Manvendra Singh

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Manvendra Singh

    ट्रंप का टैरिफ ऐलान: भारतीय किसानों के लिए राहत या नई मुसीबत?
    ट्रंप का टैरिफ ऐलान: भारतीय किसानों के लिए राहत या नई मुसीबत?

    By Manvendra Singh

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% करने का ऐलान किया, जिससे बासमती चावल और मसाला किसानों को निर्यात में बढ़त मिलेगी। लेकिन इसी ख़ुशख़बरी के साथ एक गहरी चिंता भी शामिल है। अमेरिकी कृषि उत्पादों पर भारत का टैरिफ लगभग शून्य हो जाएगा, जिसका मतलब है कि सस्ते अमेरिकी गेहूं, सोयाबीन, दालें और पोल्ट्री उत्पाद सीधे हमारे बाजारों में आ जाएंगे। सवाल यह है कि 86% छोटे भारतीय किसान, जिनके पास मुश्किल से 2 हेक्टेयर जमीन है, कैसे मुकाबला करेंगे अमेरिका के हजारों एकड़ के मशीनीकृत फार्मों और भारी सरकारी सब्सिडी से?

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% करने का ऐलान किया, जिससे बासमती चावल और मसाला किसानों को निर्यात में बढ़त मिलेगी। लेकिन इसी ख़ुशख़बरी के साथ एक गहरी चिंता भी शामिल है। अमेरिकी कृषि उत्पादों पर भारत का टैरिफ लगभग शून्य हो जाएगा, जिसका मतलब है कि सस्ते अमेरिकी गेहूं, सोयाबीन, दालें और पोल्ट्री उत्पाद सीधे हमारे बाजारों में आ जाएंगे। सवाल यह है कि 86% छोटे भारतीय किसान, जिनके पास मुश्किल से 2 हेक्टेयर जमीन है, कैसे मुकाबला करेंगे अमेरिका के हजारों एकड़ के मशीनीकृत फार्मों और भारी सरकारी सब्सिडी से?

    BUDGET 2026: ग्राम पंचायतों को मिला उम्मीद से कम, सिर्फ़ ₹5.16 करोड़ बढ़ी राशि
    BUDGET 2026: ग्राम पंचायतों को मिला उम्मीद से कम, सिर्फ़ ₹5.16 करोड़ बढ़ी राशि

    By Manvendra Singh

    देश की लगभग 2.5 लाख ग्राम पंचायतें भारत के विकास की सबसे अहम कड़ी हैं। लेकिन इन ग्राम पंचायतों के खातें में उतना पैसा नहीं आया जितने की उन्हें उम्मीद थी। पिछली बार की तुलना में इस बार पंचायती राज का बजट मात्र ₹5.16 करोड़ ही बढ़ा है।

    देश की लगभग 2.5 लाख ग्राम पंचायतें भारत के विकास की सबसे अहम कड़ी हैं। लेकिन इन ग्राम पंचायतों के खातें में उतना पैसा नहीं आया जितने की उन्हें उम्मीद थी। पिछली बार की तुलना में इस बार पंचायती राज का बजट मात्र ₹5.16 करोड़ ही बढ़ा है।

    शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल छलांग: Budget 2026 में ABGC लैब्स और छात्राओं के लिए नई सुविधा
    शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल छलांग: Budget 2026 में ABGC लैब्स और छात्राओं के लिए नई सुविधा

    By Manvendra Singh

    Budget 2026 Highlights: केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने शिक्षा और कौशल विकास को लेकर दो बड़े और अहम ऐलान किए हैं। पहला, देशभर में ABGC (Animation, Visual Effects, Gaming और Comics) कंटेंट क्रिएटर लैब शुरू करने की योजना और दूसरा, हर जिले में उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए गर्ल्स हॉस्टल बनाने का फैसला। ये दोनों घोषणाएं इस बात का संकेत हैं कि सरकार अब शिक्षा को सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उसे रोजगार, तकनीक और समान अवसरों से जोड़ना चाहती है।

