पनीरसेल्वम ने कहा, इस्तीफा वापस लेने को तैयार हूं जवाब में शशिकला ने कहा, पन्नीरसेल्वम ने अम्मा से किया विश्वासघात 

पनीरसेल्वम ने कहा, इस्तीफा वापस लेने को तैयार हूं जवाब में शशिकला ने कहा,  पन्नीरसेल्वम ने अम्मा से  किया विश्वासघात चेन्नई के मेरीना बीच पर जयललिता की समाधि पर मेडिटेशन करते तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम।

चेन्नई (भाषा)। वी के शशिकला के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंकने के बाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम ने आज कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वह अपना इस्तीफा वापस ले लेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें मिलने वाला समर्थन राज्य विधानसभा में पता चल जाएगा।

शशिकला ने उनके खिलाफ बोलने वाले पनीरसेल्वम को कल रात अन्नाद्रमुक कोषाध्यक्ष के पद से बर्खास्त कर दिया था। पनीरसेल्वम ने कहा कि उन्हें (शशिकला) जयललिता के निधन के बाद ‘असाधारण परिस्थितियों' में पार्टी का महासचिव बनाया गया। उन्होंने कहा कि ‘‘स्थायी'' महासचिव चुनने के लिए जल्द ही चुनाव कराए जाएंगे।

पनीरसेल्वम ने आक्रामक रख अपनाते हुए कहा कि उन्हें मिलने वाले समर्थन का पता राज्य विधानसभा में चल जाएगा। पनीरसेल्वम ने कहा, ‘‘आवश्यकता पड़ने पर मैं अपना इस्तीफा वापस ले लूंगा।''

इस दौरान पनीरसेल्वम के साथ पांडियन, पार्टी के राज्यसभा सांसद मैत्रेयन और वी सी अरुकुट्टी समेत कई नेता मौजूद थे।

जयललिता से मैं नहीं मिल सका

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि जयललिता के 75 दिन अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान वह एक बार भी उनसे नहीं मिल सके। उन्होंने कहा कि दिवंगत नेता के निधन एवं उनके स्वास्थ्य संबंधी ‘‘संदेहों'' की जांच के लिए उच्चतम न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश के नेतृत्व में जांच आयोग गठित करने की सिफारिश करेंगे। उन्होंने कहा कि वह गली-गली में जाकर लोगों से मिलेंगे। उन्होंने जयललिता की भतीजी दीपा जयकुमार के साथ मिलकर काम करने के विचार का भी स्वागत किया।

गौरतलब है कि दीपा भी शशिकला को मुख्यमंत्री बनाए जाने के विरोध में हैं।

पनीरसेल्वम ने शशिकला के उस आरोप से भी इनकार किया जिसमें उन्होंने कहा था पार्टी नेतृत्व के खिलाफ उनके विद्रोह के पीछे द्रमुक का हाथ है, पनीरसेल्वम ने कहा कि उन्हें कोषाध्यक्ष पद से हटाने का शशिकला को कोई अधिकार नहीं है।

मेरे और द्रमुक के बीच कोई संबंध नहीं है

उन्होंने कहा, ‘‘उनसे पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने जो आरोप लगाया है उसका आधार क्या है। द्रमुक के साथ मेरे संबंध कभी भी मधुर नहीं रहे। इतिहास पर गौर करने पर यह स्पष्ट हो जाता है।'' पनीरसेल्वम ने कहा, ‘‘मेरे और द्रमुक के बीच कोई संबंध नहीं है, जब कोई आपकी ओर देखकर मुस्कुराए तो बदले में मुस्कुराना एक मानवीय तरीका है, पशुओं और इंसानों में यही तो अंतर है।''

बीती रात शशिकला ने पनीरसेल्वम और द्रमुक के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन के एक-दूसरे को देखकर मुस्कुराने पर सवाल उठाया था। हाल के सत्र में स्टालिन विधानसभा में विपक्ष के नेता की भूमिका में थे।

‘चिनम्मा’ के नाम से प्रसिद्ध शशिकला।

पन्नीरसेल्वम ने अम्मा से विश्वासघात किया : शशिकला

तमिलनाडु में जारी राजनीतिक गहमागहमी के बीच ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) की महासचिव वी.के. शशिकला ने बुधवार को राज्य के कार्यवाहक मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम पर पलटवार किया।

उन्होंने एक दिन पहले अपने खिलाफ बगावती तेवर अपनाने वाले पन्नीरसेल्वम को 'विश्वासघाती' करार दिया। यहां अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए शशिकला ने आरोप लगाया कि पन्नीरसेल्वम विपक्षी दल द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) की मिलीभगत से यह सब कर रहे हैं, जिसका मकसद एआईएडीएमके की सरकार को कमजोर करना है।

शशिकला ने राज्य की पूर्व दिवंगत मुख्यमंत्री जे. जयललिता का जिक्र करते हुए कहा, "मैंने अम्मा के साथ रहते हुए पिछले 33 वर्षो में कई विश्वासघातों का सामना किया।" उन्होंने कहा, "पिछले 33 साल में अम्मा मेरी भगवान रहीं। इस दौरान कई उतार-चढ़ाव देखे। मैंने उन सभी को पार किया और हम इस बार भी उबर जाएंगे.. मैं अम्मा के नाम की शपथ लेती हूं।"

शशिकला का यह बयान पन्नीरसेल्वम द्वारा मंगलवार देर शाम बगावती तेवर अपनाए जाने के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने इसके लिए शशिकला को जिम्मेदार ठहराया था।

पन्नीरसेल्वम के बगावती तेवर के बाद बुधवार को शशिकला ने आक्रामक लहजे में कहा कि एआईएडीएमके के 'शत्रु' एक-एक कर सामने आ रहे हैं, 'पर सभी हार जाएंगे।'

लंबे समय तक जयललिता की करीबी रहीं शशिकला ने कहा कि वह 'विश्वासघात बर्दाश्त नहीं' करेंगी।

पिता करूणानिधि के संग द्रमुक के नए अध्यक्ष एम के स्टालिन।

उन्होंने कहा, "यह डीएमके की साजिश है। पिछले दो महीने से पन्नीरसेल्वम विपक्षी ताकतों के साथ मिलीभगत कर रहे थे, लेकिन मैंने इन सबको नजरअंदाज किया।"

शशिकला ने पन्नीरसेल्वम द्वारा अपने विरोध को लेकर सवालिया लहजे में कहा, "वह इतने दिनों तक चुप क्यों रहे? क्या उन्हें डीएमके से समर्थन मिल रहा है?" उन्होंने कहा, "हमारे शत्रु हमें कमजोर करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। यही वजह है कि पिछले कुछ दिनों में हम इस तरह के घटनाक्रम देख रहे हैं..।"

कोई भी इस बात को नहीं मानेगा कि मैंने उन्हें (पन्नीरसेल्वम) मुख्यमंत्री पद से हटने के लिए मजबूर किया। न तो लोग और न ही (एअईएडीएमके) के कैडर।
शशिकला महासचिव ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम

उन्होंने कहा, "पार्टी महासचिव के तौर पर मैं उन्हें माफ करना चाहती हूं, लेकिन कल (मंगलवार) जो कुछ भी हुआ, उसने सारी हदें पार कर दीं।" उन्होंने कहा, "कुछ लोग हमें बांटने की कोशिश कर रहे हैं.. एआईएडीएमके नहीं टूटेगी, न ही मैं टूटूंगी।"

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