By Mohit Saini
उत्तर प्रदेश का यह किसान 25 से ज्यादा औषधीय पौधों की खेती कर रहा है। कभी पांच बीघे से खेती की शुरुवात करने वाला यह शख्स आज 110 एकड़ में औषधीय पौधे उगा रहा है।
उत्तर प्रदेश का यह किसान 25 से ज्यादा औषधीय पौधों की खेती कर रहा है। कभी पांच बीघे से खेती की शुरुवात करने वाला यह शख्स आज 110 एकड़ में औषधीय पौधे उगा रहा है।
By Mohit Saini
केले और पपीते का बड़े पैमाने पर उत्पादन करने से आज रजनीश की अलग पहचान बन सकी है। अब और राज्यों के किसान भी उनसे सहफसली खेती करने के लिए सलाह लेने के लिए आते हैं।
केले और पपीते का बड़े पैमाने पर उत्पादन करने से आज रजनीश की अलग पहचान बन सकी है। अब और राज्यों के किसान भी उनसे सहफसली खेती करने के लिए सलाह लेने के लिए आते हैं।
By Mohit Saini
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सावन महीने की ख़ास मिठाई घेवर की मिठास को इस बार कोरोना महामारी ने फीका कर दिया है। सावन महीने में इस मिठाई का सबसे बड़ा व्यापार होता था लेकिन इस बार ऐसा नहीं है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सावन महीने की ख़ास मिठाई घेवर की मिठास को इस बार कोरोना महामारी ने फीका कर दिया है। सावन महीने में इस मिठाई का सबसे बड़ा व्यापार होता था लेकिन इस बार ऐसा नहीं है।
By Mohit Saini
अभी तक सेब को हिमाचल और जम्मू-कश्मीर जैसे ठंडे प्रदेशों की फसल माना जाता था, लेकिन सेब की नइ किस्म हरिमन-99 को देश के किसी भी प्रदेश मे लगा सकते हैं।
अभी तक सेब को हिमाचल और जम्मू-कश्मीर जैसे ठंडे प्रदेशों की फसल माना जाता था, लेकिन सेब की नइ किस्म हरिमन-99 को देश के किसी भी प्रदेश मे लगा सकते हैं।
By Mohit Saini
विकास बोनसाई में अपना नाम गिनीज़ वर्ल्ड रिकार्ड्स में दर्ज कराना चाहते हैं। अभी तक पुणे की प्राजक्ता काले के नाम ये रिकॉर्ड है, जिनके पास करीब चार हजार बोनसाई हैं। विकास का लक्ष्य आने कुछ कुछ साल में पांच हजार से ज्यादा पेड़ तैयार कर गिनीज़ वर्ल्ड रिकार्ड्स में अपना नाम दर्ज करना है।
विकास बोनसाई में अपना नाम गिनीज़ वर्ल्ड रिकार्ड्स में दर्ज कराना चाहते हैं। अभी तक पुणे की प्राजक्ता काले के नाम ये रिकॉर्ड है, जिनके पास करीब चार हजार बोनसाई हैं। विकास का लक्ष्य आने कुछ कुछ साल में पांच हजार से ज्यादा पेड़ तैयार कर गिनीज़ वर्ल्ड रिकार्ड्स में अपना नाम दर्ज करना है।
By Mohit Saini
पहले ये किसान गन्ने की खेती बड़े पैमाने पर किया करते थे, लेकिन शुगर मिल द्वारा कभी भी समय पर भुगतान नहीं मिल पाता था, जिससे खर्च चलाना भी मुश्किल होता था। लेकिन पिछले कई वर्षों से अब ये किसान सब्जी जैसे लौकी, तोरी, भिंडी, अरवी, टमाटर, मिर्च जैसी फसलों की खेती कर रहे हैं।
पहले ये किसान गन्ने की खेती बड़े पैमाने पर किया करते थे, लेकिन शुगर मिल द्वारा कभी भी समय पर भुगतान नहीं मिल पाता था, जिससे खर्च चलाना भी मुश्किल होता था। लेकिन पिछले कई वर्षों से अब ये किसान सब्जी जैसे लौकी, तोरी, भिंडी, अरवी, टमाटर, मिर्च जैसी फसलों की खेती कर रहे हैं।
By Mohit Saini
By Mohit Saini
अमरोहा जिले में बड़े पैमाने पर टमाटर की खेती होती है, अब जब बाजारें खुल गईं हैं तब भी किसानों को सही दाम नहीं मिल पा रहा है।
अमरोहा जिले में बड़े पैमाने पर टमाटर की खेती होती है, अब जब बाजारें खुल गईं हैं तब भी किसानों को सही दाम नहीं मिल पा रहा है।
By Mohit Saini
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