    Budget 2026 Highlights: केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने शिक्षा और कौशल विकास को लेकर दो बड़े और अहम ऐलान किए हैं। पहला, देशभर में ABGC (Animation, Visual Effects, Gaming और Comics) कंटेंट क्रिएटर लैब शुरू करने की योजना और दूसरा, हर जिले में उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए गर्ल्स हॉस्टल बनाने का फैसला। ये दोनों घोषणाएं इस बात का संकेत हैं कि सरकार अब शिक्षा को सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उसे रोजगार, तकनीक और समान अवसरों से जोड़ना चाहती है।

    बजट 2026 लाइव: डेटा सेंटर टैक्स हॉलिडे से भारत बनेगा डिजिटल हब
    बजट 2026 लाइव: डेटा सेंटर टैक्स हॉलिडे से भारत बनेगा डिजिटल हब

    By Manvendra Singh

    सरकार ने बजट 2026 में एक बड़ा और दूरगामी ऐलान किया है, जो भारत के डिजिटल भविष्य को नई दिशा दे सकता है। यूनियन बजट 2026 लाइव में विदेश मंत्री ने घोषणा की कि जो विदेशी कंपनियां भारत में डेटा सेंटर स्थापित करेंगी, उन्हें 2047 तक टैक्स हॉलिडे दिया जाएगा। यह फैसला बजट हाइलाइट्स 2026 में सबसे अहम घोषणाओं में शामिल है और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को मजबूती देता है।

    सरकार ने बजट 2026 में एक बड़ा और दूरगामी ऐलान किया है, जो भारत के डिजिटल भविष्य को नई दिशा दे सकता है। यूनियन बजट 2026 लाइव में विदेश मंत्री ने घोषणा की कि जो विदेशी कंपनियां भारत में डेटा सेंटर स्थापित करेंगी, उन्हें 2047 तक टैक्स हॉलिडे दिया जाएगा। यह फैसला बजट हाइलाइट्स 2026 में सबसे अहम घोषणाओं में शामिल है और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को मजबूती देता है।

    बजट 2026: रेयर अर्थ मिनरल्स कॉरिडोर और केमिकल पार्क्स से भारत की रणनीतिक तैयारी
    बजट 2026: रेयर अर्थ मिनरल्स कॉरिडोर और केमिकल पार्क्स से भारत की रणनीतिक तैयारी

    By Manvendra Singh

    Nirmala Sitharaman Budget 2026 Updates: केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने एक अहम और दूरगामी फैसला लेते हुए रेयर अर्थ मिनरल्स कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया है। यह कॉरिडोर ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों में विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही तीन डेडिकेटेड केमिकल पार्क्स की भी घोषणा की गई है। यह कदम भारत को रणनीतिक खनिजों और रसायन उद्योग में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा माना जा रहा है।

    Nirmala Sitharaman Budget 2026 Updates: केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने एक अहम और दूरगामी फैसला लेते हुए रेयर अर्थ मिनरल्स कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया है। यह कॉरिडोर ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों में विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही तीन डेडिकेटेड केमिकल पार्क्स की भी घोषणा की गई है। यह कदम भारत को रणनीतिक खनिजों और रसायन उद्योग में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा माना जा रहा है।

    सेमीकंडक्टर बजट 2026: 7,000 करोड़ से 40,000 करोड़ की छलांग, भारत बनेगा चिप हब
    सेमीकंडक्टर बजट 2026: 7,000 करोड़ से 40,000 करोड़ की छलांग, भारत बनेगा चिप हब

    By Manvendra Singh

    Budget 2026 Updates: 471% की वृद्धि के साथ ISM 2.0 लॉन्च की तैयारी ,वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बड़ा ऐलान किया है। भारत को दुनिया का सेमीकंडक्टर हब बनाने के लिए 2026 के बजट में 40,000 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव है। यह राशि पिछले साल के 7,000 करोड़ से करीब छह गुना ज्यादा है। यह कदम 'विकसित भारत 2047' के सपने को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। लेकिन सवाल यह है कि पिछले बजट में क्या था, अब तक क्या हुआ और आगे क्या होगा? आइए आंकड़ों के साथ समझते हैं।

