World Cup 2019 IND vs AUS: इस बार बदला लेने की बारी टीम इंडिया की है

Daya SagarDaya Sagar   8 Jun 2019 11:57 AM GMT

लखनऊ। 2003 विश्व कप। जोहांसबर्ग के ऐतिहासिक मैदान पर भारत और ऑस्ट्रलिया का फाइनल मुकाबला। सौरव गांगुली की सेना विश्व कप के एक मैच को छोड़कर लगभग सभी मैचों को जीतकर फाइनल में पहुंची थी। क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर उस समय शानदार फॉर्म में थे। जहीर खान और जवागल श्रीनाथ की गेंदें दक्षिण अफ्रीका की मददगार पिचों पर आग उगल रही थी। टीम के बाकी सदस्य भी अच्छा कर रहे थे। कप्तान गांगुली ने केन्या के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में शतक जड़ा था। लेकिन टीम की एक ही कसक थी कि उसने ग्रुप मुकाबलों में ऑस्ट्रेलिया पर जीत हासिल नहीं की थी।

टीम के फॉर्म को देखते हुए लग रहा था कि फाइनल मुकाबला काफी रोमांचक होगा लेकिन बारिश से प्रभावित इस मुकाबले में टीम इंडिया कंगारू कप्तान रिकी पोंटिंग की आंधी में उड़ गई। अपने क्लासिक खेल के लिए जाने जाने वाले रिकी पोंटिंग उस समय गजब आक्रामक मूड में थे। पंटर के नाम से मशहूर पोंटिंग ने इस मैच में जब 8 छक्का जड़ा तो भारत में अफवाह उड़ गई कि पोंटिंग के बैट में स्प्रिंग लगा है।


खैर, जब कंगारू टीम ने बोर्ड पर 359 रन टांग दिए तब भी टीम इंडिया को सचिन के फॉर्म पर भरोसा था लेकिन भगवान उस मैच में चले नहीं। मैक्ग्रा पर एक चौका जड़ने के बाद वह उनके शॉर्ट पिच गेंद के फांस में आ गए और पुल करने के प्रयास में मैग्रा को ही कैच दे बैठे।

भारत को इसके बाद सिर्फ वीरेंद्र सहवाग और बारिश पर ही भरोसा था। दोनों ने उम्मीद भी जगाई लेकिन वह विश्व कप ही ऑस्ट्रेलिया का था तो उसे जीतने से कोई नहीं रोक सका।

2011 विश्व कप

इस बार मुकाबला भारत में ही था। भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों टीमें क्वार्टर फाइनल में पहुंच चुकी थी। इस नॉक आउट मुकाबले में रिकी पोंटिंग ने फिर से शतक जमाया। हालांकि इस मैच में वे उतने आक्रामक नहीं थे जितने जोहांसिबर्ग में थे। भारतीय स्पिनरों ने पोंटिंग और अन्य बल्लेबाजों को रोके रखा और आसानी से रन नहीं बनाने दिए। नतीजतन, 50 ओवर खेलने के बाद ऑस्ट्रेलिया 260 रन ही बना सकी।

अपनी धरती पर खेल रही टीम इंडिया के लिए यह स्कोर आसान था। भारत की शुरूआत भी इस मैच में अच्छी रही। सचिन तेंदुलकर और गौतम गंभीर ने अर्धशतक जड़ा लेकिन टीम इंडिया के विकेट रेगुलर इंटरवल पर गिरते रहे और भारत का स्कोर एक समय पर 187 रन पर 5 विकेट हो गया था। भारत को अभी भी 75 रन की जरूरत थी। भारत की अंतिम बैटिंग जोड़ी क्रीज पर थी। एक छोर पर पूरे विश्व कप के दौरान अच्छा प्रदर्शन करने वाले युवराज सिंह थे। कुल मिलाकर नेटवेस्ट सीरीज 2003 का माहौल बन चुका था।फर्क बस इतना था कि इस बार युवराज का साथ देने के लिए कैफ नहीं बल्कि यूपी के एक और बल्लेबाज रैना थे।


