नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी: झूठ बोलना पड़ता है, क्योंकि सच की गुंजाइश ही नहीं है

"मेरे पापा की एक आदत थी। वो एक बात को दिन में 5 बार रिपीट करते थे। और मैं पांचों बार सुनकर ऐसे रिएक्शन देता था जैसे मैं उनकी बात पहली बार सुन रहा हूं। इससे वो खुश रहते थे। अगर कभी मैंने कह दिया 'आप बता तो चुके हो पहले भी' तो वो गुस्सा हो जाते थे।" -एक्टर नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी

'द स्लो इंटरव्यू विद नीलेश मिसरा' सीरीज़ में पिछले दिनों नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी के इंटरव्यू का पहला पार्ट आया था। अब इसका दूसरा पार्ट सामने आ चुका है। नवाज़ुद्दीन इस इंटरव्यू में अपने गांव के घर और अपने माता-पिता के बारे में बात करते हुए नज़र आ रहे हैं।

अपनी मां के बारे में नवाज़ुद्दीन बताते हैं, "मेरी मां बहुत ही हार्ड वर्किंग थी। मेरे अंदर उन्हीं का असर पड़ा। सुबह 4 बजे उठकर भैंसों को चारा देना, उन्हें नहलाना, हम बच्चों के लिए नाश्ता बनाना, कपड़े धोना ... रात में भी वो सबसे लेट सोती थीं। वो बच्चों को पढ़ाती थीं। 500-600 बच्चों को पढ़ाया है उन्होंने ...।"

ब्लैक फ्राईडे, पीपली लाइव, कहानी, मांझी: द माउंटेन मैन, गैंग्स ऑफ वासेपुर और नेटफ्लिक सीरीज़ 'सेक्रेड गेम्स' में अपनी ज़बरदस्त एक्टिंग से बॉलीवुड की दुनिया पर छाने वाले नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी ने इस इंटरव्यू के दोनों ही पार्ट में अपनी ज़िंदगी के कई पन्ने खोले।

इस इंटरव्यू का पहला पार्ट आप यहां देख सकते हैं


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