    Budget 2026 Updates: 471% की वृद्धि के साथ ISM 2.0 लॉन्च की तैयारी ,वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बड़ा ऐलान किया है। भारत को दुनिया का सेमीकंडक्टर हब बनाने के लिए 2026 के बजट में 40,000 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव है। यह राशि पिछले साल के 7,000 करोड़ से करीब छह गुना ज्यादा है। यह कदम 'विकसित भारत 2047' के सपने को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। लेकिन सवाल यह है कि पिछले बजट में क्या था, अब तक क्या हुआ और आगे क्या होगा? आइए आंकड़ों के साथ समझते हैं।

    <b>Budget 2026 : बजट कटौती, मनरेगा, आवास योजनाओं पर क्या हैं ग्राम प्रधानों की उम्मीदें?</b>
    Budget 2026 : बजट कटौती, मनरेगा, आवास योजनाओं पर क्या हैं ग्राम प्रधानों की उम्मीदें?

    By Manvendra Singh

    01 फरवरी 2026 को पेश होने वाले केंद्रीय बजट से देश भर की ग्राम पंचायतों को काफी उम्मीदें हैं। 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की रिपोर्ट पहले ही सौंपी जा चुकी है और अब गांवों के विकास के लिए काम करने वाले ग्राम प्रधान सरकार से अपनी मांगें रख रहे हैं। गाँव कनेक्शन ने देश की अलग-अलग ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों से बात कर जाना कि उनकी आने वाले बजट से क्या उम्मीदें हैं?

    01 फरवरी 2026 को पेश होने वाले केंद्रीय बजट से देश भर की ग्राम पंचायतों को काफी उम्मीदें हैं। 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की रिपोर्ट पहले ही सौंपी जा चुकी है और अब गांवों के विकास के लिए काम करने वाले ग्राम प्रधान सरकार से अपनी मांगें रख रहे हैं। गाँव कनेक्शन ने देश की अलग-अलग ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों से बात कर जाना कि उनकी आने वाले बजट से क्या उम्मीदें हैं?

    जब शहर थमे, प्रकृति बदली, लॉकडाउन में चिड़ियाँ फिर जंगल जैसी क्यों हो गईं?
    जब शहर थमे, प्रकृति बदली, लॉकडाउन में चिड़ियाँ फिर जंगल जैसी क्यों हो गईं?

    By Manvendra Singh

    लॉकडाउन के दौरान पक्षियों को फिर से बीज, कीड़े और प्राकृतिक स्रोतों पर निर्भर होना पड़ा, जिसके लिए लंबी और पतली चोंच ज़्यादा उपयोगी साबित होती है। वैज्ञानिक मानते हैं कि यही बदलाव चोंच की बनावट में दिखा।

    लॉकडाउन के दौरान पक्षियों को फिर से बीज, कीड़े और प्राकृतिक स्रोतों पर निर्भर होना पड़ा, जिसके लिए लंबी और पतली चोंच ज़्यादा उपयोगी साबित होती है। वैज्ञानिक मानते हैं कि यही बदलाव चोंच की बनावट में दिखा।

    <b>खाद संकट पर NSA का </b><b>कवच</b><b>, लेकिन किसान की समस्याएं हैं और भी गंभीर </b>
    खाद संकट पर NSA का कवच, लेकिन किसान की समस्याएं हैं और भी गंभीर

