टमाटर की खेती ने बदली किसानों की किस्मत

टमाटर की खेती ने बदली किसानों की किस्मतप्रतीकात्मक फोटो।

नोट- ये खब़र मूलरुप से ये ख़बर 2016 में प्रकाशित की गई थी, जिस वक्त टमाटार के भाव काफी महंगे थे

लखनऊ। उत्तर प्रदेश का एक गाँव ऐसा भी है, जहां पर टमाटर की खेती ने किसानों की किस्मत पलट दी है। टमाटर की खेती ने इस गाँव के किसानों को न सिर्फ देश में नई पहचान दिलाई है, बल्कि इसी खेती से सलाना करोड़ रुपये की कमाई भी होती है। जानते हैं उत्तर प्रदेश में यह गाँव कहां है? आइये आपको बताते हैं कि इस गाँव के बारे में जिसने देश के कोने-कोने में सिर्फ टमाटर की खेती से सफलता के झंडे गाड़ दिये हैं।

इस गाँव का नाम है सलारपुर खालसा

उत्तर प्रदेश में इस गाँव का नाम सलारपुर खालसा है। यह गाँव प्रदेश के अमरोहा जनपद के जोया विकास खंड क्षेत्र में पड़ता है। मुख्य रूप से इस गाँव के किसान टमाटर की खेती ही करते हैं और अच्छी बात यह है कि इस खेती के जरिये वे सलाना 60 करोड़ की कमाई भी करते हैं। इस गाँव की आबादी 3500 है और यहां पर लगभग सभी टमाटर की खेती करते हैं। ऐसे में यूपी ही नहीं, बल्कि देश में भी सलारपुर खालसा गाँव टमाटर की खेती के मामले में अव्वल है।

ऐसे हुई इस गाँव में टमाटर की खेती की शुरुआत

एक हिंदी वेबसाइट की मानें तो असल में वर्ष 1998 में टमाटर की खेती इस गाँव में शुरू हुई। गाँव में इस खेती को बढ़ावा देने के लिए टमाटर बीज और कीटनाशक बनाने वाली कई कंपनियों ने इस गाँव की ओर रुख किया। तब किसानों में खेती के प्रति जिज्ञासा देखकर कुछ कंपनियों ने किसानों को अन्य शहरों में टमाटर की खेती को प्रशिक्षण के लिए भेजा। तब गाँव के और भी किसानों ने टमाटर की खेती करनी शुरू कर दी और यही से किसानों की किस्मत पलटनी शुरू हो गई। धीरे-धीरे लगभग सभी किसान टमाटर की खेती से जुड़ गये और आज पांच महीने के सीजन में टमाटर की खेती के मामले में इस गाँव की अलग पहचान है।

1000 हेक्टेयर भूमि पर होती है टमाटर की खेती

सलारपुर खालसा गाँव के किसानों से प्रेरणा लेते हुए आस-पास के गाँव के किसानों ने भी टमाटर की खेती करना शुरू कर दी। सलारपुर खालसा गाँव समेत जमापुर, सूदनपुर और अंबेडकरनगर गाँव में अब 1000 हेक्टेयर भूमि पर टमाटर की खेती होती है और साल दर साल इसका क्षेत्रफल फैलता ही जा रहा है। मजेदार बात यह है कि पूरे अमरोहा जनपद में 1200 हेक्टेयर भूमि पर टमाटर की खेती होती है। वहीं, इस गाँव के किसान सिर्फ टमाटर से ही नहीं, बल्कि टमाटर के बीज की बड़ी संख्या में बिक्री भी करते हैं।

30 गाँवों के लोगों को रोजगार देता है यह गाँव

अच्छी बात यह भी है कि इस गाँव में टमाटर की खेती से लगभग 30 गाँवों के लोगों को रोजगार भी मिलता है। जब गाँव में फसल पक कर तैयार हो जाती है और बेचने के लिए तैयार होती है, तब यहां जनपद के 30 गाँवों के लोग रोजगार के लिए दौड़ पड़ते हैं। दिहाड़ी पर काम करने वाले किसान यहां अच्छी मजदूरी कमा लेते हैं। यही कारण है कि मुरादाबाद मंडल में यह गाँव टमाटर की खेती करके 60 करोड़ रुपये से ऊपर कमाई करता है। शायद ही देश का कोई ऐसा कोना हो, जहां इस गाँव टमाटर नहीं पहुंचता हो।

नोट- ये खब़र मूलरुप से ये ख़बर 2016 में प्रकाशित की गई थी, जिस वक्त टमाटार के भाव काफी महंगे थे

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