फूलों की खेती का यह कैलेंडर काम करे आसान, कम लागत में दिलाए ज्यादा मुनाफ़ा

फूलों की खेती का यह कैलेंडर काम करे आसान, कम लागत में दिलाए ज्यादा मुनाफ़ामुनाफे के चलते फूलों की खेती का बढ़ता जा रहा है क्रेज। फोटो साभार- हैप्पो यो

मौजूदा समय में फूलों, सब्जियों और औषधीय पौधों की खेती को नगदी फसल माना जाता है। ये किसानों को ज्यादा मुनाफा देती हैं। इऩमें भी फूलों की खेती तेजी से किसानों में लोकप्रिय हुई है। गांव कनेक्शन आप को बता रहा है किस महीनें में किसान को कौन से फूल की खेती करना चाहिए। और बाकी फसलों में क्या काम करना चाहिए।

फूलों की खेती आधुनिक खेती के जरिए में एक बेहतरीन जरिया है कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने का। मगर इस खेती के लिए हर माह के अनुरूप अलग-अलग काम होतें हैं। इसकी जानकारी के अभाव में कई पुष्प किसान नुकसान उठा बैठते हैं। आइए जानें किस महीने में पुष्प की खेती में क्या काम करना होता है...

फूलों की खेती में करने वाले श्रीकांत हर साल करोड़ों की कमाई करते हैं।

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जनवरी: एल्स्ट्रोमीरिया में स्टेकिंग, कारनेशन को खेतों में लगाना। जरबेरा, लिलियम में निराई-गुड़ाई एवं पानी देना।

फरवरी: ग्लैडियोलस के घनकन्द खेतों में लगाना। गुलाब, लिलियम एवं गुलदाऊदी में खाद पानी देना। जरबेरा में व्हाईट फ्लाई के लिए स्टिकी मैट लगाना।

मार्च: एल्स्ट्रोमीरिया में तथा नर्गिस में फूल आना। एस्टर तथा गैंदे की नर्सरी डालना। कारनेशन में पहली बार नोचन।

अप्रैल: एल्स्ट्रोमीरिया, नरगिस, गुलाब, जरबेरा के फूलों की तुड़ाई। गेंदे तथा एस्टर की पौध को खेतों में लगाना।

मई: चाइना एस्टर तथा गेंदे में शीर्ष नोचन। कारनेशन में शीर्ष नोचन। गुलदाउदी की कटिंग को जड़ें बनाने के लिए डालना। ग्लेडियोलस में मिट्टी चढ़ाना। लिलियम में फूलों की तुड़ाई आरम्भ। डेफोडिल/नरगिस में पानी डालना बंद करें। गुलाब में प्रूनिंग/कांट-छांट।

जून: एल्स्ट्रोमीरिया, जरबेरा, लिलियम में फूलों की तुड़ाई। एस्टर, कारनेशन ग्लैडियोलस, गैंदे मं् सहारा देना। गुलदाउदी की जड़ वाली कटिंग्स/पौधों को खेतों में लगाना। नरगिस के बल्ब को उखाड़ना। बीजोत्पादन के उदेश्य की पूर्ति के लिए गैंदे की दूसरी फसल के लिए नर्सरी डालना।

जुलाई: ग्लैडियोलस, गैंदे तथा चाइना एस्टर में फूल आना आरम्भ। साथ-साथ कारनेशन में भी फूल आते हैं। गुलदाउदी में शीर्ष नोचन। जरबेरा के पुराने पौधों को विभाजित करके लगाए। नर्गिस के बल्ब का भंडारण। गैंदे को बीजोत्पादन के लिए पौधे खेतों में लगाना।

अगस्त: चाइना एस्टर, गेंदे, कारनेशन में फूलों की तुड़ाई। गुलदाउदी में अवांछित शाखायें हटाना। लिलियम के बल्ब को खेतों से उखाड़ना।

बाराबंकी के खेतों में उग रहे ग्लैडियोलस के फूल।

सितम्बर: गुलदाउदी के पौधों को सहारा देना तथा अवांछित कालियों को हटाना। जरबेरा के पौधों को खेत में लगाने का समय। लिलियम के बल्ब का कोल्ड स्टोर में भंडारण। चश्में चढ़ायें, गुलाब के पौधें पॉलीहाउस में लगाने का समय।

अक्टूबर: चाइना एस्टर का बीज इकट्ठा करना। एल्स्ट्रोमीरिया तथा नरगिस का खेतों में लगाने का समय। गुलदाउदी में तथा गुलाब में फूलों के आने का समय। ग्लैडियोलस में पानी देना बंद करें।

नवंबर: कारनेशन के पौधों से कटिंग लेकर जड़ें बनाने के लिए डालें। गुलदाउदी में फूलों की तुड़ाई। लिलियम को खेतों में लगाना तथा ग्लैडियोलस के कार्म उखाड़ना, गुलाब में कांट-छांट, गेंदे के बीज को एकत्रित करना।

दिसंबर: कारनेशन को खेतों में लगाना। ग्लैडियोलस के कार्म का चार डिग्री सेल्सियस पर भण्डारण करें। गुलाब में टहनियों को झुकाना/बैंडिंग।

(श्रोत: हिमांचल प्रदेश सरकार की हार्टिकल्चर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट)

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