कन्नौज में करीब 11 घंटे तक रुक-रुक कर हुई बारिश

कन्नौज में करीब 11 घंटे तक रुक-रुक कर हुई बारिशबारिश के बाद कन्नौज में हाईवे पर भरा पानी।

कन्नौज। कन्नौज में गुरुवार की रात करीब 10 बजे से जिले में रिमझिम बारिश का सिलसिला शुरु हुआ जो सुबह नौ बजे तक चलता रहा। कृषि जानकारों और किसानों के मुताबिक गेहूं में फायदा होगा, लेकिन आलू की नाली में पानी लगा तो नुकसान हो सकता है। हालांकि शहर के लोगों की समस्या बढ़ गई, जगह-जगह पानी भर गया।

जिला कृषि अधिकारी नीरज रान का कहना है कि जिन फसलों में फूल आ गया है उनको नुकसान होगा। सरसों में भी नुक्सान होगा अगर उसमे फूल लगा है। बारिश से फूल झड़ जाता है। दोबारा लगता है, लेकिन इस प्रक्रिया में समय लगता है। फसल देर से होती है। उन्होंने बताया कि गेहूं के आलावा दलहनी फसलों को फायदा होगा। उद्यान विभाग के वैज्ञानिक डॉ. अमर सिंह का कहना है, “बारिश से आलू में झुलसा रोग लग सकता है। अगर मौसम ऐसे ही 2-3 दिन और रहा तो नुकसान ज्यादा होगा। खुदाई भी प्रभावित होगी।” किसान नर्सरी को पॉलीथिन से ढक लें और पानी निकास की व्यवस्था करें। हालाँकि बड़े पैमाने पर बारिश से बचत कम ही हो सकती है।

जिला मुख्यालय से करीब 25 किमी दूर गांव खुशहाली पुरवा के निवासी किसान रामचंद्र यादव (43 वर्ष) का कहना है कि आलू की फसल को काफी नुकसान हुआ है। तिर्वा तहसील मुख्यालय से करीब 22 किमी दूर गांव जनखत के कुलदीप शास्त्री (30 वर्ष) का कहना है कि बारिश से उनकी गेहूं की फसल को फायदा हुआ है।

जिला कृषि अधिकारी का कहना है कि करीब 70 हजार हेक्टेयर जमीन में गेहूं और सात हजार हेक्टेयर जमीन पर सरसों की फसल होती है। जबकि आलू की फसल साढ़े 48 हजार हेक्टेयर जमीन में होती है।

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