पश्चिम बंगाल में खुशी और दुःख के मौके बजायी जाने वाली राभा जनजाति की बांसुरी- खल, जिसे बजाने वाले लोग ही नहीं बचे
Gurvinder Singh | Feb 20, 2023, 07:51 IST
पारंपरिक खल, पश्चिम बंगाल की राभा जनजाति द्वारा बजाई जाने वाली बांस की बांसुरी, उत्सव और दर्द का प्रतीक होती है और पारंपरिक रूप से पश्चिम बंगाल में शादियों, उत्सवों और अंत्येष्टि का एक जरूरी हिस्सा रही है।
पश्चिम बंगाल में खुशी और दुःख के मौके बजायी जाने वाली राभा जनजाति की बांसुरी- खल