बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले की सुनवाई दो सप्ताह के लिए स्थगित 

बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले की सुनवाई दो सप्ताह के लिए स्थगित बाबरी मस्जिद।

नई दिल्ली (भाषा)। उच्चतम न्यायालय ने भाजपा नेताओं लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी समेत बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले के अन्य आरोपियों से आज अपने लिखित बयान देने को कहा और मामले की सुनवाई दो सप्ताह के लिए स्थगित कर दी।

न्यायमूर्ति पी पी घोष एवं न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन की पीठ ने मामले में सभी पक्षों से छह अप्रैल तक लिखित दलीलें दायर करने को कहा और मामले की सुनवाई सात अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दी। भाजपा नेताओं की ओर से अदालत में पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता के के वेणुगोपाल ने सुनवाई की शुरुआत में अदालत से एक अन्य पीठ के समक्ष एक ऐसे मामले में पेश होने की अनुमति मांगी जिसकी कुछ सुनवाई हो चुकी है।

पीठ ने वेणुगोपाल की याचिका स्वीकार कर ली लेकिन कहा कि पक्षों को सुनवाई की आगामी तिथि से पहले मामले में अपने लिखित बयान दायर करने होंगे। न्यायमूर्ति घोष ने कल न्यायमूर्ति नरीमन के उपस्थित नहीं होने के कारण मामले की सुनवाई आज तक के लिए स्थगित कर दी थी।

न्यायालय ने अयोध्या में 1992 में विवादित राम जन्मभूमि स्थल पर बाबरी ढांचा गिराये जाने के मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, डॉ. मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती समेत आरोपियों पर से आपराधिक साजिश के आरोप हटाने के आदेश के खिलाफ दायर अपील की जांच पड़ताल करने का छह मार्च को निर्णय लिया था।

First Published: 2017-03-23 13:41:12.0

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