लॉकडाउन के दौरान हफ्ते के सातों दिन खुली रहेंगी राशन की दुकानें

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि लाभार्थियों को बिना किसी कठिनाई के दुकानों पर खाद्यान्न का समय पर वितरण सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए और इस संबंध में किए गए उपायों का व्यापक प्रचार भी करें।

लॉकडाउन के दौरान हफ्ते के सातों दिन खुली रहेंगी राशन की दुकानें

देश के अलग-अलग राज्यों में इस समय लॉकडाउन चल रहा है, लेकिन इसकी वजह से लोगों को राशन मिलने में कोई परेशानी न हो, इसलिए पूरे हफ्ते राशन की दुकानें खुली रहेंगी।

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने 15 मई रविवार को एक आदेश जारी किया गया है। इसके अनुसार सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को महीने के सभी दिनों में राशन की दुकानें खुली रखनी होंगी। साथ ही लाभार्थियों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेवाई) और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत खाद्यान्न का वितरण किया जाए।

इस दौरान राशन की दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग और कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इसे सुविधाजनक बनाने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से यह भी सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है कि राशन की दुकानें जहां स्थित हो वहां मौजूद बाजार के खुलने को समय से अलग समय पर इन्हें खोला जाए।


सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से यह अनुरोध किया गया है कि वे लाभार्थियों को बिना किसी कठिनाई के उचित दर पर दुकानों पर खाद्यान्न का समय पर वितरण सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए और इस संबंध में किए गए उपायों का व्यापक प्रचार भी करें।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 (एनएफएसए) के अंतर्गत आने वाले लगभग 80 करोड़ लाभार्थियों को मई और जून में सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली के माध्यम से प्रत्येक परिवार में प्रति व्यक्ति के हिसाब से 5 किलोग्राम अतिरिक्त अनाज की घोषणा की गई है।

इसके साथ ही दूसरे कई राज्यों ने भी मुफ्त राशन देने की घोषणा की है। उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना महामारी और लॉकडाउन के बीच लोगों की परेशानी को देखते हुए, अगले तीन महीने तक 5 किलो मुफ्त राशन देने की घोषणा की है।

"प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना" (पीएम-जीकेएवाई III) का कार्यान्वयन फ़िलहाल दो महीने यानी मई और जून 2021 के लिए उसी तरीके से शुरू किया गया है, जैसे इससे पहले मुफ्त खाद्यान्न (चावल / गेहूं) के अतिरिक्त कोटा के तहत प्रति व्यक्ति को प्रति माह 5 किलोग्राम राशन दिया गया था। इन वितरण कार्यों से एनएफएसए की दोनों श्रेणियों अर्थात अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) और प्राथमिकता वाले परिवारों (पीएचएच) के तहत लगभग 80 करोड़ लाभार्थियों को उनकी नियमित मासिक एनएफएसए पात्रता से अधिक खाद्यान्न प्राप्त होगा।

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