सेमीकंडक्टर बजट 2026: 7,000 करोड़ से 40,000 करोड़ की छलांग, भारत बनेगा चिप हब
Manvendra Singh | Feb 01, 2026, 11:39 IST
Budget 2026 Updates: 471% की वृद्धि के साथ ISM 2.0 लॉन्च की तैयारी ,वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बड़ा ऐलान किया है। भारत को दुनिया का सेमीकंडक्टर हब बनाने के लिए 2026 के बजट में 40,000 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव है। यह राशि पिछले साल के 7,000 करोड़ से करीब छह गुना ज्यादा है। यह कदम 'विकसित भारत 2047' के सपने को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। लेकिन सवाल यह है कि पिछले बजट में क्या था, अब तक क्या हुआ और आगे क्या होगा? आइए आंकड़ों के साथ समझते हैं।
India Budget 2026 Updates: फरवरी 2025 में पेश किए गए केंद्रीय बजट में सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए बड़ी घोषणाएं हुईं। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय के सेमीकंडक्टर विकास बजट को पिछले साल से 83% बढ़ाकर 7,000 करोड़ रुपये कर दिया गया। यह बढ़ोतरी दिखाती है कि सरकार इस क्षेत्र को कितनी गंभीरता से ले रही है।
इस बजट (Budget 2026) में कई अहम योजनाओं को पैसा दिया गया। कंपाउंड सेमीकंडक्टर, सेंसर और चिप असेंबली के लिए 3,900 करोड़ रुपये दिए गए। डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम के लिए 200 करोड़ रुपये रखे गए, जो पिछले साल से लगभग दोगुना था। सबसे बड़ी बात यह रही कि सेमीकंडक्टर फैब यानी चिप बनाने की फैक्ट्री स्थापित करने के लिए 24,990 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया, जो पिछले साल के 12,000 करोड़ से दोगुना था। कुल मिलाकर इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय का बजट 48% बढ़कर 26,026 करोड़ रुपये हो गया।
Finance Minister Nirmala Sitharaman India Union Budget 2026 Live Updates
अगर हम पीछे मुड़कर देखें तो सेमीकंडक्टर बजट में लगातार बढ़ोतरी हुई है। 2023-24 में यह बजट सिर्फ 6,810 करोड़ रुपये था। 2024-25 में इसे बढ़ाकर 38,160 करोड़ रुपये कर दिया गया, जिसमें कंपाउंड सेमीकंडक्टर और चिप असेंबली के लिए 25,000 करोड़ रुपये और डिजाइन इंसेंटिव के लिए 1,050 करोड़ रुपये शामिल थे। फिर 2025 में 83% की छलांग लगाकर इसे 7,000 करोड़ तक पहुंचाया गया। इन पैसों से इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन फेज-1 को रफ्तार मिली। इस मिशन का कुल बजट 76,000 करोड़ रुपये था। इसके तहत 10 बड़े प्रोजेक्ट मंजूर किए गए, जिनमें 1.6 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया। सबसे बड़ी कामयाबी यह रही कि माइक्रॉन ने गुजरात में 22,516 करोड़ रुपये की फैक्ट्री लगाने का फैसला किया। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने धोलेरा में 91,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की। ये प्रोजेक्ट भारत को सेमीकंडक्टर बनाने वाला देश बनाने की दिशा में बड़े कदम हैं।
अब असली खेल शुरू होने वाला है। 2026 के बजट में सेमीकंडक्टर के लिए 40,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है। यह 7,000 करोड़ से सीधा 40,000 करोड़ यानी 471% की जबरदस्त बढ़ोतरी है। यह रकम दिखाती है कि सरकार कितनी गंभीरता से इस क्षेत्र को विकसित करना चाहती है।
