसेसिंग और मैन्युफैक्चरिंग तक लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा हो सकती हैं। साथ ही, भारत वैश्विक कंपनियों के लिए एक भरोसेमंद विकल्प बन सकता है, जो चीन पर निर्भरता कम करना चाहती हैं।
कुल मिलाकर, बजट 2026 (Union Budget 2026) में रेयर अर्थ मिनरल्स कॉरिडोर और केमिकल पार्क्स की घोषणा केवल एक आर्थिक फैसला नहीं है, बल्कि यह रणनीतिक और भू-राजनीतिक कदम भी है। अगर इसका सही तरीके से क्रियान्वयन हुआ, तो भारत न सिर्फ अपनी जरूरतें पूरी करेगा, बल्कि आने वाले वर्षों में वैश्विक सप्लाई चेन में एक मजबूत खिलाड़ी बनकर उभरेगा।
अगर पिछले बजटों की बात करें, तो बजट 2024 और 2025 में रेयर अर्थ मिनरल्स पर सीधा फोकस सीमित था। जरूर, राष्ट्रीय खनिज नीति, क्रिटिकल मिनरल्स मिशन और PLI योजनाओं के जरिए संकेत दिए गए थे कि सरकार इस दिशा में काम करना चाहती है। 2025 के बजट में क्रिटिकल मिनरल्स की खोज और प्रोसेसिंग पर बात हुई थी, लेकिन कोई स्पष्ट भौगोलिक कॉरिडोर या संरचित योजना सामने नहीं आई थी। ज़्यादातर जोर नीतिगत सुधारों और निजी निवेश को आकर्षित करने तक सीमित रहा।
बजट 2026 की घोषणा (Budget 2026 Announcement) इस मायने में अलग है कि अब सरकार सिर्फ नीति नहीं, बल्कि ग्राउंड-लेवल इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने जा रही है। रेयर अर्थ मिनरल्स कॉरिडोर का मतलब है, खनन, प्रोसेसिंग, रिफाइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग को एक ही क्षेत्रीय ढांचे में जोड़ना। इससे लागत घटेगी, निवेश बढ़ेगा और भारत वैल्यू चेन में ऊपर की ओर बढ़ सकेगा।
Finance Minister Nirmala Sitharaman India Budget 2026 Live Updates
इसी रणनीति के तहत तीन डेडिकेटेड केमिकल पार्क्स की घोषणा भी की गई है। इन पार्क्स का मकसद केमिकल और स्पेशलिटी केमिकल उद्योग को आधुनिक सुविधाएं देना है, ताकि आयात पर निर्भरता कम हो और घरेलू उत्पादन बढ़े। केमिकल सेक्टर रेयर अर्थ प्रोसेसिंग में भी अहम भूमिका निभाता है, इसलिए दोनों घोषणाएं आपस में जुड़ी हुई हैं।
इन पहलों का सीधा असर रोजगार, निवेश और निर्यात पर पड़ेगा। खनन से लेकर प्रोसेसिंग और मैन्युफैक्चरिंग तक लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा हो सकती हैं। साथ ही, भारत वैश्विक कंपनियों के लिए एक भरोसेमंद विकल्प बन सकता है, जो चीन पर निर्भरता कम करना चाहती हैं।
कुल मिलाकर, बजट 2026 (Union Budget 2026) में रेयर अर्थ मिनरल्स कॉरिडोर और केमिकल पार्क्स की घोषणा केवल एक आर्थिक फैसला नहीं है, बल्कि यह रणनीतिक और भू-राजनीतिक कदम भी है। अगर इसका सही तरीके से क्रियान्वयन हुआ, तो भारत न सिर्फ अपनी जरूरतें पूरी करेगा, बल्कि आने वाले वर्षों में वैश्विक सप्लाई चेन में एक मजबूत खिलाड़ी बनकर उभरेगा।