अमेरिका में भारतीयों पर हमले का मुद्दा लोकसभा में उठा, सरकार ने कहा वह गंभीर  

अमेरिका में भारतीयों पर हमले का मुद्दा लोकसभा में उठा, सरकार ने कहा वह गंभीर  अमेरिका में भारतीयों पर हमले के मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस।

नई दिल्ली (भाषा)। लोकसभा में आज कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, वामदलों के सदस्यों ने अमेरिका में भारतीयों पर हमले का मुद्दा उठाया। सरकार ने कहा कि वह इस विषय को गंभीरता से ले रही है और अगले सप्ताह इस बारे में बयान देगी।

कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खडगे।

बजट सत्र के दूसरे चरण में पहले दिन आज सुबह प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खडगे और तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी ने अमेरिका में भरतीयों पर हमले के मुद्दे को उठाते हुए अध्यक्ष सुमित्रा महाजन से इस विषय पर उन्हें अपनी बात रखने देने का आग्रह किया।

अध्यक्ष सुमित्रा महाजन।

अध्यक्ष ने कहा कि यह गंभीर विषय है और सदस्य अपनी बात शून्यकाल के दौरान रख सकते हैं। अभी प्रश्नकाल चलनें दें क्योंकि हम एक महीने के अंतराल पर मिल रहे हैं और कई सदस्यों को कई महत्वपूर्ण विषय रखने हैं।

लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खडगे ने कहा कि अमेरिका में लोग मारे जा रहे हैं। इंजीनियर को गोली मार दी गई। यह महत्वपूर्ण विषय है और हम इस पर अपनी बात रखना चाहते हैं। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, वामदलों के सदस्यों ने इसका समर्थन किया।

संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी।

संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि अमेरिका में भारतीयों के संदर्भ में जो कुछ भी वाक्या सामने आया है, इस पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह कुछ कहना चाहते हैं। इस पर विपक्षी सदस्यों ने कहा कि वे भी इस विषय पर अपनी बात रखना चाहते हैं।

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस विषय पर शून्यकाल में बात रखे अन्यथा मंत्री के बोलने के बाद विषय समाप्त हो जाएगा। राजनाथ सिंह ने कहा कि वे सदस्यों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि सरकार ने इस विषय को गंभीरता से लिया है. सरकार इस बारे में अगले सप्ताह बयान देगी।

इसी तरह का एक मामला दक्षिण कैरोलिना में सामने आया जहां भारतीय मूल के हर्निश पटेल की की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पिछले हफ्ते केंट शहर में सिख युवक दीप राय पर हमले का मामला भी सामने आया था।

पूर्व लोकसभा अध्यक्ष रवि राय का गत दिनों निधन होने पर लोकसभा अध्यक्ष व सदस्योंं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

इस विषय पर तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने भी शून्यकाल में कहा कि ये घटनाएं अमेरिका में लगातार चलाए गए घृणा अभियान का नतीजा हैं जो नई सरकार के आने के बाद घटी हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर इस विषय पर चुप्पी साधने का आरोप लगाते हुए सरकार से इस विषय में हस्तक्षेप की मांग की और उम्मीद जताई कि अमेरिका में भारतीय मूल के लोग इन घटनाओं पर भारत की तरह विरोध जताएंगे।

बीजद के भतृर्हरि महताब ने कहा कि अमेरिका जैसे देशों में रंग को लेकर लोगों में घृणा की भावना का इतिहास रहा है और नस्लीय हमले इनका ही नतीजा हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि अमेरिका प्रशासन को श्रीनिवास की पत्नी के इस सवाल का जवाब देने के लिए बाध्य किया जाए कि उनके पति की जान किस कारण से चली गई।

तेलंगाना राष्ट्र समिति के जितेंद्र रेड्डी ने कहा कि भारत सरकार को अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों की पूरी तरह मदद करनी चाहिए और सरकार को इस बारे में बयान देना चाहिए।

अकाली दल के प्रेमसिंह चंदूमाजरा ने कहा कि अमेरिका में नई सरकार आने से पहले भी खासतौर पर सिख समुदाय के लोगों पर हमलों के मामले सामने आते रहे हैं।

माकपा के मोहम्मद सलीम ने कहा कि अमेरिका में चुनाव से पहले इस तरह का घृणा अभियान चलाया गया और स्थानीय लोगों में ऐसी भावना घर कर गई है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को अमेरिका को वार्ता के लिए दबाव बनाना चाहिए और आमने सामने इस विषय पर बात करनी चाहिए।

अन्नाद्रमुक के एम थंबिदुरई ने कहा कि भारत सरकार को इस मामले में हस्तक्षेप कर भारतीयों को सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए। इससे पहले आज सुबह प्रश्नकाल में भी यह मुद्दा उठा था और लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि यह गंभीर विषय है और सदस्य अपनी बात शून्यकाल के दौरान रख सकते हैं।

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