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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कोविड-19 वैक्सीन को लेकर अफवाह फैलाने वालों को दी आत्मनिरीक्षण की सलाह

मनसुख मंडाविया ने सलाह दी कि जो लोग मीडिया में बयान दे रहे हैं, वे लोगों के बीच गलत सूचना और घबराहट पैदा कर रहे हैं, उन्हें इस बात का आत्मनिरीक्षण करने की जरूरत है कि क्या उन्होंने शासन प्रक्रियाओं और दी जा रही जानकारी से खुद को इतना दूर कर लिया है कि उन्हें टीकों की उपलब्धता के संबंध में दी गई सही जानकारी नहीं है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कोविड-19 वैक्सीन को लेकर अफवाह फैलाने वालों को दी आत्मनिरीक्षण की सलाह

 केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मंडाविया। फोटो: @mansukhmandviya/twitter

देश में कोविड टीकों की कमी और धीमी उपलब्धता के संबंध में कुछ राज्यों और राजनीतिक प्रतिनिधियों की ओर से कई बयान आए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मंडाविया ने आज लगातार कई ट्वीट्स करके इन आरोपों और मिथकों का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और ये लोगों के बीच दहशत फैलाने की कोशिश करते हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि साक्ष्य और तथ्यों के आधार पर मौजूदा स्थिति के विश्लेषण से वर्तमान स्थिति को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सरकारी और निजी अस्पतालों के माध्यम से टीकाकरण को सक्षम बनाने के लिए जून 2021 में राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को टीके की 11.46 करोड़ खुराकें उपलब्ध कराई हैं। उन्होंने कहा कि जुलाई में यह उपलब्धता बढ़ाकर 13.50 करोड़ खुराकें कर दी गई हैं।

टीका निर्माताओं के साथ चर्चा के आधार पर, केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय ने 19 जून, 2021 को सभी राज्‍यों/केंद्र शासित प्रदेशों को जुलाई में राज्‍यों/केंद्र शासित प्रदेशों को उपलब्ध कराई जाने वाली टीके की खुराकों की संख्या के बारे में सूचित किया था। इसके बाद 27 जून और 13 जुलाई को भी राज्यों को जुलाई 2021 के पहले और दूसरे पखवाड़े के लिए प्रत्येक दिन टीकों की उपलब्धता के बारे में अग्रिम रूप से सूचित किया गया था। ऐसा इसलिए किया गया, जिससे राज्यों को खुराक के समय व मात्रा के बारे में जानकारी प्राप्त हो सके और इस तरह वह राज्य/जिला स्तर पर बेहतर व प्रभावी तरीके से टीकाकरण अभियान की योजना बनाएं। राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को सलाह दी गई है कि वे अपने कोविड-19 टीकाकरण सत्र की योजना कोविड टीकों की उपलब्धता के आधार पर बनाएं, जिससे देश के लोगों को किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने अपने ट्वीट में यह भी कहा कि टीके की उपलब्धता पर राज्यों को अग्रिम जानकारी देने के बावजूद, अगर कुप्रबंधन और टीकाकरण लाभार्थियों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं, तो यह स्पष्ट है कि वास्तविक समस्या क्या है और इस स्थिति के लिए कौन जिम्मेदार है। मनसुख मंडाविया ने आगे सलाह दी कि जो लोग मीडिया में बयान दे रहे हैं, वे लोगों के बीच गलत सूचना और घबराहट पैदा कर रहे हैं, उन्हें इस बात का आत्मनिरीक्षण करने की जरूरत है कि क्या उन्होंने शासन प्रक्रियाओं और प्रदान की जा रही संबंधित जानकारी से खुद को इतना दूर कर लिया है कि उन्हें टीकों की उपलब्धता के संबंध में दी गई सही अग्रिम जानकारी ज्ञात नहीं है।

स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय के अनुसार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को टीके की 39.59 करोड़ से अधिक खुराकें दी गईं, इसके साथ ही राज्यो व केंद्र शासित प्रदेशों तथा निजी अस्पतालों के पास अब भी टीके की 1.51 करोड़ से अधिक अतिरिक्त और बिना इस्तेमाल की हुई खुराकें मौजूद, जिन्हें लगाया जाना है।

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