विकिलीक्स के संस्थापक अंसाजे ने लगाई आजादी की गुहार 

विकिलीक्स के संस्थापक अंसाजे ने लगाई आजादी की गुहार विकिलीक्स के संस्थापक जुलियन असांजे।

लंदन (आईएएनएस)। विकिलीक्स के संस्थापक जुलियन असांजे ने ब्रिटेन और स्वीडन प्रशासन के समक्ष नई याचिका पेश कर अपनी आजादी बहाल करने की गुहार लगाई है। रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र की एक कानूनी समिति द्वारा असांजे को मुक्त किए जाने की सिफारिश करने के एक साल बाद असांजे ने रविवार को यह बात कही है।

उन्होंने कहा, "मैं ब्रिटेन और स्वीडन से आग्रह करता हूं कि वे सही कदम उठाएं और मेरी आजादी बहाल करें। इन दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र और इसके मानवाधिकार तंत्रों को मान्यता देने वाली संधियों पर हस्ताक्षर किए हैं।'

असांजे ने कहा कि एक वर्ष हो रहा है लेकिन दोनों देशों की सरकारें मनमाने हिरासत संबंधित संयुक्त राष्ट्र कार्यकारी समूह के निर्णय के अनुपालन में विफल रही हैं। असांजे 19 जून, 2012 से लंदन में इक्वाडोर के दूतावास में रह रहे हैं। यौन दुराचार मामले में स्वीडन प्रत्यर्पित किए जाने के खिलाफ उनकी याचिका खारिज होने के बाद उन्होंने इक्वाडोर से शरण मांगी थी और उसके बाद से ही वह इक्वोडोर के दूतावास में रह रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, वह लंदन स्थित इक्वाडोर के दूतावास में एक छोटे से कमरे में रहते हैं, जिसमें एक बिस्तर, लैंप, कंप्यूटर, शावर, ट्रेडमिल और भोजन पकाने के सामान हैं। असांजे ने पूछताछ के लिए स्वीडन जाने से इनकार कर दिया था, क्योंकि उन्हें डर था कि उन्हें विकिलीक्स द्वारा अमेरिका के 500,000 खुफिया सैन्य फाइलें जारी करने के सिलसिले में अमेरिका को सौंपा जा सकता है।

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