    By Manvendra Singh

    उत्तर प्रदेश में रबी सीजन अपने निर्णायक दौर में है। इस समय गेहूं, आलू, सरसों और दलहनों की फसल खेतों में खड़ी होती है और किसानों के लिए सबसे ज़रूरी होती है खाद। खासकर गेहूं में यूरिया की टॉप-ड्रेसिंग और आलू में डीएपी और एनपीके की जरूरत अचानक बढ़ जाती है। ऐसे वक्त में अगर खाद समय पर न मिले या ज़रूरत से कम मिले, तो पूरी फसल प्रभावित हो सकती है। इसी तर्ज़ पर उत्तर प्रदेश सरकार ने खाद की कालाबाज़ारी, नकली उर्वरकों की बिक्री और कृत्रिम कमी पैदा करने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी NSA लगाने का फैसला किया है। यह फैसला जितना सख़्त दिखता है, उतने ही सवाल भी खड़े करता है। NSA क्यों लगाया गया, सरकार क्या दावा कर रही है, ज़मीन पर क्या हो रहा है और किसान इस पूरे सिस्टम को कैसे देख रहे हैं।

    उत्तर प्रदेश में रबी सीजन अपने निर्णायक दौर में है। इस समय गेहूं, आलू, सरसों और दलहनों की फसल खेतों में खड़ी होती है और किसानों के लिए सबसे ज़रूरी होती है खाद। खासकर गेहूं में यूरिया की टॉप-ड्रेसिंग और आलू में डीएपी और एनपीके की जरूरत अचानक बढ़ जाती है। ऐसे वक्त में अगर खाद समय पर न मिले या ज़रूरत से कम मिले, तो पूरी फसल प्रभावित हो सकती है। इसी तर्ज़ पर उत्तर प्रदेश सरकार ने खाद की कालाबाज़ारी, नकली उर्वरकों की बिक्री और कृत्रिम कमी पैदा करने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी NSA लगाने का फैसला किया है। यह फैसला जितना सख़्त दिखता है, उतने ही सवाल भी खड़े करता है। NSA क्यों लगाया गया, सरकार क्या दावा कर रही है, ज़मीन पर क्या हो रहा है और किसान इस पूरे सिस्टम को कैसे देख रहे हैं।

    किसान भाइयों ध्यान दें, ये रंग आपकी जान बचा सकते हैं
    किसान भाइयों ध्यान दें, ये रंग आपकी जान बचा सकते हैं

    By Manvendra Singh

    किसान भाइयों, हर दिन लाखों किसान खेत में कीटनाशक का छिड़काव करते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि बोतल पर बना छोटा-सा रंग आपकी ज़िंदगी बचा सकता है। इस वीडियो में हम कीटनाशकों के लाल, पीले, नीले और हरे रंगों का असली मतलब समझाएंगे, बताएंगे कि कौन-सा कीटनाशक कितना ज़हरीला होता है और दवा खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। साथ ही आप जानेंगे कि PPE किट जैसे मास्क, दस्ताने, गॉगल और गमबूट पहनना क्यों बेहद ज़रूरी है, छिड़काव करते समय कौन-सी सावधानियां अपनानी चाहिए और कौन-सी गलतियां बिल्कुल नहीं करनी चाहिए। यदि गलती से ज़हर शरीर में चला जाए तो क्या प्राथमिक कदम उठाने चाहिए,

    किसान भाइयों, हर दिन लाखों किसान खेत में कीटनाशक का छिड़काव करते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि बोतल पर बना छोटा-सा रंग आपकी ज़िंदगी बचा सकता है। इस वीडियो में हम कीटनाशकों के लाल, पीले, नीले और हरे रंगों का असली मतलब समझाएंगे, बताएंगे कि कौन-सा कीटनाशक कितना ज़हरीला होता है और दवा खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। साथ ही आप जानेंगे कि PPE किट जैसे मास्क, दस्ताने, गॉगल और गमबूट पहनना क्यों बेहद ज़रूरी है, छिड़काव करते समय कौन-सी सावधानियां अपनानी चाहिए और कौन-सी गलतियां बिल्कुल नहीं करनी चाहिए। यदि गलती से ज़हर शरीर में चला जाए तो क्या प्राथमिक कदम उठाने चाहिए,