पिछले सात साल से यहाँ के स्टेडियम को है कोच का इंतजार 

पिछले सात साल से यहाँ के स्टेडियम को है कोच का इंतजार जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता से ये ग्रामीण स्टेडियम बदहाली का शिकार हो गए हैं।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

रायबरेली। ग्रामीण क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को तरासने व खेलों के प्रति बढ़ावा देने की मंशा से सरकार ने ग्रामीण इलाकों में लाखों रुपए खर्च करके ग्रामीण स्टेडियम का निर्माण कराया था, लेकिन देखरेख के अभाव और जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता से ये ग्रामीण स्टेडियम बदहाली का शिकार हो गए हैं।

जनपद के महराजगंज ब्लाक में सलेथु ग्रामसभा की जमीन में वर्ष 2009 और वर्ष 2010 में तत्कालीन सरकार ने एक ग्रामीण स्टेडियम का निर्माण कराया था, जिसमें तीस लाख रुपए खर्च किए गए थे। सलेथू ग्रामसभा के ग्राम प्रधान जयप्रकाश साहू (40 वर्ष) बताते हैं, “सरकार ने खेल सामग्री में कोई कमी नहीं की। वालीबॉल, फुटबॉल से लेकर जिम व हॉकी, क्रिकेट के अलावा विभिन्न खेलों की सामग्री भेजी गईं। कमी बची तो सिर्फ कोच की। बिना कोच के खेल सिखाने वाला कोई नहीं था। कोच की तैनाती आज तक नहीं हो सकी।”

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वहीं क्षेत्र के खिलाड़ी आलोक द्विवेदी (25 वर्ष) बताते हैं, “अनेक बार यहां कोच तैनात करने की मांग शासन और प्रशासन से की गई। कोच की तैनाती नहीं हो सकी। मौजूदा समय में इस स्टेडियम में तीन पीआरडी के जवान तैनात हैं जो भवन की सुरक्षा करते हैं।”

वहीं स्थानीय ग्रामीण खिलाड़ी शिवलाल ने बताया, “छत के ऊपर रखी टीन गायब हो चुकी है। सारा सामान एक कमरे में कबाड़ की तरह भरा है। मैदान में गड्ढे और खर-पतवार का जंगल जैसा हो गया है।”

जिला क्रीडा अधिकारी, नसरीन बानो ने बताया,पूरी तरह बदहाल स्टेडियम की मरम्मत के लिए तैयारी की जा रही है। इसकी हालत की रिपोर्ट के अलावा सरकार को खर्च का इस्टीमेट भेजा गया है। साथ ही दो महिला कोच सहित कुल चार कोच की मांग भी शासन से की गई है।

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