लखीमपुर हिंसा मामले में पुलिस की FIR में क्या लिखा है, क्या धाराएं लगाई गई हैं?

3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा में मामले में थाना तिकुनिया में आशीष मिश्रा (मोनू) समेत 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ 302 और 120 बी समेत 8 धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

लखीमपुर हिंसा मामले में पुलिस की FIR में क्या लिखा है, क्या धाराएं लगाई गई हैं?

लखनऊ(उत्तर प्रदेश)। लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में थाना तिकुनियां में दर्ज प्राथमिक रिपोर्ट में सिर्फ केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा उर्फ मोनू का नाम है, इसके अलावा 15-20 लोगों को अन्य मे रखा गया है।

इन धाराओं में दर्ज की गई है रिपोर्ट

लखीमपुर केस में लखीमपुर खीरी पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 304-A (तेजी और लापरवाही से काम, जिसमें किसी की मृत्यु हो), 120 B (आपराधिक साजिश), इसके अलावा 338, 279, 147,148,149 में केस दर्ज किया गया है।


क्या लिखा है एफआईआर कॉपी में

3 अक्टूबर को क्षेत्र के सभी किसान और मजदूर राज्य गृह मंत्री अजय मिश्रा और उप मुख्यमंत्री के खिलाफ काले झंडे दिखाने के लिए महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज के मैदान में शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे। घटना लगभग 3 बजे की है जब अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा अपने 3-4 चारपहिया वाहनों पर सवार होकर 15-20 अज्ञात असलहों से लैस व्यक्तियों के साथ बनवीरपुर से सभा स्थल की तरफ तेजी से आए। आशीष मिश्रा अपनी थार गाड़ी में बायी ओर सीट पर बैठकर फायरिंग करते हुए भीड़ को रौंदते हुए आगे बढ़े।

फायरिंग से गुरविंदर सिंह (22 वर्ष) की गोली लगने से मौत हो गई और तेजी से सड़क के दोनों तरफ खड़े किसानों को दरिंदगी पूर्वक रौंदते हुए आगे बढ़े। ज्यादा स्पीड के कारण आशीष मिश्रा की गाड़ियां अनियंत्रित होकर गड्ढे में पलट गई जिससे कई राहगीर भी गंभीर रूप से घायल हो गए। आशीष मिश्रा फायरिंग करते हुए गन्ने में छिप गए। अभी प्राप्त सूचना के अनुसार कुल चार किसानों की मौत हो गई, जिनमें गुरविंदर सिंह, दलजीत सिंह, नक्षत्र सिंह व लवलीन सिंह की मौत हो गई और कई किसान घायल हो गए।


लखीमपुर में 3 अक्टूबर को क्या हुआ था?

लखीमपुर खीरी के तिकुनियां में 3 अक्टूबर को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के गांव में यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या का कार्यक्रम था, जिसमें तिकुनिया इलाके में डिप्टी सीएम का हेलीकॉप्टर उतरना था लेकिन केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के एक बयान से नाराज किसानों ने हेलीपैड पर कब्जा कर रखा था। जिसके बाद डिप्टी सीएम ने प्रोग्राम बदलकर सड़क माार्ग से जाने का फैसला किया। इसी दौरान आरोप है कि केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे ने प्रदर्शनकारी किसानों के ऊपर गाड़ी चढ़ा दी, फायरिंग की, जिसमें 4 किसानों की मौत हो गई। जिसके बाद की हिंसा भड़क उठी। प्रदर्शनकारी किसानों ने गाड़ियों से उतरने वाले तीन लोगों की लाठी डंडों से पिटाई कर दी। जिसमें बीजेपी के 2 कार्यकर्ताओं और एक ड्राइवर की मौत हो गई। इस संबंध में कई वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हैं। केंद्रीय मंत्री ने अपने बयान में कहा कि घटना के वक्त उनका बेटा गाड़ियों में नहीं था और गाड़ियां डिप्टी सीएम की अगवानी के लिए जा रही थीं, इस दौरान प्रदर्शकारियों ने पत्थरबाजी की। जबकि स्थानीय किसानों का कहना था कि गाड़ियां जानबूझकर कर इधर लाई गईं और हमला किया गया।

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