वित्त मंत्री ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की घोषणा की है। इसका ड्राफ्ट तैयार हो चुका है और मार्च 2026 तक कैबिनेट से मंजूरी मिलने की उम्मीद है। उद्योग जगत की मांगें भी साफ हैं। इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन ने मंजूर हो चुके प्रोजेक्ट्स के लिए ज्यादा फंडिंग मांगी है। कंपनियां डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम को बढ़ाने, टैक्स में राहत और टेस्टिंग सुविधाओं पर जोर दे रही हैं। खासकर चिप फैक्ट्रियों के लिए 15% की रियायती टैक्स दर की मांग की जा रही है। साथ ही, वैल्यू एडिशन से जुड़ी पीएलआई स्कीम और बेहतर टेस्टिंग बुनियादी ढांचे की जरूरत है। अगर ये मांगें पूरी होती हैं तो भारत में सेमीकंडक्टर उत्पादन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा और विदेशी कंपनियां भी यहां निवेश के लिए आकर्षित होंगी।
आंकड़ों की इस यात्रा से साफ है कि भारत सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। 2023 में 6,810 करोड़ से शुरुआत करके 2026 में 40,000 करोड़ तक पहुंचना एक बड़ी छलांग है। यह दिखाता है कि सरकार की प्राथमिकताएं बदल रही हैं और तकनीकी आत्मनिर्भरता पर जोर है।
सेमीकंडक्टर चिप्स आज हर डिवाइस का दिल हैं - मोबाइल से लेकर कार, कंप्यूटर से लेकर मिसाइल तक। अभी दुनिया की 90% चिप्स ताइवान, दक्षिण कोरिया और चीन में बनती हैं। भारत इस पर निर्भरता कम करना चाहता है। माइक्रॉन और टाटा जैसी कंपनियों के प्रोजेक्ट से लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा और भारत को तकनीकी ताकत बनने में मदद मिलेगी।
इस बजट (Budget 2026) में कई अहम योजनाओं को पैसा दिया गया। कंपाउंड सेमीकंडक्टर, सेंसर और चिप असेंबली के लिए 3,900 करोड़ रुपये दिए गए। डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम के लिए 200 करोड़ रुपये रखे गए, जो पिछले साल से लगभग दोगुना था। सबसे बड़ी बात यह रही कि सेमीकंडक्टर फैब यानी चिप बनाने की फैक्ट्री स्थापित करने के लिए 24,990 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया, जो पिछले साल के 12,000 करोड़ से दोगुना था। कुल मिलाकर इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय का बजट 48% बढ़कर 26,026 करोड़ रुपये हो गया।
Finance Minister Nirmala Sitharaman India Union Budget 2026 Live Updates
पिछले सालों में क्या हुआ?
बजट 2026 में क्या है?
वित्त मंत्री ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की घोषणा की है। इसका ड्राफ्ट तैयार हो चुका है और मार्च 2026 तक कैबिनेट से मंजूरी मिलने की उम्मीद है। उद्योग जगत की मांगें भी साफ हैं। इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन ने मंजूर हो चुके प्रोजेक्ट्स के लिए ज्यादा फंडिंग मांगी है। कंपनियां डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम को बढ़ाने, टैक्स में राहत और टेस्टिंग सुविधाओं पर जोर दे रही हैं। खासकर चिप फैक्ट्रियों के लिए 15% की रियायती टैक्स दर की मांग की जा रही है। साथ ही, वैल्यू एडिशन से जुड़ी पीएलआई स्कीम और बेहतर टेस्टिंग बुनियादी ढांचे की जरूरत है। अगर ये मांगें पूरी होती हैं तो भारत में सेमीकंडक्टर उत्पादन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा और विदेशी कंपनियां भी यहां निवेश के लिए आकर्षित होंगी।
भारत का सेमीकंडक्टर सपना
सेमीकंडक्टर चिप्स आज हर डिवाइस का दिल हैं - मोबाइल से लेकर कार, कंप्यूटर से लेकर मिसाइल तक। अभी दुनिया की 90% चिप्स ताइवान, दक्षिण कोरिया और चीन में बनती हैं। भारत इस पर निर्भरता कम करना चाहता है। माइक्रॉन और टाटा जैसी कंपनियों के प्रोजेक्ट से लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा और भारत को तकनीकी ताकत बनने में मदद मिलेगी।