बागवानी किसानों के लिए बड़े काम का है यह ऐप, मिलेंगी माैसम की सभी जानकारियां

भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान बैंगलोर ने बागवानी की खेती करने और बागवानी इच्छा रखने वालों के लिए एक एप डिजाइन किया है। अरका बागवानी (ARKA BAGWANI) नाम का यह एप तुरंत सूचना देने और ग्राहक बढ़ाने का काम काम करेगा

बागवानी किसानों के लिए बड़े काम का है यह ऐप, मिलेंगी माैसम की सभी जानकारियां

लखनऊ/नईदिल्ली। भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान बैंगलोर ने बागवानी की खेती करने और बागवानी इच्छा रखने वालों के लिए एक ऐप डिजाइन किया है। अरका बागवानी (ARKA BAGWANI) नाम का यह ऐप तुरंत सूचना देने और ग्राहक बढ़ाने का काम काम करेगा। यह एप अपने वेबसाइट्स पर उन सभी तकनीक और रिसर्च को जगह देगा जो किसानों के लिए उपयोगी हो। इस ऐप पर फसल की स्थिति है, ICAR- IIHR की मौसम संबंधी जानकारिया, लांगीट्यूड, लैटिट्यूड और अल्टीट्यूड की जानकारी भी देखी जा सकेगी।


गूगल प्ले स्टोर से किया जा सकता है डाउनलोड

ICAR-IIHR की ओर से बनाए गए इस ऐप में बागवानी को लेकर हो रहे फेयर, सीड प्लांटिंग मैटेरियल्स, किस समय कौन सी फसल की जरूरत है। यही नहीं ऐप पर फसल उत्पादन से लेकर उस रखरखाव और बचाव के तरीके, फसल पर कौन सी मशीनरी का कब उपयोग करना है इस बारे में भी जानकारी उपलब्ध होगी। ऐप पर प्लांटिंग मैटेरियल से लेकर आने वाले बागवानी के मेले तक की जानकारी ICAR-IIHR की ओर से दी जाएगी।1.9 MB की साइज का यह ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। गूगल प्ले स्टोर पर इसे 5 स्टार रेटिंग हासिल है।इसका करेंट वर्जन 1.0 जीरो है और 4.0.3 से ऊपर सभी एंडराइड मोबाइल पर यह वर्जन सपोर्ट करेगा।

ये भी पढ़ें-फूलों को सुखाने में मदद करेगा सोलर ड्रायर, नहीं खराब होगी गुणवत्ता


क्या है ICAR- IIHR?

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हॉर्टिकल्चर रिसर्च एक स्वायत्त संस्था है जो इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन आता है।किसानों में बागवानी के लिए जागरूकता फैलाने, बीजों पर रिसर्च करने, किसानों के समस्याओं को हल करने, बागवानी के लिए तरह- तरह के रिसर्च करने का काम ये संस्था करती है। ICAR- IIHR की ओर से इस ऐप को लांच करने के पीछे वजह इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हॉर्टिकल्चर रिसर्च की किसानों से एक बेहतर संबंध बनाने की है ताकि किसानों तक बागवानी को लेकर नई नई सूचनाएं और तकनीक पहुंच सके और किसान उसका लाभ उठा सकें।

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top