विपक्षी नेताओं को मिली लखीमपुर जाने की अनुमति, लेकिन एक साथ जा सकते हैं सिर्फ पांच लोग

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को तीन अन्य लोगों के साथ लखीमपुर खीरी जाने की अनुमति मिल गई है

विपक्षी नेताओं को मिली लखीमपुर जाने की अनुमति, लेकिन एक साथ जा सकते हैं सिर्फ पांच लोग

लखीमपुर खीरी में हिंसा के बाद से देश के कई नेता वहां जाना चाहते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ने वहां पर जाने से रोक लगा रखी थी।

लेकिन अब किसी भी राजनीतिक पार्टी से कोई भी जा सकता है, लेकिन एक साथ सिर्फ पांच लोगों को जाने की अनुमति मिली है।

अतिरिक्त मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने जानकारी दी है कि सभी राजनीतिक दलों को लखीमपुर जाने की अनुमति; केवल पांच लोगों को अनुमति मिली है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने लखनऊ में लागू धारा 144 के कारण राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को लखीमपुर खीरी जिले का दौरा करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। जबकि कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा अभी भी सीतापुर में नजरबंद हैं।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी लखनऊ पहुंच गए हैं। उनके साथ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी हैं। राहुल गांधी लखीमपुर खीरी जाने से पहले सीतापुर जाएंगे। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और तीन अन्य लोगों को लखीमपुर खीरी जाने की अनुमति दे दी है।

लखीमपुर बवाल के बाद बुधवार को सचिन पायलट और प्रमोद कृष्णन के लखीमपुर की ओर जाने की सूचना पर हापुड़ जिले के पुलिस को अलर्ट कर दिया गया। दोपहर के समय एडीजी राजीव सभरवाल पिलखुवा टोल प्लाजा पर पहुंच गए और व्यवस्थाओ को परखा। जैसे ही सचिन पायलट का काफिला छिजारसी टोल पहुंचा, पुलिस ने उसे रोक दिया। हालांकि सचिन पायलट को करीब 20 मिनट टोल प्लाजा पर रोकने के बाद आगे जाने दिया गया।


सांसद संजय सिंह और दिल्ली के विधायक राघव चड्ढा, पंजाब के चार विधायकों के साथ लखीमपुर के पीड़ित परिजनों से मिलने के लिये निकल गए हैं। भारी दबाव के बाद प्रशासन ने कुछ लोगों को जाने की अनुमति दी है ।

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