भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक समीक्षा की मुख्य बातें    

भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक समीक्षा की मुख्य बातें    भारतीय रिजर्व बैंक।

मुंबई (भाषा)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की आज जारी द्वैमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा की मुख्य बातेें इस प्रकार हैं: -

  1. नीतिगत ब्याज दर (रेपो) 6.25 प्रतिशत पर यथावत।
  2. आर्थिक वृद्धि दर 2016-17 का अनुमान घटा कर 6.9 प्रतिशत किया गया। वर्ष 2017-18 में वृद्धि 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान।
  3. अगले वित्त वर्ष के दौरान आर्थिक वृद्धि में तेजी से सुधार की संभावना।
  4. वर्ष 2017-18 की पहली छमाही में मुद्रास्फीति 4-4.5 प्रतिशत और दूसरी तिमाही में 4.5-5 प्रतिशत रहने का अनुमान।
  5. कच्चेल की कीमतों में बढ़ोतरी, विनिमय दर में उतार चढ़ाव और 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के बड़े प्रभाव से मुद्रास्फीति दबाव बढ़ने का खतरा।
  6. वर्ष 2017 में वैश्विक आर्थिक वृद्धि में तेजी आने की संभावना।
  7. संरक्षणवादी रझान तेज होने से वैश्विक व्यापार में मंदी का अनुमान।
  8. रिजर्व बैंक ने नीतिगत रख को ‘नरम' की जगह ‘तटस्थ' किया।
  9. मौद्रिक नीति के रख में बदलाव नोटबंदी के अस्थायी प्रभावों के कारण।
  10. पुराने की जगह नए नोटों की आपूर्ति बढने के साथ बैंकों के पास नकदी की बाढ कम होगी। बहर हाल नकदी की बाढ़ 2017-18 के शुरुआती महीनों में बने रहने की संभावना।
  11. जल्दी जल्दी आने वाले सामयिक आंकडों से सेवा क्षेत्र, की गतिविधियों, वाहनों की बिक्री, घरेलू हवाई माल परिवहन, रेल माल ढुलाई तथा सीमेंट उत्पादन के मद्धिम होने के संकेत।
  12. खाद्य और ईंधन को छोड़, मुद्रास्फीति सितंबर से 4.9 प्रतिशत पर अडी हुई है।
  13. नीतिगत समीक्षा में बैंकों के अवरद्ध रिणों का समाधान तेजी से करने तथा बैंकों में नई पूंजी डालने का काम तेज करने पर जोर ताकि कर्ज की दरें और नीचे आ सकें।
  14. मौद्रिक नीति समिति की अगली बैठक 5-6 अप्रैल 2017 को।

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