हरियाणा में गेहूं खरीद के नियमों को लेकर किसानों का प्रदर्शन, जाम की सड़कें, पोर्टल की दिक्कतों पर जताया विरोध
Gaon Connection | Apr 11, 2026, 18:02 IST
हरियाणा में गेहूं खरीद को लेकर किसानों ने सड़कों पर उतरकर विरोध जताया है। ऑनलाइन पोर्टल की खामियों और भुगतान में देरी से किसान परेशान हैं। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेतृत्व में यह प्रदर्शन किया गया। सरकार ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया है।
हरियाणा में गेहूं खरीद को लेकर सड़कों पर उतरे किसान
हरियाणा में गेहूं की खरीद और ऑनलाइन पोर्टल से जुड़ी समस्याओं को लेकर किसानों ने शनिवार को कई स्थानों पर सड़कों को जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले जुटे किसानों ने नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि ऑनलाइन सिस्टम में तकनीकी खामियां और बैंक खातों से जुड़ी दिक्कतों के कारण उन्हें अपनी उपज बेचने और भुगतान पाने में देरी हो रही है, जिससे वे परेशान हैं।
यूनियन नेता सिंगारा सिंह ने बताया कि यह प्रदर्शन बीकेयू नेता राकेश टिकैत द्वारा हाल ही में नारायणगढ़ में आयोजित महापंचायत में की गई घोषणा के तहत किया गया है। उन्होंने दावा किया कि जमीन के मालिकाना हक से जुड़े मुद्दे और जटिल नियमों ने किसानों की स्थिति को और खराब कर दिया है। किसानों का आरोप है कि उनकी मांगों को पिछले कई वर्षों से नजरअंदाज किया जा रहा है और यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अनाज मंडियों के पास पुलिस बल तैनात किया गया। राज्य के विभिन्न स्थानों पर बड़ी संख्या में किसानों ने इस विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। इस बीच, सरकार ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रदर्शन के दौरान यातायात सुचारु रूप से चलता रहे। साथ ही मंडी गेट, हाईवे और टोल प्लाजा जैसे संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, पुलिस महानिदेशक ने भी निर्देश दिए हैं कि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही और गेहूं खरीद प्रक्रिया बिना किसी बाधा के जारी रहे, ताकि स्थिति नियंत्रण में बनी रहे।
हरियाणा में गेहूं की सरकारी खरीद 1 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है। इस बार सरकार ने नए नियम लागू किए हैं, जिनके तहत किसानों को ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है। मंडी में फसल बेचने के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन जरूरी है। इसके अलावा ट्रैक्टर-ट्रॉली के लिए वाहन नंबर और गेट पर फोटो रिकॉर्ड भी अनिवार्य किया गया है। भीड़ नियंत्रण के लिए स्लॉट सिस्टम लागू किया गया है और पूरी प्रक्रिया ई-खरीद प्रणाली से जुड़ी है, जिससे भुगतान सीधे बैंक खाते में होता है।