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महिलाओं ने शुरू किया स्टार्टअप: आर्टिफिशियल ज्वेलरी से हर महीने पचास हज़ार की कमाई

Mohit SainiMohit Saini   4 Jan 2020 10:19 AM GMT

रिठानी, मेरठ (उत्तर प्रदेश)। चार साल पहले स्कूल टीचर भावना अपने सहेली के साथ स्कूल से वापस आ रही थी कि बाइक से आए लड़के उनकी सहेली के गले से सोने की चैन छीनकर भाग गए। तभी से उन्होंने सोचा क्यों ने ऐसी ज्वैलरी का इस्तेमाल किया जाए जो महिलाओं को अच्छी भी लगे और चैन स्नैचिंग से भी बचा जा सके। बस यहीं से भावना के स्टार्टअप की शुरूआत हुई।

भावना सैनी उत्तर प्रदेश के मेरठ जिला मुख्यालय से लगभग 17 किमी दूर रिठानी गाँव में वुडेन, ग्लास, स्टोन जैसी कई तरह की ज्वैलरी बनाती हैं। आज महिलाओं के साथ मिलकर उन्होंने अपना रोजगार खड़ा कर लिया है इतना ही नहीं मार्केट में दुकान लेकर अपने व्यापार को आगे बढ़ा रही हैं। चैन स्नैचिंग की घटना के बाद 2016 में उन्होंने वुडन ज्वेलर , ग्लास ज्वैलरी, स्टोन ज्वैलरी, कई प्रकार की ज्वैलरी तैयार की जिसे लोगों ने काफी सराहा। आज लगभग तीन हज़ार से भी ज्यादा अलग डिजाइन उनके पास मौजूद हैं।

भावना बताती हैं, "हम हर दिन नई डिजाइन तैयार करते हैं, जिससे महिलाएं उन्हें पसंद करें और यह सस्ती भी होती हैं। इससे कोई डर भी नहीं होता।" हस्तशिल्प में उन्हें कई पुरस्कार भी मिले हैं और आज वह अपने काम को लेकर काफी खुश भी हैं और कई महिलाओं को अपने साथ रोजगार भी दिया है।

गाँव मे महिलाओं के काम की होती है चर्चा

भावना बताती हैं, "जब 2016 में हमने इस काम की शुरुआत की थी तो लगभग 10 हज़ार रुपए की राशि से इस काम को शुरू किया था। आज हम लाखों रुपए का माल तैयार करके अन्य राज्यों में भेजते हैं, जिससे गांव में महिलाओं को रोजगार भी मिल रहा है। जो महिलाओं के परिवार के सदस्य हैं वह भी इस काम को अच्छा बता रहे हैं और हमारे गांव में चर्चा होती है तो हमें काफ़ी अच्छा लगता है कि हम समाज मे एक अच्छा काम कर रहे हैं।"


चैन स्नैचिंग की घटना से लिया था सबक

भावना कहती हैं, "मेरी सहेली के साथ जब चैन स्नैचिंग हुई थी तो काफी नुकसान हुआ था, सोने की चैन लेकर गुंडे फरार हो गए थे तभी मैंने सोचा था की हम ऐसी ज्वैलरी तैयार करेंगे जो अच्छी भी लगे और महंगी भी कम हो। आज हमने इसी प्रकार कई तरह की ज्वैलरी तैयार की है, जिसमें गले के हार वह हाथों के ब्रेसलेट बनाए जाते हैं। जल्द ही हम महिलाओं के कानों के भी ज्वैलरी तैयार करेंगे।"

खर्च काटकर के 25 से 30 हजार रुपए कमा लेते हैं

भावना आगे बताती हैं कि जो हम लोग मटेरियल दिल्ली से लाते हैं और उसे पैराशूट के धागे से तैयार किया जाता है, जिससे वह टूटे ना। सात महिलाएं हमारे यहां काम भी करती हैं उन सभी का खर्च काटकर लगभग महीने में 25 से 30 हजार रुपए कमा लेते हैं जो हमारे लिए काफी है।

कच्चे माल से तैयार करते हैं माला

भावना आगे बताती हैं कि हम कच्चा माल दिल्ली से खरीद कर लाते हैं और घर आकर उन्हें अलग अलग कर दिया जाता है और इसका धागा भी पैराशूट का होता है। जो कभी टूटने का डर नहीं होता और सुई द्वारा मालाएं तैयार की जाती है और दिमाग में अलग-अलग प्रकार के डिजाइन आते हैं और उन्हें तैयार करके ऑर्डर आने पर भेज दिया जाता है ।

70 से लेकर 500 रुपए तक की तैयार करते हैं माला

भावना आगे बताती हैं कि हम 70 से लेकर 500 रुपए तक की माला तैयार करते हैं और जो हमारे से खरीदते हैं। वह नॉर्मल रेट पर लेते हैं अगर आप मार्केट में जाकर खरीदेंगे तो यही माला आपको 100 रुपए से लेकर दो हज़ार तक बेची जाती है, जिससे दुकानदारों को भी काफी लाभ मिलता है और हमने भी दुकान शुरू की है अब महिलाएं यहां से भी खुद ले जाती हैं।

फोन पर मिलते हैं ऑर्डर डिमांड भी पूरी नहीं कर पाते

भावना आगे बताती हैं कि अब तो हमें ऑनलाइन या फोन के द्वारा ही आर्डर मिल जाते हैं उधर से मालिक बैंक में पेमेंट भेज देते हैं इधर से हम माल को कोरियर द्वारा भेज देते हैं। ज्यादातर अब फोन पर ही आर्डर मिलते हैं वैसे हमारा माल सबसे ज्यादा गोवा, मुंबई, दिल्ली जाता है।

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