Wheat Procurement: किसानों के लिए राहत, हरियाणा के बाद अब इस राज्य में भी 70% तक खराब चमक वाले गेहूं की MSP पर होगी खरीद
Gaon Connection | Apr 18, 2026, 12:21 IST
बेमौसम बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया था। अब भारत सरकार ने पंजाब और चंडीगढ़ में गेहूं खरीद के नियमों में ढील दी है। खराब गुणवत्ता वाले गेहूं की भी सरकारी खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर होगी। इससे किसानों को नुकसान से बचाया जा सकेगा। भुगतान और उठान भी समय पर होगा।
गेहूं के दानों की जांच करता किसान
बेमौसम बारिश ने इस बार किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया, लेकिन अब राहत की खबर आई है। भारत सरकार ने पंजाब और चंडीगढ़ में गेहूं खरीद के नियमों में ढील दे दी है, ठीक वैसे ही जैसे पहले हरियाणा में दी गई थी। इससे खराब गुणवत्ता वाले गेहूं की भी सरकारी खरीद संभव हो सकेगी और किसानों को नुकसान से कुछ राहत मिलेगी। इस फैसले से लाखों किसानों को अपनी खराब हुई फसल भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बेचने का रास्ता मिल गया है।
बारिश के असर से गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित होने को देखते हुए सरकार ने खरीद मानकों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। ‘लस्टर लॉस’ यानी दानों की चमक कम होने की सीमा को बढ़ाकर 70 प्रतिशत तक कर दिया गया है। यह राहत पहले हरियाणा में लागू की गई थी और अब पंजाब में भी इसे लागू कर दिया गया है, ताकि दोनों राज्यों के किसानों को समान लाभ मिल सके। इसके अलावा, सिकुड़े और टूटे दानों की सीमा को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है।
सरकार ने साफ किया है कि इन नई शर्तों के तहत भी किसानों से गेहूं की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर ही होगी। इस सीजन के लिए MSP 2,585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो पिछले साल की तुलना में 160 रुपये ज्यादा है। इससे किसानों को नुकसान की भरपाई में मदद मिलेगी और उन्हें कम दाम पर मजबूरी में फसल बेचने से बचाया जा सकेगा।
साथ ही खरीद प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं। अधिकारियों को कहा गया है कि खरीदी गई फसल का उठान 72 घंटे के भीतर सुनिश्चित किया जाए, जबकि किसानों के खातों में भुगतान 48 घंटे के अंदर किया जाए। माना जा रहा है कि पंजाब, हरियाणा और आसपास के राज्यों में बारिश से हुए नुकसान के बाद यह फैसला किसानों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।