यह विश्व कप भी ऑस्ट्रेलिया और पोंटिंग का नहीं बल्कि भारत और युवराज का था। इन दोनों बल्लेबाजों ने इसके बाद एक भी विकेट नहीं गिरने दिया और भारत को 5 विकेट से जीत दिला दी। युवराज सिंह का पिच पर बैठकर बल्ले को मैदान में दे मारना और फिर सुरेश रैना को गले लगा लेना अभी भी दर्शकों के जेहन में ताजा है।

2015 विश्व कप

इसके बाद 2015 में भारत का मुकाबला सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया में हुआ था। सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर हुए इस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने 95 रन की बड़ी जीत हासिल की थी। इस मैच में स्टीव स्मिथ ने शतक जड़ा था। इस हिसाब से देखा जाए तो इस बार टीम इंडिया की बारी है, जो 2015 विश्व कप के सेमीफाइनल में मिली हार का बदला लेना चाहेंगे।

विश्व कप में हेड टू हेड

भारत और ऑस्ट्रेलिया की टीमें विश्व कप में अब तक 11 बार भिड़ चुकी हैं, जिसमें भारत को तीन और ऑस्ट्रेलिया को आठ मैचों में जीत मिली है।

इस तरह ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा विश्व कप मैचों में भारी नजर आता है। हालांकि दो मैच ऐसे रहे हैं जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने सिर्फ एक रन से जीत हासिल की है। अगर इस नजरिये से देखे तो मुकाबला बराबरी का ही है।

वर्तमान फॉर्म

अगर दोनों टीमों के वर्तमान फॉर्म को देखें तो भी मुकाबला बराबरी का नजर आता है। हाल ही में जब भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया टूर पर गई थी तो टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को वन डे सीरीज में हराया था लेकिन जब ऑस्ट्रेलियाई टीम भारत आई तो उसने टीम इंडिया को वन डे सीरीज में 3-2 से पीटा था।


ऑस्ट्रेलियाई टीम स्टीव स्मिथ, डेविड वार्नर और मिशेल स्टार्क के आने से मजबूत भी हुई है। स्टार्क ने पिछले मैच में शानदार 5 विकेट लिए थे।

पिच कंडीशन

यह मैच लंदन के ओवल मैदान में खेला जाएगा। रविवार को यहां बादल छाये रहने के अनुमान हैं। इसलिए दोनों टीमों के तेज गेंदबाजों को अतिरिक्त मदद मिलेगी। भारत को मिशेल स्टार्क और पैट कमिंस की जोड़ी से सावधान रहना होगा। वहीं ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को जसप्रीत बुमराह की आग उगलती गेंदों से बचकर रहना होगा

टीम कॉम्बिनेशन

भारतीय टीम विनिंग कॉम्बिनेशन में बदलाव के लिए जानी भी नहीं जाती है इसलिए कम ही संभावना है कि टीम में बदलाव हो। हां, प्रयोग के तौर पर टीम इंडिया इस मैच में मोहम्मद शमी को भी मौका दे सकती है। उन्होंने साल की शुरूआत में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया में शानदार गेंदबाजी की थी। वहीं परिस्थितियों को देखते हुए केदार जाधव के स्थान पर विजय शंकर या हार्दिक पांड्या को मौका मिल सकता है। हालांकि इसकी भी संभावना कम है।


वहीं कंगारू टीम इस विश्व कप के अपने पहले दो मैच जीत चुकी है। इसलिए वह भी अपने विनिंग कॉम्बिनेशन में कोई छेड़-छाड़ नहीं करना चाहेगी। कूल्टर नाइल ने पिछले मैच में बल्ले से अच्छा प्रदर्शन कर जेसन बेहरनड्रॉफ के लिए दरवाजे बंद कर दिए हैं।

संभावित एकादश/ प्लेइंग इलेवन-

भारत- रोहित शर्मा, शिखर धवन, विराट कोहली, केएल राहुल, महेंद्र सिंह धोनी, हार्दिक पांड्या, केदार जाधव, युजवेंद्र चहल, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, भुवनेश्वर कुमार/मोहम्मद शमी

ऑस्ट्रेलिया- डेविड वार्नर, एरोन फिंच, उस्मान ख्वाजा, स्टीव स्मिथ, ग्लेन मैक्सवेल, एलेक्स कैरे, मार्कस स्टोयनिस, एडम जम्पा, नाथन कूल्टर नाइल, पैट कमिंस, मिशेल स्टार्क

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