जैविक खेती में भी कर सकते हैं मल्टीलेयर फार्मिंग, यह किसान है उदाहरण

Mohit SainiMohit Saini   23 Dec 2019 7:09 AM GMT

दौराला, मेरठ(उत्तर प्रदेश)। आर्मी की ठेकेदारी छोड़ जैविक खेती करने वाले संजीव गुप्ता का शुरू में लोग मजाक बनाते थे कि जैविक खेती में क्या फायदा होगा, लेकिन फिर भी उन्होंने जैविक खेती शुरू की, आज वो अपने ब्लॉक के अस्सी गाँव में अकेले जैविक खेती करने वाले किसान हैं।

मेरठ मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर दौराला ब्लॉक के सरसावा गाँव मे जैविक किसान संजीव गुप्ता पिछले 8 साल से जैविक खेती करते आ रहे हैं। खेती की शुरूआत के बारे में वो कहते हैं, ''गाँव मे लोग मुझे तरह-तरह की बात कहते थे की क्या हो गया तुम्हें क्यों खेती का नाश पिट रहे हो, लेकिन उसके बावजूद दौराला ब्लॉक के अंतर्गत 80 गाँव के आसपास आते है मैं अकेला किसान हूं जो जैविक खेती कर रहा हूँ 130 बीघा जमीन हैं लेकिन 8 एकड़ में जैविक खेती में हाथ आजमा रहा हूं।''

वो आगे कहते हैं, ''मेरे बड़े भाई भी खेती करते हैं, लेकिन वो जैविक नहीं करते मेरे पास ही उनके खेत हैं गाँव के लोग मज़ाक बनाते थे लेकिन मेरी मेहनत ने उन्हें चौका दिया है। किसान सरकार को कोसते हैं कि हमारे आय दोगुना की जाए लेकिन किसान भाइयों की आय 8 गुना है, लेकिन मेहनत करने वाला होना चाहिए मैं सरकार के भरोसे नहीं बैठा मैं मेहनत करता हूं और इसी वजह से मेरी आय आज 8 गुना से ज्यादा है।

कीटनाशक की जगह नीम का पेस्ट और फंगीसाइड भी तैयार करते हैं

संजीव गुप्ता आगे बताते है कि मैं खेती में कीटनाशक की जगह खुद का बनाया हुआ नीम का पेस्ट और ऑयल तैयार करता हूं। गन्ने में एक कीट लगता है, मिलीबग जिसको किसी दवाई ने नहीं रोक पाया उस बीमारी को मैंने नीम पेस्ट व नीम ऑयल से दूर किया कृषि अनुसंधान में मेरे द्वारा नीम पेस्ट या ऑयल पर शोध चल रहा हैं और उसके परिणाम भी अच्छे आएंगे।

मल्टीलेयर फार्मिंग से कमा रहे मुनाफा

संजीव गुप्ता आगे बताते हैं कि मैं पहले से ही मल्टीलेयर खेती कर रहा हूं, हमारी किसानों की बेल्ट में ज्यादा किसान खेती में गन्ना के ही बुवाई करते हैं। लेकिन आय को 8 गुना बढ़ाना है तो मल्टीलेयर फार्मिग अपनाना पड़ेगा। मैंने 10 फिट पर गन्ना की बुवाई की है जिसमे आलू , टमाटर , ब्रोकली , की फ़सल भी पैदा की हैं।

लाल भिंडी, सफेद हल्दी की पैदावार कर किसान सलाह लेने आने लगे

वो बताते हैं, ''मैने पिछले साल लाल भिंडी व सफेद हल्दी पीली हल्दी, ब्रोकली की पैदावार की थी तो आसपास के किसान उस फ़सल को देखने आने लगे। मैंने उसमें सबसे ज्यादा मुनाफ़ा पाया था लोग घर से ही खरीद कर ले जाते थे, मैंने बीज में तैयार किया लाल भिंडी व सफेद हल्दी का किसानों की डिमांड है कि हमे भी बीज मिल सके।

'दोगुनी आय नहीं मैं 8 गुना फायदा ले रहा हूं'

संजीव गुप्ता आगे बताते है कि किसान भाई आज भी सरकार के भरोसे बैठा है कि सरकार आय दोगुना करेगी लेकिन मैं एक किसान हूँ खेती से दोगुना नही 8 गुना फायदा ले रहा हूँ खेती के लिए थोड़ा सा दिमाग लगाने की जरूरत होती हैं बस। लोग मुझे तरह तरह की बात बोलते की बनिए कहाँ खेती करते हैं लेकिन मैं आज खेती से बहुत खुश हूँ ।



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