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आत्मनिर्भर कृषि ऐप से किसानों को मिलेंगी खेती और मौसम संबंधित जानकारियां

आत्मनिर्भर कृषि ऐप से किसानों के साथ ही कृषि विज्ञान केंद्र को भी समय-समय खेती और मौसम की जानकारियां मिलती रहेंगी, जिससे वो किसानों को बेहतर तरीके से नई जानकारी देते रहें।

आत्मनिर्भर कृषि ऐप से किसानों को मिलेंगी खेती और मौसम संबंधित जानकारियां

आत्मनिर्भर कृषि ऐप के जरिए किसानों के पास आईएमडी, इसरो, आईसीएआर और सीजीडब्ल्यूए जैसे शोध संगठनों से उपलब्ध जानकारी उपलब्ध करायी जाएगी। सभी फोटो: दिवेंद्र सिंह

किसानों को खेती-किसानी संबंधित नई जानकारियां उपलब्ध कराने के साथ ही मौसम सबंधित जानकारी देने के लिए 'आत्मनिर्भर कृषि ऐप' लॉन्च किया गया है।

आत्मनिर्भर कृषि ऐप को किसानों को कृषि संबंधित बारीक से बारीक जानकारी उपलब्ध कराने और मौसम संबंधी जानकारी व अलर्ट सुविधा देने के लिए बनाया गया है। इसके जरिए किसानों को मिट्टी के प्रकार, मिट्टी की सेहत, नमी, मौसम और पानी उपलब्धता से संबंधित आंकड़ों को एकत्र किया गया है। कृषि-जोत स्तर पर प्रत्येक किसान के लिए फसल चयन, उर्वरक आवश्यकताओं और पानी की जरूरत संबंधित जानकारियों का विश्लेषण भी ऐप पर किया गया है।

राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म 'किसान मित्र' पर विभिन्न सरकारी विभागों की योजनाओं की जानकारी अब 'आत्मनिर्भर कृषि ऐप' के माध्यम से उपलब्ध करायी जा रही है।

भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. के. विजय राघवन ने ऐप लॉन्च के मौके पर कहा, "किसान मित्र की पहल से आत्मनिर्भर कृषि ऐप के जरिए किसानों के पास आईएमडी, इसरो, आईसीएआर और सीजीडब्ल्यूए जैसे हमारे शोध संगठनों द्वारा उत्पन्न साक्ष्य-आधारित जानकारी होगी।


किसानों द्वारा फसल पैटर्न, छोटे किसानों की जोत के मशीनीकरण या पराली जलाने संबंधी फैसले, पानी एवं पर्यावरण के स्थायित्व की महत्ता व संसाधनों के विवेकपूर्ण इस्तेमाल को ध्यान में रखकर लिया जाए। किसानों के लिए बेसिक फोन पर आसान भाषा में जानकारी के साथ उपलब्ध ऐप, फैसले लेने की प्रक्रिया के दौरान समावेशिता को भी बढ़ाएगा।

भारत में कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) के लिए इस ऐप के क्या मायने हैं, इस पर प्रकाश डालते हुए आईसीएआर के उप महानिदेशक डॉ. एके सिंह ने कहा, "आत्मनिर्भर कृषि ऐप मिट्टी की सेहत, जल स्तर और मौसम पर आंकड़े एकत्र करके केवीके को जरूरी जानकारी प्रदान करेगा। जिसके जरिए मौजूदा जमीनी वास्तविकताओं के अनुसार विशेष रूप से किसानों के साथ केवीके बातचीत कर सकेंगे। केवीके किसानों के साथ बातचीत करते हुए मौजूदा फसल प्रणालियों और कृषि संबंधी परंपराओं पर मौजूद उपलब्ध जानकारी को भी एकीकृत कर सकते हैं।"

आत्मनिर्भर कृषि ऐप को किसानों को कृषि संबंधित बारीक से बारीक जानकारी उपलब्ध कराने और मौसम संबंधी जानकारी व अलर्ट सुविधा देने के लिए बनाया गया है( इसके जरिए किसानों को मिट्टी के प्रकार, मिट्टी की सेहत, नमी, मौसम और पानी उपलब्धता से संबंधित आंकड़ों को एकत्र किया गया है( टेक महिंद्रा मेकर्स लैब टीम ने आत्मनिर्भर कृषि ऐप को डिजाइन और विकसित किया है

ऐप की मुख्य विशेषताएं

भाषा को सरल बनाकर आंकड़ों को किसानों के लिए आसान बनाना है, ऐप 12 भाषाओं में उपलब्ध है।

ऐप के एंड्रॉइड और विंडोज संस्करण गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध हैं। किसान, स्टार्ट-अप, केवीके, एसएचजी या एनजीओ इसका निःशुल्क इस्तेमाल कर सकेंगे।

देश के दूर-दराज के इलाकों में कनेक्टिविटी के मुद्दों को ध्यान में रखते हुए, ऐप को न्यूनतम बैंडविड्थ पर काम करने के लिए डिजाइन किया गया है।

ऐप किसान से किसी तरह की जानकारी एकत्रित नहीं करता है। यह जरूरी आंकड़े प्रदान करने के लिए खेत की भौगोलिक स्थिति पर निर्भर है। किसी स्थान से संबंधित आंकड़े उस क्षेत्र का पिनकोड दर्ज करके एकत्र किया जा सकेगा।

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